क्या बाजार में एंट्री करने का मौका आ गया? कहां लगाना है पैसा? निवेशकों के लिए अनिल सिंघवी ने पूछे ये 4 सवाल

बीते 30 दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी 50 इंडेक्स भारी गिरावट दिखी. बाजार इतने गिर चुके हैं कि वैल्युएशन्स काफी आकर्षित हैं. ऐसे में क्या निवेशकों को बाजार में एंट्री लेनी चाहिए?
क्या बाजार में एंट्री करने का मौका आ गया? कहां लगाना है पैसा? निवेशकों के लिए अनिल सिंघवी ने पूछे ये 4 सवाल

बाजार में वैल्युएशन्स काफी आकर्षित हो चुके हैं, ऐसे में निवेशकों को कहां पैसा लगाना चाहिए? (फाइल फोटो)

बीते 30 दिनों से अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध चल रहा है. इस युद्ध का बुरा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है. बीते एक महीने की रिटर्न देखें तो सेंसेक्स 10.33 फीसदी तक टूटा है और निफ्टी 50 इंडेक्स ने भी इतनी ही गिरावट दर्ज की है. बाजार में ऊपरी स्तर से काफी ज्यादा करेक्शन हो चुका है. ऐसे में निवेशकों के पास एंट्री करने का भी बढ़िया मौका है, क्योंकि वैल्युएशन्स बहुत आकर्षित हो गए हैं.

अब आगे निवेशकों को बाजार में क्या करना चाहिए, इसके लिए मार्केट गुरु अनिल सिंघवी (Anil Singhvi) ने TRUST म्यूचुअल फंड के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर मिहिर वोरा से खास बातचीत की. इस बातचीत में, बाजार के हर पहलू को लेकर चर्चा हुई. हालांकि इस बातचीत को हमने यहां सवाल-जवाब के फॉर्मेट में तैयार किया है.

सवाल 1 - क्या बाजार ऐसे लेवल पर आ चुका है, जहां एंट्री की जा सकती है?

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जवाब - इस सवाल पर उन्होंने कहा कि बाजार के लेवल्स ज्यादा अहम नहीं है बल्कि बाजार की दिशा ज्यादा अहम है. जितना लंबा युद्ध चलेगा, उतनी ही अनिश्चितताएं बढ़ेंगी. उन्होंने आगे कहा कि इस समय इस बात पर फोकस करना है कि कौन-से स्टॉक्स पर इस स्थिति का कम असर पड़ेगा.

सवाल 2 - क्या कच्चा तेल अभी और उछलेगा?

जवाब - इस सवाल पर मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि प्राइस से ज्यादा रिजर्व की चिंता ज्यादा है. भारत की स्थिति थोड़ी बेहतर है लेकिन ग्लोबल लेवल पर बफर स्टॉक्स कम हो रहे हैं. पेट्रोलियम रिजर्व्स कम हो रहे हैं. तो इससे GDP पर असर काफी ज्यादा हो सकता है.

उन्होंने आगे कहा कि अगर ये एक-दो हफ्ते में स्थिति काबू में आती है तब ठीक है लेकिन अगर ये लंबा चला तो स्थिति और भी खराब हो सकती है.

सवाल 3 - क्या FIIs की बिकवाली रुकेगी?

जवाब - मिहिर वोरा ने कहा कि अगर ये युद्ध नहीं होता तो भारत की स्थिति बेहतर थी. क्योंकि भारत सरकार ने डेटा सेंटर के लिए काफी कुछ ऐलान किया था और अमेरिका में एआई की हाइप बहुत ज्यादा थी, वो वहां से कम होती है तो इसका फायदा भारत को मिलता.

उन्होंने आगे कहा कि जब आसपास निगेटिव चीजें होती हैं तो करेंसी पर इसका असर पड़ता है.हालांकि RBI ने सख्त कदम उठाए. स्थिति काफी हद तक कंट्रोल की जा रही है. मैक्रों इकोनॉमिक्स फैक्टर विदेशी निवेशकों को बाजार में वापस लेकर आ सकते हैं.

सवाल 4 - कहां पैसा लगाना चाहिए?

जवाब - दो तरीके से मार्केट में पैसा लगाया जा सकता है. जो सेक्टर आउटपरफॉर्म करते हैं, उसमें ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर हैं. इन सेक्टर में लॉन्ग टर्म में फायदा मिल सकता है. लेकिन वो शेयर, जिसमें यूएस एक्सपोजर है वो अच्छा परफॉर्म करेंगे. इसमें आईटी स्टॉक्स शामिल हैं. इसके अलावा फार्मा और ऑयल सेक्टर पर भी नजर रखी जा सकती है.

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FAQs

1. क्या मौजूदा स्तर पर बाजार में एंट्री करना सही रहेगा?

मार्केट एक्सपर्ट मिहिर वोरा के मुताबिक, सिर्फ लेवल नहीं बल्कि बाजार की दिशा ज्यादा अहम है. युद्ध जितना लंबा चलेगा, उतनी अनिश्चितता बढ़ेगी. ऐसे में उन स्टॉक्स पर फोकस करना चाहिए, जिन पर असर कम पड़े.

2. अमेरिका-ईरान युद्ध का भारतीय बाजार पर कितना असर पड़ा है?

पिछले 30 दिनों में BSE सेंसेक्स करीब 10.33% गिरा है, वहीं Nifty 50 में भी लगभग इतनी ही गिरावट आई है. इससे बाजार में बड़ा करेक्शन देखने को मिला है.

3. क्या कच्चे तेल की कीमतें आगे और बढ़ सकती हैं?

एक्सपर्ट के मुताबिक, कीमत से ज्यादा चिंता ग्लोबल रिजर्व्स की है. अगर पेट्रोलियम स्टॉक्स घटते हैं, तो इसका असर GDP पर पड़ सकता है.

4. क्या विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली रुकेगी?

अगर ग्लोबल तनाव कम होता है और मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स मजबूत रहते हैं, तो FIIs की वापसी संभव है. रिजर्व बैंक के कदमों से स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित है.

5. इस समय किन सेक्टर्स में निवेश करना बेहतर रहेगा?

एक्सपर्ट के अनुसार ऑटो, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर लॉन्ग टर्म में बेहतर रह सकते हैं. वहीं IT, फार्मा और ऑयल सेक्टर पर भी नजर रखनी चाहिए, खासकर जिनका US एक्सपोजर ज्यादा है.

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