गुरुवार को मार्केट में टिकेगी रिकवरी? इन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर, एक्सपर्ट ने कहा- बाजार खुलते ही खरीद लें ये 2 शेयर

शुरुआती दबाव, एफआईआई बिकवाली, कमजोर रुपये और बढ़ते कच्चे तेल के बीच बाजार ने जिस तरह वापसी की, उसने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. अब सवाल यह है कि क्या यह रिकवरी गुरुवार को भी जारी रह सकती है?
गुरुवार को मार्केट में टिकेगी रिकवरी? इन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर, एक्सपर्ट ने कहा- बाजार खुलते ही खरीद लें ये 2 शेयर

बुधवार की रिकवरी के बाद गुरुवार के ट्रेड की तैयारी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शेयर बाजार ने बुधवार को भले ही कमजोरी के साथ कारोबार खत्म किया हो, लेकिन दिन की सबसे बड़ी कहानी निचले स्तरों से आई दमदार रिकवरी रही. शुरुआती दबाव, एफआईआई बिकवाली, कमजोर रुपये और बढ़ते कच्चे तेल के बीच बाजार ने जिस तरह वापसी की, उसने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. अब सवाल यह है कि क्या यह रिकवरी गुरुवार को भी जारी रह सकती है?

दिनभर दबाव में रहा बाजार, लेकिन आखिरी घंटों में पलटा खेल

बुधवार को बाजार की शुरुआत कमजोर रही. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और रुपये की कमजोरी ने सेंटीमेंट पर दबाव बनाया. हालांकि अंतिम घंटों में खरीदारी लौटने से बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाई. दिन के निचले स्तर से निफ्टी ने करीब 237 अंक और सेंसेक्स ने लगभग 850 अंक की रिकवरी दर्ज की. बैंकिंग शेयरों में खरीदारी सबसे ज्यादा देखने को मिली.

बाजार पर दबाव क्यों बना?

मार्केट गुरु अनिल सिंघवी के मुताबिक बाजार के सामने कई निगेटिव फैक्टर एक साथ मौजूद थे. पहला, एफआईआई की नकद बाजार में लगातार बिकवाली. दूसरा, कच्चे तेल की कीमतों का 97-98 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचना. तीसरा, रुपये की कमजोरी.

रुपया लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ और डॉलर के मुकाबले 44 पैसे कमजोर होकर 95.71 के स्तर पर पहुंच गया. इसके अलावा निवेशकों को यह चिंता भी है कि विदेशी निवेशक इंडेक्स फ्यूचर्स में पिछले छह महीनों के सबसे निचले लॉन्ग पोजिशन स्तर पर पहुंच गए हैं.

सकारात्मक खबरों ने भी दिया सहारा

बाजार को कुछ अहम खबरों से समर्थन मिला. सरकार ने एटीएफ (Aviation Turbine Fuel) कीमतों को स्थिर रखने के लिए ₹10,000 करोड़ के प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड को मंजूरी दी. इससे एयरलाइन कंपनियों पर लागत का दबाव कम होने की उम्मीद है.

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में पुराने BS6 बसों और ट्रकों को बदलने के लिए ₹541 करोड़ की मंजूरी भी दी गई. एक और सकारात्मक संकेत भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आया. भारत में अमेरिकी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर 99% मामलों में सहमति बन चुकी है और जल्द प्रगति देखने को मिल सकती है.

गुरुवार के लिए क्या है बाजार का संकेत?

बाजार की रिकवरी यह संकेत देती है कि निचले स्तरों पर खरीदारी अभी भी मजबूत बनी हुई है. खासकर बैंकिंग शेयरों में आई तेजी ने बाजार को सहारा दिया है. हालांकि निवेशकों को अभी भी तीन बड़े फैक्टर्स पर नजर रखनी होगी:

  • FIIs की खरीदारी या बिकवाली
  • कच्चे तेल की कीमतों की चाल
  • रुपये की मजबूती या कमजोरी

यदि इन मोर्चों पर राहत मिलती है तो गुरुवार को बाजार में और बेहतर रिकवरी देखने को मिल सकती है.

कौन से शेयर खरीदें?

Fiem Industry Share Price

मार्केट एक्सपर्ट सुदीप बंदोपाध्याय का मानना है कि ऑटो एंसिलरी सेक्टर में अभी भी मजबूत अवसर मौजूद हैं. Fiem Industry में खरीदारी की राय है. उनके मुताबिक टू-व्हीलर इंडस्ट्री में तेजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बढ़ती हिस्सेदारी और लेड आधारित उत्पादों की मांग से कंपनी को फायदा मिल रहा है. कंपनी धीरे-धीरे फोर-व्हीलर सेगमेंट में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है और उसे महिंद्रा, टाटा मोटर्स और टीवीएस मोटर जैसे बड़े ग्राहकों से कारोबार मिल रहा है. एक्सपर्ट ने इस शेयर में एक साल के नजरिए से ₹3,000 का लक्ष्य दिया है.

Lemon Tree Hotels Share Price

सुदीप बंदोपाध्याय की दूसरी पसंद होटल सेक्टर से है. उनका कहना है कि देश में ट्रैवल और टूरिज्म गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण घरेलू पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है. ऐसे माहौल में Lemon Tree Hotels को सीधा फायदा मिल सकता है.

कंपनी की मौजूदगी देशभर में है और यह मिड-बजट से लेकर प्रीमियम ग्राहकों तक को सेवाएं देती है. खासतौर पर मिड-मार्केट सेगमेंट में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है. इस शेयर के लिए ₹150 का एक साल का लक्ष्य दिया है.

निवेशक क्या रखें रणनीति?

बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बुधवार की रिकवरी यह संकेत देती है कि निवेशक अभी भी गिरावट पर खरीदारी कर रहे हैं. बैंकिंग, होटल और चुनिंदा ऑटो शेयरों में मजबूती देखने को मिल सकती है. गुरुवार के कारोबार में एफआईआई फ्लो, रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे. ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए मजबूत सेक्टर्स और गुणवत्ता वाले शेयरों पर नजर बनाए रखनी चाहिए.

Add Zee Business as a Preferred Source
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6