Stock Market Highlights: लगातार दूसरे दिन लाल निशान में रहा बाजार, निफ्टी 53 अंक टूटकर 23161 पर बंद

Stock Market Highlights: गुरुवार को निफ्टी 53 अंक टूटकर 23161 और सेंसेक्स 150 अंक टूटकर 73832 पर बंद हुआ. आज आईटी इंडेक्स में सबसे अधिक गिरावट रही जबकि मीडिया इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई.
Stock Market Highlights: लगातार दूसरे दिन लाल निशान में रहा बाजार, निफ्टी 53 अंक टूटकर 23161 पर बंद

सांकेतिक तस्वीर (Image Source- Canva)

Stock Market Highlights: गुरुवार के सेशन में बाजार में भारी उठापटक देखने को मिला और अंत में निफ्टी 53 अंक टूटकर 23161 और सेंसेक्स 150 अंक टूटकर 73832 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान निफ्टी ने इंट्राडे में 23327 का हाई और 23072 का लो बनाया. रुपए में गिरावट का सिलसिला बरकरार है और यह डॉलर के मुकाबले 49 पैसे टूटकर 95.76 पर बंद हुआ.

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो FMCG, आईटी, पीएसयू बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे अधिक गिरावट रही. वहीं, मीडिया इंडेक्स में पौने दो फीसदी की तेजी रही. इसके अलावा फार्मा, प्राइवेट बैंक और हेल्थकेयर इंडेक्स भी हरे निशान में बंद हुए.

Nifty 50 लूजर्स (-1.94% to -1.60)

  • Adani Ports
  • HCL tech
  • Eternal
  • Trent

Nifty 50 गेनर्स (+1.07% to +1.94%)

  • ICICI bank
  • M&M
  • Kotak Bank
  • JSW Steel

कैसा खुला था बाजार?

भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव बना रहा. बीएसई सेंसेक्स 73,983.18 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 73,615.99 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 23,214.95 से गिरकर 23,104.40 पर खुला और बाद में 23,100 के स्तर के नीचे पहुंच गया.

बैंकिंग, FMCG और खासकर IT सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली, जहां निफ्टी IT इंडेक्स 28,279.90 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 27,888.00 पर खुला. टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचसीएल टेक और टीसीएस जैसे IT शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार का सेंटीमेंट दबाव में रहा. वहीं अधिकांश बड़े शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए, जबकि चुनिंदा शेयरों में ही बढ़त देखने को मिली.

Gift Nifty दे रहा था कमजोर शुरुआत का संकेत

Gift Nifty करीब 23,198 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. यह पिछले बंद स्तर के मुकाबले करीब 42 अंक नीचे था. इससे संकेत मिल रहा है कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है.

एशियाई बाजारों में दिखी बड़ी गिरावट

गुरुवार को एशियाई बाजारों में बिकवाली देखने को मिली. जापान का Nikkei 225 करीब 2.3 फीसदी गिर गया, जबकि Topix में 1.9 फीसदी की कमजोरी रही. दक्षिण कोरिया का Kospi 4.1 फीसदी टूट गया और Kosdaq में 2.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. हांगकांग के बाजारों से भी कमजोर शुरुआत के संकेत मिले.

वॉल स्ट्रीट में भारी बिकवाली

अमेरिकी बाजार भी दबाव में रहे. Dow Jones करीब 953 अंक टूट गया. S&P 500 में 1.62 फीसदी और Nasdaq में करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. टेक्नोलॉजी शेयरों में ज्यादा दबाव देखने को मिला. Nvidia, AMD, Broadcom, Microsoft, Amazon, Meta, Alphabet और Tesla जैसे बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.

US-Iran तनाव ने बढ़ाई चिंता

अमेरिका ने ईरान पर नए हमले किए हैं. इसके जवाब में ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है. तनाव बढ़ने के बाद निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई है. यही वजह है कि वैश्विक बाजारों में भी इसका असर देखने को मिला.

अमेरिका में बढ़ी महंगाई

मई महीने में अमेरिका की महंगाई दर 4.2 फीसदी रही. यह पिछले तीन साल में सबसे तेज बढ़ोतरी बताई जा रही है. अप्रैल में यह आंकड़ा 3.8 फीसदी था. बढ़ती महंगाई ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इससे ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं.

Oracle के नतीजों पर भी नजर

Oracle ने चौथी तिमाही में 19.18 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो बाजार के अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा. हालांकि कंपनी के भविष्य के खर्च और फंड जुटाने की योजना को लेकर निवेशकों ने सावधानी दिखाई. इसके बाद कंपनी के शेयरों में आफ्टर-मार्केट ट्रेडिंग के दौरान 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई.

बॉन्ड यील्ड में आई तेजी

अमेरिका में महंगाई बढ़ने के बाद सरकारी बॉन्ड की यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई. 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.548 फीसदी तक पहुंच गई. जापान के बॉन्ड बाजार में भी इसी तरह का रुख देखने को मिला, जहां यील्ड में बढ़ोतरी दर्ज की गई.

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

ईरान द्वारा Strait of Hormuz बंद करने की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया. Brent Crude करीब 95.40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि WTI Crude 92.63 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा. तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता बढ़ा सकती हैं.

सोने की कीमतों में गिरावट

महंगाई और ऊंची ब्याज दरों की चिंता के बीच सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. स्पॉट गोल्ड 4,063.87 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी कमजोरी देखने को मिली. चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई.

डॉलर रहा मजबूत

अमेरिकी डॉलर में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा, लेकिन यह मजबूत बना रहा. डॉलर इंडेक्स 100 के आसपास बना रहा, जबकि जापानी येन के मुकाबले डॉलर में हल्की मजबूती देखी गई.

बाजार की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर

आज बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाओं पर निर्भर रह सकती है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी बाजारों की कमजोरी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं. ऐसे में बाजार खुलने के बाद निवेशकों की नजर हर बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बनी रह सकती है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 Gift Nifty क्या होता है?

Gift Nifty एक ऐसा इंडेक्स है जो भारतीय बाजार खुलने से पहले संभावित रुख का संकेत देता है.

Q2 कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का शेयर बाजार पर क्या असर पड़ता है?

तेल महंगा होने पर कई कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हो सकती है.

Q3 विदेशी बाजार भारतीय शेयर बाजार को कैसे प्रभावित करते हैं?

वैश्विक बाजारों का रुख निवेशकों के भरोसे और निवेश के फैसलों पर असर डाल सकता है.

Q4 बॉन्ड यील्ड बढ़ने को निवेशक क्यों देखते हैं?

बॉन्ड यील्ड से ब्याज दरों और निवेश के माहौल का अंदाजा लगाया जाता है.

Q5 बाजार में उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों को क्या करना चाहिए?

ऐसे समय में निवेशक आमतौर पर बाजार की खबरों और आर्थिक संकेतों पर करीबी नजर रखते हैं.

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