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Stock Market Highlights: शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है. ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद बाजार में बिकवाली की आंधी आई और आखिरकार निफ्टी 345 अंक टूटकर 23000 के नीचे 22904 पर बंद हुआ. सेंसेक्स 930 अंक यानी सवा फीसदी टूटकर 75365 पर बंद हुआ. मिडकैप इंडेक्स में करीब 3% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 3.5% के करीब गिरावट दर्ज की गई. हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं. ऑटो इंडेक्स में 2.7%, आईटी इंडेक्स में 3.58%, मेटल्स में 6.5%, फार्मा में 4% की गिरावट दर्ज की गई. पूरे हफ्ते की बात करें तो निफ्टी 50 में 36 स्टॉक्स ने निगेटिव रिटर्न दिया है. इनमें से 14 स्टॉक्स 5% से अधिक टूटे हैं.
ग्लोबल बाजारों में जारी बिकवाली के बीच शुक्रवार को घरेलू बाजार भी गिरावट के साथ खुले हैं. हालांकि, गिरावट उतनी ज्यादा नहीं रही. ओपनिंग में सेंसेक्स करीब 200 अंक गिरकर खुला था. निफ्टी भी 80 अंक नीचे था. लेकिन बैंक निफ्टी में 130 अंकों की तेजी थी. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स भी 100 अंकों से ज्यादा नीचे दिखा. हालांकि, इसके बाद गिरावट थोड़ी बढ़ती नजर आई. सेंसेक्स में 400 अंकों की गिरावट आई थी. निफ्टी 200 अंक गिर गया था. वहीं, मिडकैप 700 अंक गिर गया था. स्मॉलकैप इंडेक्स भी 230 अंक गिरा हुआ था. निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 780 अंकों की गिरावट थी.
आज गिरावट के 5 बड़े कारण
1. अमेरिकी बाजार उम्मीद से ज्यादा गिर गए
2. इक्विटी ही नहीं सभी एसेट क्लास में तेज बिकवाली
3. डाओ फ्यूचर्स, नैस्डैक फ्यूचर्स में भी तगड़ी कमजोरी
4. अब फार्मा पर भी टैरिफ लगने का डर
5. कल की रिकवरी में ना FIIs ने खरीदा, ना घरेलू फंड्स ने
क्या आज 23000 के नीचे होंगे बंद?
काफी वक्त बाजार ने 23000 के नीचे बिताया
वैसे ज्यादा अहम लेवल 22800 है
लेकिन 23000 के नीचे बंद होने पर मूड होता है खराब
उम्मीद है 22800-23000 की रेंज को होल्ड करेगा निफ्टी
बैंक निफ्टी 51675 के ऊपर बंद हुआ तो मानेंगे मजबूत क्लोजिंग
47000 से हुई रिकवरी में अब तक 51607 की highest क्लोजिंग
अब तक मजबूत बैंक निफ्टी दे सकता है दमदार क्लोजिंग
मिड-स्मॉलकैप शेयरों में क्यों है खून-खराबा?
वैसे तो निफ्टी भी कम कमजोर नहीं
लेकिन निफ्टी के बाहर के शेयरों में भी तेज गिरावट
यही वजह है कि मिड-स्मॉलकैप इंडेक्स दिख रहे हैं ज्यादा कमजोर
फार्मा शेयरों पर टैरिफ के डर से आई नई और तेज बिकवाली
कल बचे रहे मेटल, ऑटो, ऑटो एंसिलरी सेक्टर भी आज गिर गए
IT तो कमजोर था और कमजोर है ही
सिर्फ दो ही तरह के सेक्टर हैं मजबूत
1. जिन्हें कच्चे तेल की गिरावट से होता है फायदा जैसे तेल, पेंट और एविएशन कंपनियां
2. वो कंपनियां जिनका कारोबार सिर्फ भारत में, अमेरिका से कोई लेना-देना नहीं
कुछ समय तक SELL GLOBAL, BUY LOCAL की स्ट्रैटजी करेगी काम
निफ्टी पर सबसे ज्यादा गिरावट ONGC, Hindalco, Tata Motors, Infosys, Bajaj Auto में सबसे ज्यादा गिरावट थी. निफ्टी के 50 शेयरों में से बस HDFC Bank, M&M, Bajaj Finance, Bharti Airtel, HDFC Life, Bajaj Finserv में तेजी थी.
डोनाल्ड ट्रंप की ओर से Reciprocal Tariff के ऐलान के बाद कल अमेरिकी बाजारों में रिकॉर्डतोड़ गिरावट आई. 5 सालों की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट में डाओ 1700 अंक टूटकर 7 महीने के निचले स्तर पर बंद तो नैस्डैक 1100 अंकों की बेहद बड़ी गिरावट के साथ 8 महीने के निचले स्तर पर लुढ़का था. S&P 500 और रसल 2000 भी 5 से 7 परसेंट तक टूटे थे. ऐसे में दुनियाभर के बाजारों में आज भी बिकवाली जारी है. GIFT निफ्टी 100 अंकों की गिरावट के साथ 23200 के पास तो डाओ फ्यूचर्स भी 100 अंक कमजोर है. निक्केई 700 अंक लुढ़का था.
उधर, FIIs ने कैश में लगातार चौथे दिन बेचा था. कल कैश, इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स मिलाकर 7200 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली की. घरेलू फंड्स की ओर से 200 करोड़ रुपए की छोटी सी खरीदारी आई.
कमोडिटी बाजार की भी हालत पस्त थी. कच्चा तेल 7 परसेंट की भारी गिरावट के साथ 70 डॉलर के नीचे फिसला था. सोना 30 डॉलर गिरकर 3130 डॉलर के पास तो चांदी 8 परसेंट टूटकर 32 डॉलर के नीचे थी. घरेलू बाजार में चांदी 5400 रुपए लुढ़ककर 99,800 के पास बंद हुई. डॉलर इंडेक्स 6 महीने के निचले स्तर पर 101 तक फिसला था. 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी 4 परसेंट पर 6 महीने के निचले स्तर पर कायम थी. बेस मेटल्स में भी चौतरफा बिकवाली आई. एल्युमीनियम 7 महीने के निचले स्तर पर तो कॉपर और जिंक 2 से 3 परसेंट फिसले थे.
ट्रंप के झटके ने क्रिप्टो बाजार को भी तोड़ा. Bitcoin और Ether समेत सारी क्रिप्टो करेंसीज में 4 से 10 परसेंट की जोरदार गिरावट रही. हालांकि, बाजार की भारी गिरावट पर ट्रंप का जवाब था कि इतने बड़े ऑपरेशन के बाद ये होना तय था. देश बड़ी तरक्की करने वाला है.