&format=webp&quality=medium)
Stock Market Today: घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को ट्रेड की तेजी के साथ शुरुआत हुई और शुरुआती कारोबार में थोड़ी सुस्ती दिखाने के बाद प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स में दिनभर अच्छी तेजी के साथ ट्रेड करते रहे. आखिर में, बाजार दिन के ऊपरी स्तरों पर बंद होने में कामयाब रहे. आज के सेशन में मेटल, आईटी और फार्मा इंडेक्स स्टार रहे, यहां निवेशकों ने जोशीली खरीदारी की. सेंसेक्स ने 98 अंक ऊपर 82,172 अंक ऊपर क्लोजिंग दी. निफ्टी 135 अंक ऊपर 25,181 पर बंद हुआ. बैंक निफ्टी 173 अंक ऊपर 56,192 पर बंद हुआ. करेंसी मार्केट में रुपया 2 पैसे मजबूत होकर 88.78/$ पर बंद हुआ.
निफ्टी 50 पर JSW STEEL +2.6%, TATA STEEL +2.6%, HCL TECH +2.2% और SBI LIFE +2% टॉप गेनर्स रहे. वहीं, AXIS BANK -1.1%, TITAN, MARUTI SUZUKI और TATA MOTORS आज के टॉप लूजर्स रहे. जेनेरिक मेडिसिन बिजनेस वाली कंपनियों ने भी आज भरपूर तेजी दिखाई और STRIDES PHARMA +7%, AUROBINDO PHARMA +5%, MARKSANS PHARMA +3% और PIRAMAL PHARMA 1.83% की तेजी के साथ बंद हुआ.
दोपहर में सेंसेक्स 340 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ 82,000 के ऊपर ट्रेड कर रहा था. निफ्टी भी 100 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 25,150 के लेवल के आसपास था. बैंक निफ्टी 150 अंकों की तेजी पर था. मेटल, आईटी और फार्मा शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज हो रही थी. वहीं, NBFC, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयर आज कमजोरी दिखा रहे थे.
आज रिकवरी में क्या करें?
- अब तक सीमित दायरे में कारोबार
- निफ्टी 25000, बैंक निफ्टी 55825 के बड़े सपोर्ट के पास रुके
- सपोर्ट लेवल से आई एक अच्छी रिकवरी
- FIIs की बिकवाली का दबाव कम होने से रिकवरी
- 4 दिनों की तेजी पर कल लगा था छोटा से ब्रेक
- आज बाजार फिर से ट्रेंड पकड़ने की कोशिश में
अब कौन-से लेवल्स हैं अहम?
- निफ्टी 25000, बैंक निफ्टी 55800 के नीचे होगा कमजोर
- निफ्टी 25225, बैंक निफ्टी 56300 के ऊपर लौटेगी मजबूती
- निफ्टी 24950, बैंक निफ्टी 55600 के नीचे बंद होने पर पोजीशन कम करें
- निफ्टी 25125, बैंक निफ्टी 56300 के ऊपर बंद होने पर बढ़ेगी तेजी
किन सेक्टर्स पर नजर?
- नतीजों से पहले TCS में दमदार मजबूती
- मिडकैप IT शेयरों में भी अच्छी खरीदारी का माहौल
- उम्मीद के मुताबिक फार्मा शेयर तगड़ी तेजी में
- जेनेरिक दवाओं को टैरिफ के दायरे में ना रखने से आई तेजी
- मेटल शेयरों में भी तगड़ी तेजी
- ग्लोबली मेटल के दाम बढ़ने का मिला फायदा
STOCK IN ACTION
Hind Zinc:
- मेटल और चांदी की कीमतों में उछाल का फायदा
Nykaa:
- ई-कॉमर्स कंपनियों में जोरदार तेजी
Granules:
- फार्मा कंपनियों में तेजी का बड़ा एक्शन
निफ्टी 50 पर टाटा स्टील, डॉ रेड्डीज़, एचसीएल टेक, जेएसडब्लयू स्टील, सन फार्मा, इटरनल, अदाणी एंटरप्राइज में तेजी दर्ज हो रही थी. वहीं, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, मैक्स हेल्थ, टाइटन, आयशर मोटर्स, कोटक बैंक टॉप लूजर्स थे.
इस हफ्ते में ग्लोबल और घरेलू दोनों ही बाजारों से जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है. एक ओर कीमती धातुओं ने नया इतिहास रचा है तो दूसरी तरफ अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों के दम पर रिकॉर्ड तोड़ तेजी रही. वहीं, भारत में आज से रिजल्ट सीजन की शुरुआत हो रही है, जिसका आगाज IT दिग्गज TCS के नतीजों से होगा. आइए जानते हैं आज के सभी अहम मार्केट ट्रिगर्स, जो बाजार की दिशा तय करेंगे.
GIFT निफ्टी हल्की बढ़त के साथ 25,150 के पास कारोबार कर रहा है. डाओ फ्यूचर्स फिलहाल सुस्त हैं, लेकिन निक्केई में 600 अंकों की तेजी देखने को मिल रही है. आज एक हफ्ते की छुट्टी के बाद चीन के बाजार भी खुलेंगे, जिससे एशियाई रुझानों में और जोश आने की उम्मीद है.
टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक 250 अंक उछलकर पहली बार 23,000 के ऊपर पहुंच गया. S&P 500 ने भी नया लाइफ हाई बनाया, जबकि डाओ जोंस दिन की ऊंचाई से 200 अंक फिसलकर मामूली एक अंक नीचे बंद हुआ. निवेशकों का मूड फिलहाल पॉजिटिव है, क्योंकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सॉफ्ट लैंडिंग के संकेत और टेक कंपनियों के बेहतर नतीजे भरोसा जगा रहे हैं.
फेडरल रिजर्व की मिनट्स रिपोर्ट में बड़ा संकेत मिला है. 19 में से 10 सदस्यों ने इस साल ब्याज दरों में दो और कटौती के पक्ष में वोट किया है. इसका मतलब है कि अमेरिका में रेट कट साइकिल अब तेजी से शुरू हो सकती है, जिससे इक्विटी और गोल्ड दोनों को सपोर्ट मिल सकता है.
चांदी के दामों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और पहली बार ₹1,50,000 के पार निकल गई. वहीं, सोना भी नहीं रुका — ₹1,23,450 तक पहुंचकर ऑल-टाइम हाई बना दिया.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हालात इसी तरह के रहे. गोल्ड $4080 प्रति औंस के ऊपर निकल गया, जो इसका अब तक का लाइफ हाई है. चांदी ने भी 14 साल बाद $49 के पार जाकर निवेशकों को चौका दिया. कीमती धातुओं में यह तेजी भू-राजनीतिक अनिश्चितता, डॉलर इंडेक्स की कमजोरी और फेड की संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों से जुड़ी मानी जा रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए इज़रायल और हमास के बीच शांति समझौते के पहले चरण की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने Peace Deal पर साइन कर दिए हैं. इस खबर के बाद ग्लोबल मार्केट में थोड़ा पॉजिटिव सेंटीमेंट देखने को मिला.
19 अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप को चिट्ठी लिखकर भारत पर 50% टैरिफ के खिलाफ आवाज उठाई है. उनका कहना है कि ऊंचे टैरिफ से अमेरिकी उपभोक्ताओं और मैन्युफैक्चरर्स पर असर पड़ रहा है, इसलिए भारत के साथ रिश्ते सुधारने की जरूरत है. इस खबर से व्यापारिक मोर्चे पर कुछ राहत के संकेत मिल सकते हैं.
विदेशी निवेशक (FIIs) ने कल 81 करोड़ रुपए की छोटी खरीदारी की, लेकिन नेट स्तर पर 2,184 करोड़ रुपए की बिकवाली की. इसके मुकाबले घरेलू फंड्स (DIIs) ने 330 करोड़ रुपए की खरीदारी की और लगातार 31वें दिन नेट बायर्स बने रहे. घरेलू संस्थागत समर्थन से बाजार में गिरावट सीमित रही.
आज से भारत में रिजल्ट सीजन की शुरुआत हो रही है. TCS अपने Q2FY26 के नतीजे आज बाजार बंद होने के बाद जारी करेगी. इसके साथ ही Tata Elxsi के भी F&O सेगमेंट में रिजल्ट्स आएंगे. एनालिस्ट्स का मानना है कि आईटी सेक्टर के नतीजे इस बार मिक्स्ड रह सकते हैं, लेकिन फेस्टिव डिमांड और डिजिटल डील्स में ग्रोथ के चलते टोन पॉजिटिव रहेगा.
LG Electronics India IPO में निवेश का आज आखिरी दिन है. अब तक यह इश्यू 3.25 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका है. अनिल सिंघवी की राय है “इस IPO को बिल्कुल मिस ना करें. बड़े लिस्टिंग गेन और लॉन्ग टर्म निवेश दोनों के लिहाज से यह शानदार मौका है.”
SEBI ने ब्लॉक डील का मिनिमम साइज 10 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए कर दिया है. साथ ही, मौजूदा भाव से ±3% तक का फ्लोर प्राइस तय करने की छूट होगी. ये नए नियम 7 दिसंबर से लागू होंगे. इससे बड़े ट्रांजेक्शंस में पारदर्शिता और स्थिरता आने की उम्मीद है.
फार्मा कंपनी Lupin ने फ्लोरिडा में 2,200 करोड़ रुपए के निवेश से एक state-of-the-art मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की घोषणा की है. यह फैसिलिटी अमेरिकी बाजार में कंपनी की उपस्थिति को मजबूत करेगी और हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स के प्रोडक्शन को बढ़ाएगी.
कुल मिलाकर, गोल्ड-सिल्वर के रिकॉर्ड हाई से लेकर अमेरिकी बाजारों की ऐतिहासिक तेजी तक हर मोर्चे से बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, फेड की पॉलिसी और कॉर्पोरेट नतीजे अब अगले दिशा संकेत देंगे.