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युद्ध के खतरे के बीच बाजार में क्या करें. (Image Source- Zee Business)
आज शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने से पहले निवेशकों के सामने सवाल ज्यादा हैं और जवाब कम. एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, दूसरी तरफ कच्चा तेल तेजी से ऊपर जा रहा है. अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट आई है और एशियाई बाजार भी दबाव में हैं. ऐसे माहौल में आज का कारोबार उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है.
आज निवेशकों की नजर कई बड़े सवालों पर रहेगी. क्या अमेरिकी बाजारों की गिरावट का असर भारतीय बाजार पर पड़ेगा? क्या मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ेगा? क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कोई संभावना है? क्या कच्चा तेल 100 डॉलर के करीब पहुंच सकता है?

इसके अलावा सवाल यह भी है कि कमजोर शुरुआत के बाद खरीदारी करनी चाहिए या सावधानी बरतनी चाहिए. निफ्टी 23,000 के ऊपर टिक पाएगा या नहीं, बैंक निफ्टी का ब्रेकआउट सफल रहेगा या फेल होगा, सोना-चांदी में गिरावट कहां जाकर रुकेगी और FIIs की छोटी बिकवाली से राहत मिलेगी या नहीं, इस पर भी बाजार की नजर रहेगी.
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मार्केट गुरु अनिल सिंघवी का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को समझना आसान नहीं है. कुछ समय पहले तक डील की बात हो रही थी और अब हमले शुरू हो गए हैं.
ऐसे माहौल में बाजार में अचानक बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं. इसलिए ट्रेडिंग पोजीशन हल्की रखने, स्टॉप लॉस लगाने और ओवरनाइट पोजीशन कम रखने की सलाह दी गई है.
निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है. तकनीकी संकेत बता रहे हैं कि इस स्तर के नीचे बंद होने पर कमजोरी बढ़ सकती है. फिलहाल 23,000 से 23,150 की रेंज पहला सपोर्ट जोन है. इसके नीचे 22,800 से 22,965 की रेंज मजबूत सपोर्ट मानी जा रही है. ऊपर की तरफ 23,250 से 23,350 और उसके बाद 23,375 से 23,465 की रेंज में रुकावट देखने को मिल सकती है.
बैंक निफ्टी फिलहाल एक अहम मोड़ पर खड़ा है. हाल के दिनों में यह 50 DMA के ऊपर बंद हुआ है, लेकिन पिछली तीन बार ऐसा होने के बाद ब्रेकआउट फेल हो गया था. अब 54,400 का स्तर सबसे अहम माना जा रहा है. अगर बैंक निफ्टी इसके नीचे बंद होता है तो कमजोरी बढ़ सकती है. वहीं 55,600 के ऊपर निकलने पर नई तेजी का रास्ता खुल सकता है.
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FIIs ने कैश बाजार में 2,124 करोड़ रुपये की बिकवाली की. दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार 17वें दिन खरीदारी जारी रखी और 3,123 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. इससे बाजार को कुछ सहारा मिला.
डाओ जोंस करीब 950 अंक टूट गया और अमेरिकी बाजार कई हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गए. एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखने को मिला. कच्चा तेल 95 डॉलर के करीब पहुंच गया है. वहीं सोना और चांदी में लगातार गिरावट जारी है. पिछले 20 दिनों में सोना करीब 18,000 रुपये और चांदी करीब 65,000 रुपये तक सस्ती हो चुकी है.
आज FMCG शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है. कीमत बढ़ाने की संभावना से HUL और Pidilite जैसे शेयरों पर नजर रहेगी.पावर सेक्टर में भी एक्शन की उम्मीद है. वहीं मेटल शेयरों पर दबाव बना रह सकता है. बढ़ते कच्चे तेल की वजह से Indigo और तेल से जुड़ी कंपनियों पर भी नजर रहेगी.
सभी F&O स्टॉक्स में किसी एक स्ट्राइक प्राइस पर 3371 Cr की सबसे ज्यादा नोशनल वैल्यू. वहीं ICICI Bank में हाल के दिनों में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है. अब शेयर के लिए 1306 का स्तर अहम माना जा रहा है. इसके ऊपर बंद होने पर नई तेजी देखने को मिल सकती है.
वैश्विक संकेत फिलहाल बाजार के पक्ष में नहीं हैं. अमेरिका-ईरान तनाव, महंगा होता कच्चा तेल और विदेशी बाजारों की कमजोरी निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत दे रही है. ऐसे माहौल में बाजार की दिशा अहम तकनीकी स्तरों और वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी. निवेशकों की नजर खास तौर पर निफ्टी के 23,000 और बैंक निफ्टी के 54,400 स्तर पर बनी रहेगी.