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निफ्टी की मंथली एक्सपायरी पर बाजार में उतार-चढ़ाव. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Stock Market Today: मंगलवार को निफ्टी की मंथली एक्सपायरी पर बाजार की कमजोर शुरुआत के बाद काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिली. अंत में बाजार लाल निशान में फिसलकर बंद हुआ. सेंसेक्स 480 अंक नीचे 76,009 पर बंद हुआ. निफ्टी 118 अंक नीचे 23,913 पर बंद हुआ. बैंक निफ्टी 200 अंक नीचे 55,092 पर बंद हुआ. Nifty Mid select 115 अंक ऊपर 14,675 पर बंद हुआ. Nifty Smallcap 64.5 अंक ऊपर 18,267 पर बंद हुआ.
बाजार में आज चुनिंदा सेक्टर्स में दबाव देखने को मिला, जबकि कुछ शेयरों में मजबूत खरीदारी भी रही. निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में Apollo Hospitals Enterprise, Tata Consultancy Services, Wipro और Trent शामिल रहे, जिनमें करीब 1.35% से 1.7% तक की कमजोरी दर्ज हुई. वहीं दूसरी तरफ Adani Enterprises, Tata Motors, Tech Mahindra और Nestlé India ने 1.15% से 4% तक की तेजी दिखाई.
नतीजों के बाद भी कई शेयरों में जोरदार एक्शन देखने को मिला. Marksans Pharma करीब 14.5% उछला, जबकि Astra Microwave Products और Redtape में करीब 10% की तेजी रही. दूसरी ओर Container Corporation of India के कमजोर नतीजों के बाद शेयर करीब 7% टूट गया.
खबरों वाले शेयरों में One Mobikwik Systems करीब 4% चढ़ा, क्योंकि कंपनी को RBI से ऑफलाइन पेमेंट एग्रीगेटर का लाइसेंस मिला है. Indraprastha Gas में करीब 3.66% की तेजी रही, जिसका कारण दिल्ली-NCR में CNG कीमतों में बढ़ोतरी रही. वहीं Poly Medicure मैनेजमेंट की कमजोर ग्रोथ कमेंट्री के बाद करीब 7% टूट गया. Premier Energies में भी 3% से ज्यादा की तेजी रही.
दिन के ऊपरी स्तरों से सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों में Awfis Space Solutions करीब 15% टूटा. इसके अलावा Chemplast Sanmar में 10.6%, Aditya Birla Real Estate में 4.65% और IIFL Finance में करीब 5% की कमजोरी रही.
टॉप लूजर्स में Aarti Pharmalabs, Ixigo, CarTrade Tech और Rail Vikas Nigam शामिल रहे, जिनमें 4.5% से 5.5% तक की गिरावट रही.
वहीं टॉप गेनर्स में Jindal Worldwide, Adani Total Gas, Cemindia Projects और Afcons Infrastructure शामिल रहे, जिनमें 6% से 12% तक की जोरदार तेजी देखने को मिली.
शुरुआती घंटों में थोड़ी रिकवरी आई थी, लेकिन दोपहर के कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखे. सेंसेक्स 300 अंक गिर गया था. वहीं, निफ्टी 60 अंकों गिरावट के साथ 23,960 के आसपास था. बैंक निफ्टी करीब 200 अंकों की गिरावट के साथ 55,100 के नीचे आ गया था. कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स 1% नीचे आ गया. बैंकिंग, ऑटो, NBFC इंडेक्स में भी गिरावट थी.
- हल्की कमजोरी शुरुआत के बाद सीमित दायरे में
- निफ्टी ने 24000 के आस-पास ज्यादातर समय बिताया
- कच्चे तेल की मजबूती से बढ़ नहीं पा रहे बाजार
- FIIs-DIIs के सपोर्ट से खास गिरावट भी नहीं
- मिड-स्मॉलकैप शेयर थोड़ा बेहतर
- डाओ फ्यूचर्स में कल से अच्छी मजबूती
- मेटल और पावर शेयरों में लौटी खरीदारी
- कच्चे तेल के $100 के ऊपर निकलने का डर
- कोरिया को छोड़ एशियाई बाजार भी कमजोर
- युद्ध को लेकर बाजार थोड़ा सतर्क
- एक्सपायरी का भी हल्का असर
- लेकिन FIIs-DIIs की कल की खरीदारी से निचले स्तरों पर सपोर्ट
- अब तक कल का Low नहीं टूटना अच्छी बात
- निफ्टी 23815-23925, बैंक निफ्टी 54600-54900 मजबूत इंट्राडे सपोर्ट
- निफ्टी 24100-24175, बैंक निफ्टी 55400-55600 इंट्राडे ऊपरी रेंज
- निफ्टी 24050, बैंक निफ्टी 55400 के ऊपर बंद होने पर बढ़ेगी तेजी
- निफ्टी 23900, बैंक निफ्टी 54600 के नीचे बंद होने पर हल्की सावधानी
सुबह सेंसेक्स ओपनिंग के बाद 200 अंकों की गिरावट तक पहुंच गया था. निफ्टी भी 40 अंकों के आसपास गिरावट के साथ 24,000 के नीचे आ गया था. बैंक निफ्टी में 70 अंकों की गिरावट दिखी. स्मॉलकैप-मिडकैप इंडेक्स में मिला-जुला कारोबार था. हालांकि, बाजार का मूड 63% बुलिश दिखा. और प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स थोड़ा रिकवर करते दिखे.
09:26 पर सेंसेक्स 66 अंक नीचे 76,422 पर ट्रेड कर रहा था निफ्टी 11 अंक नीचे 24,020 के आसपास दिखा. बैंक निफ्टी ने रिकवरी कर ली थी और 83 अंकों की तेजी के साथ 55,375 पर ट्रेड कर रहा था. FMCG, फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में हल्की गिरावट थी, बाकी सारे सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में थे.
निफ्टी 50 पर Indigo, Titan, Max Healthcare, Ultratech Cement, M&M, ICICI Bank टॉप लूजर्स में शामिल थे. वहीं, SBI, Nestle, BEL, Coal India, TCS, Infosys, ONGC, TMPV, Wipro, Tech Mahindra, HCL Tech, टॉप गेनर्स में शामिल थे.
आज ग्लोबल और घरेलू दोनों मोर्चों पर कई बड़े ट्रिगर्स हैं. एक तरफ वित्त मंत्री ने कैपिटल गेन टैक्स और गोल्ड मॉनेटाइजेशन पर सुझावों पर विचार करने की बात कही है, तो दूसरी तरफ ट्रंप के ईरान और इजरायल को लेकर बयानों से कच्चे तेल में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला.
ग्लोबल मार्केट संकेत फिलहाल मिलेजुले थे. ओपनिंग के पहले GIFT Nifty 24020 के आसपास 44 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि डाओ फ्यूचर्स करीब 300 अंक ऊपर कारोबार कर रहे हैं. अमेरिकी बाजार कल बंद थे.
लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स के साथ गोल्ड मॉनेटाइजेशन को लेकर चल रही बहस के बीच वित्त मंत्री ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में लगने वाले टैक्स और गोल्ड मॉनेटाइजेशन जैसे मुद्दों पर जो सुझाव मिल रहे हैं, उन पर सरकार जरूर विचार करेगी. ज़ी बिज़नेस की इस मुहिम पर आए इस बयान को निवेशकों के लिए अहम माना जा रहा है.
LIVE TV:
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर कोई डील नहीं हो पाती है तो फिर सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है. इस बयान पर ग्लोबल बाजारों और क्रूड ऑयल की चाल पर नजर बनी हुई है.
ट्रंप ने सऊदी अरब और कतर समेत कई अरब देशों पर इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य करने का दबाव बनाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने इन देशों से इजरायल से जुड़े समझौतों में शामिल होने की अपील की है. पश्चिम एशिया में बढ़ती कूटनीतिक हलचल निवेशकों के लिए बड़ा ग्लोबल ट्रिगर बनी हुई है.
ईरान के साथ शांति वार्ता की खबरों के बीच अमेरिकी सेना ने कुछ ईरानी जहाजों को निशाना बनाया. अमेरिकी पक्ष का कहना है कि ये जहाज समुद्र में माइंस बिछा रहे थे और सेल्फ डिफेंस में कार्रवाई की गई. इस खबर के बाद जियोपॉलिटिकल तनाव फिर बढ़ गया है.
क्रूड ऑयल में कल बड़ी गिरावट देखने को मिली थी और कीमतें करीब 5 फीसदी टूटकर 93 डॉलर के आसपास बंद हुई थीं. लेकिन ईरानी जहाजों पर हमले की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड फिर करीब 2 फीसदी चढ़कर 98 डॉलर के पास पहुंच गया. तेल की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार के लिए अहम रहेगा.
घरेलू बाजार के लिए राहत की बात यह रही कि कल विदेशी और घरेलू दोनों संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी की. FIIs ने चार दिन बाद कैश, इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स मिलाकर कुल 4900 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की. वहीं DIIs ने भी 3856 करोड़ रुपए बाजार में लगाए.
बाजार में बढ़ते उतार-चढ़ाव के बीच SEBI ने ऑप्शंस ट्रेडिंग में इंट्राडे नए स्ट्राइक प्राइस जोड़ने का प्रस्ताव रखा है. कंसल्टेशन पेपर में ट्रेडर्स को मौजूदा बाजार भाव के करीब ऑप्शन स्ट्राइक उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है. इससे ट्रेडिंग में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ सकती है.
सरकार जून से IIP की नई सीरीज लागू करने जा रही है, जिसमें 2022-23 को बेस ईयर बनाया जाएगा. नई सीरीज में गैस, वॉटर सप्लाई और रेयर अर्थ सेक्टर को भी शामिल किया जाएगा. इससे औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों की तस्वीर और व्यापक हो सकेगी.