शेयर बाजार के लिए बेहद खास है आने वाला सोमवार! कोई भी ट्रेड लेने से पहले जरूर जान लें ये बातें

अगले हफ्ते शेयर बाजार में निवेश से पहले जानिए Nifty, Sensex और Bank Nifty का पूरा आउटलुक. US-Iran तनाव, FII Selling, Crude Oil Prices और Rupee Weakness के बीच क्या होगी बाजार की चाल, एक्सपर्ट्स ने बताए अहम लेवल.
शेयर बाजार के लिए बेहद खास है आने वाला सोमवार! कोई भी ट्रेड लेने से पहले जरूर जान लें ये बातें

शेयर बाजार के लिए बेहद खास है आने वाला सोमवार! प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)

भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता बेहद अहम माना जा रहा है. बीते सप्ताह बाजार ने भारी उतार-चढ़ाव के बीच मामूली बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया, लेकिन ग्लोबल संकेत अभी भी चिंता बढ़ा रहे हैं.

खासतौर पर US-Iran तनाव से जुड़ी खबरें, लगातार बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार की दिशा तय कर सकती है. ऐसे में सोमवार से पहले निवेशकों के लिए कुछ जरूरी संकेत समझना बेहद जरूरी हो गया है.

बाजार में क्यों बना हुआ है दबाव?

पिछले सप्ताह Nifty 50 करीब 23,719 पर बंद हुआ जबकि Sensex 75,415 के स्तर पर सेटल हुआ. दोनों प्रमुख इंडेक्स में करीब 0.2 से 0.3 फीसदी की साप्ताहिक बढ़त दर्ज हुई, लेकिन पूरे सप्ताह बाजार में तेज अस्थिरता देखने को मिली.

निवेशकों की नजर लगातार US-Iran तनाव पर बनी रही. इस तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में फरवरी के आखिर से अब तक 55 फीसदी से ज्यादा उछाल आ चुका है. सप्ताह के दौरान क्रूड ऑयल 104 डॉलर से 114 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार करता रहा. भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह चिंता का विषय माना जा रहा है क्योंकि इससे महंगाई, चालू खाता घाटा और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है.

रिकॉर्ड कमजोरी में रुपया

घरेलू बाजार पर सबसे बड़ा दबाव रुपये की कमजोरी से भी आया. 20 मई को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 96.89 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया. फरवरी के बाद से रुपया करीब 6 फीसदी कमजोर हो चुका है.

विश्लेषकों का मानना है कि लगातार बढ़ते क्रूड इंपोर्ट बिल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण RBI के लिए रुपये को मजबूत बनाए रखना मुश्किल हो रहा है. यही वजह है कि बाजार में लगातार सतर्क माहौल बना हुआ है.

FII लगातार बेच रहे, लेकिन DII बने सहारा

2026 में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली 2.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुकी है. सिर्फ मई महीने में ही FII ने 30,374 करोड़ रुपये की बिकवाली की है. यह आंकड़ा पूरे 2025 की कुल बिकवाली से भी ज्यादा हो चुका है.

Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए कहा कि FII की लगातार बिकवाली के पीछे भारत में कमजोर अर्निंग ग्रोथ, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और रुपये की कमजोरी जैसे बड़े कारण हैं.

हालांकि राहत की बात यह रही कि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने लगातार खरीदारी जारी रखी. पिछले सप्ताह DII ने सभी पांच ट्रेडिंग सेशन में खरीदारी की और कुल 16,950 करोड़ रुपये का निवेश किया. शुक्रवार को अकेले DII ने 6,003 करोड़ रुपये की खरीदारी की जबकि FII ने 4,440 करोड़ रुपये की बिकवाली की.

अगले हफ्ते Nifty के लिए कौन से लेवल अहम?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक तकनीकी संकेत अभी भी पूरी तरह मजबूत नहीं दिख रहे हैं. Master Capital Services के डॉ. रवि सिंह के अनुसार Nifty अभी भी अपने 21-day और 55-day EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो कमजोरी का संकेत माना जाता है.

हालांकि 23,300 का स्तर मजबूत सपोर्ट बनकर उभरा है. जब तक Nifty इस स्तर के ऊपर बना रहता है तब तक बाजार में बेस बनने की संभावना बनी रह सकती है. ऊपर की तरफ 23,850 बड़ा रेजिस्टेंस माना जा रहा है. अगर Nifty इस स्तर के ऊपर टिकता है तो बाजार में 24,200 तक तेजी देखने को मिल सकती है.

Bank Nifty में भी सतर्क रहने की सलाह

Bank Nifty में भी पिछले सप्ताह रिकवरी देखने को मिली लेकिन एक्सपर्ट्स अभी पूरी तरह भरोसे में नहीं दिख रहे हैं. इंडेक्स अभी भी अहम मूविंग एवरेज के नीचे बना हुआ है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक 54,500 का स्तर Bank Nifty के लिए बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है. इसके ऊपर टिकने पर 55,400 तक तेजी आ सकती है. वहीं नीचे की तरफ 53,500 तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है जबकि 52,800 से 53,000 का दायरा मजबूत सपोर्ट जोन है.

किन फैक्टर्स पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर?

25 से 29 मई के बीच बाजार की दिशा तय करने में कई बड़े फैक्टर्स अहम भूमिका निभाएंगे. निवेशकों की नजर खासतौर पर कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, FII-DII फ्लो और US-Iran तनाव से जुड़ी खबरों पर बनी रहेगी.

अगर ग्लोबल तनाव और बढ़ता है तो बाजार में दबाव और बढ़ सकता है. वहीं किसी सकारात्मक संकेत की स्थिति में शॉर्ट कवरिंग के कारण तेज रिकवरी भी देखने को मिल सकती है.

बड़े शेयरों में किसका रहा दबदबा?

बीते सप्ताह टॉप-10 कंपनियों में से 6 कंपनियों के मार्केट कैप में कुल 74,111 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली. सबसे बड़ा फायदा Reliance Industries को हुआ, जिसका मार्केट कैप करीब 24,696 करोड़ रुपये बढ़ गया.

इसके अलावा ICICI Bank, TCS, Bajaj Finance, Larsen & Toubro और LIC में भी मजबूती देखने को मिली. वहीं Bharti Airtel, SBI, HDFC Bank और Hindustan Unilever के वैल्यूएशन में गिरावट दर्ज हुई.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 शेयर बाजार में FII और DII क्या होते हैं?

FII यानी Foreign Institutional Investors विदेशी निवेश संस्थाएं होती हैं जबकि DII यानी Domestic Institutional Investors घरेलू निवेश संस्थाएं होती हैं.

Q2 शेयर बाजार में EMA क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?

EMA यानी Exponential Moving Average तकनीकी विश्लेषण का एक महत्वपूर्ण संकेतक है जो बाजार की ट्रेंड दिशा समझने में मदद करता है.

Q3 क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से भारतीय बाजार पर असर क्यों पड़ता है?

भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने पर महंगाई और आयात खर्च बढ़ जाता है जिसका असर बाजार पर पड़ता है.

Q4 बाजार में सपोर्ट और रेजिस्टेंस क्या होते हैं?

सपोर्ट वह स्तर होता है जहां गिरावट रुक सकती है, जबकि रेजिस्टेंस वह स्तर होता है जहां तेजी रुकने की संभावना रहती है.

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