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बाजार के लिए 'सुपर वीक'. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
पिछले 2 हफ्तों तक बाजार में जो तेजी दिखाई दे रही थी, वह इस हफ्ते अचानक थमती नजर आई. शुक्रवार तक आते-आते निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ गया और बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली.
सबसे ज्यादा दबाव IT और बैंकिंग शेयरों में रहा, जिसने पूरे बाजार की चाल बिगाड़ दी. सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली. यही वजह रही कि बाजार का माहौल पूरे हफ्ते सतर्क और दबाव वाला बना रहा.
हफ्ते के अंत तक NIFTY50 करीब 2.2% टूटकर 23,643 पर बंद हुआ, जबकि SENSEX में 2.7% की गिरावट आई और यह 75,237 पर आ गया. सबसे ज्यादा असर IT शेयरों में दिखा. NIFTY IT इंडेक्स पूरे हफ्ते में 5.7% टूट गया. ग्लोबल टेक कंपनियों में बिकवाली का असर भारतीय IT कंपनियों पर भी साफ दिखाई दिया.
| कंपनी | गिरावट |
| LTIMindtree | 6% से ज्यादा |
| Persistent Systems | 6-8% |
| Tech Mahindra | 6-8% |
| Coforge | 6-8% |
बाजार में चिंता इस बात को लेकर बढ़ी कि AI टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से भविष्य में सॉफ्टवेयर कंपनियों की मांग प्रभावित हो सकती है. इसी वजह से निवेशक IT सेक्टर में फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं. अब बाजार की नजर TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro जैसे बड़े IT शेयरों पर बनी हुई है. अगर इनमें स्थिरता आती है तो निफ्टी को सहारा मिल सकता है.
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इस बार गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही. व्यापक बाजार में भी कमजोरी साफ दिखाई दी.
यह संकेत देता है कि निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी है.
भारतीय रुपया भी इस हफ्ते दबाव में रहा. डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 95.90 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले 12 महीनों का सबसे कमजोर स्तर माना जा रहा है.
सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 साल बाद ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने भी महंगाई की चिंता को बढ़ा दिया. इससे बाजार का सेंटीमेंट और कमजोर हुआ.
इस हफ्ते लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए.
| सेक्टर | साप्ताहिक प्रदर्शन |
| Real Estate | -8.1% |
| NIFTY IT | -5.7% |
| Automobiles | -4.3% |
| PSU Banks | -4.1% |
हालांकि कुछ डिफेंसिव सेक्टर्स में खरीदारी भी दिखाई दी.
| सेक्टर | बढ़त |
| Pharma | +2.1% |
| Metals | +1.9% |
इससे साफ है कि निवेशक फिलहाल सुरक्षित सेक्टर्स की तरफ झुकते दिख रहे हैं.
आने वाला हफ्ता आर्थिक आंकड़ों के लिहाज से हल्का रहने वाला है, लेकिन बाजार की सबसे बड़ी नजर Nvidia के रिजल्ट्स पर होगी. बुधवार को Nvidia अपने नतीजे जारी करेगी. AI और डेटा सेंटर डिमांड को लेकर कंपनी की गाइडेंस ग्लोबल बाजार की दिशा तय कर सकती है. अगर कंपनी के मार्जिन या भविष्य के अनुमान उम्मीद से कमजोर रहे तो इसका असर दुनियाभर के टेक शेयरों पर पड़ सकता है. भारतीय IT सेक्टर भी इससे प्रभावित हो सकता है.
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भारत में चौथी तिमाही के नतीजों का दौर जारी रहेगा. कई बड़ी कंपनियां अगले हफ्ते अपने नतीजे पेश करेंगी.
इन कंपनियों पर बाजार की खास नजर रहेगी-
इन कंपनियों के नतीजों के आधार पर स्टॉक स्पेसिफिक मूवमेंट तेज हो सकता है.
क्रूड ऑयल की कीमतों में इस हफ्ते जोरदार तेजी देखने को मिली.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर सप्लाई की चिंता और ग्लोबल इन्वेंट्री में कमी ने तेल की कीमतों को ऊपर धकेला. तेल महंगा होने का असर भारत जैसे आयातक देशों पर ज्यादा पड़ता है. इससे महंगाई और रुपये दोनों पर दबाव बढ़ सकता है.
मार्केट ब्रेड्थ भी इस हफ्ते कमजोर हुई. NIFTY50 के केवल करीब 40% शेयर ही अपने 50-DMA के ऊपर कारोबार करते दिखे, जबकि अप्रैल के आखिर में यह आंकड़ा 70% से ऊपर था. इसका मतलब यह है कि अब बाजार में तेजी कुछ गिने-चुने शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक बिकवाली शुरू हो चुकी है.
विदेशी निवेशकों ने इस हफ्ते ₹13,583 करोड़ की बिकवाली की. वहीं घरेलू निवेशकों ने ₹18,524 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की. लेकिन लगातार विदेशी निकासी और रुपये की कमजोरी ने बाजार की चिंता कम नहीं होने दी.
तकनीकी नजरिए से देखें तो NIFTY50 फिलहाल कमजोर और उतार-चढ़ाव वाले दायरे में बना हुआ है. ऊपर की तरफ अहम रेंज- 23,800 से 24,000 मजबूत रेजिस्टेंस जोन रहेगा. नीचे की तरफ सपोर्ट- 23,550 पहला अहम सपोर्ट. इसके नीचे जाने पर 23,300-23,250 की रेंज फिर फोकस में आ सकती है. 23,262 का हालिया लो भी ट्रेडर्स के लिए महत्वपूर्ण रहेगा.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या बाजार में गिरावट सिर्फ IT सेक्टर की वजह से आई?
नहीं. IT सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव जरूर रहा, लेकिन बैंकिंग, रियल एस्टेट और ऑटो शेयरों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली.
Q2 रुपये की कमजोरी बाजार को कैसे प्रभावित करती है?
कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों का भरोसा कम कर सकता है और आयात महंगा बना देता है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है.
Q3 Nvidia के रिजल्ट्स भारतीय बाजार के लिए क्यों अहम हैं?
Nvidia AI और टेक सेक्टर की बड़ी कंपनी है. उसके नतीजे ग्लोबल टेक कंपनियों और IT शेयरों की दिशा तय कर सकते हैं.
Q4 क्या फार्मा सेक्टर अभी मजबूत दिख रहा है?
इस हफ्ते फार्मा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे यह सेक्टर बाकी बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया.
Q5 आने वाले हफ्ते में निवेशकों को किन चीजों पर नजर रखनी चाहिए?
Nvidia के नतीजे, Q4 earnings, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय कर सकती हैं.