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Stock Market Crash: शेयर बाजार में आज बड़ी बिकवाली. (फोटो: Zee Business)
Stock Market Crash: शेयर बाजार में शुक्रवार को सबकुछ सही चल रहा था. ग्लोबल बाजारों से संकेत भी मजबूत थे. शुरुआत मजबूत हुई थी. लेकिन फिर दिन में जो गिरावट शुरू हुई, वो बाजार बंद होते-होते क्रैश में बदल गई. क्लोजिंग से पहले सेंसेक्स 1200 अंकों तक गिर गया था. इसका इंट्राडे लो 74,667 पर था. निफ्टी भी 380 अंक गिरकर 23,527 के इंट्राडे लो पर आ गया था. निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी एक से डेढ़ पर्सेंट तक की गिरावट दिखी.
सेंसेक्स 1,092 अंक टूटकर 74,775 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 359 अंक फिसलकर 23,547 के स्तर पर बंद हुआ. बैंक निफ्टी में भी 614 अंकों की गिरावट दर्ज हुई और यह 54,239 पर बंद हुआ. वॉलेटिलिटी इंडेक्स India VIX में 8% की तेज उछाल ने निवेशकों की घबराहट को साफ दिखाया. हालांकि रुपये में रिकवरी देखने को मिली और कच्चा तेल भी $95 प्रति बैरल के नीचे बना रहा.
ऑटो, मेटल, ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर इंडेक्स में 2% से ज्यादा की गिरावट थी. फार्मा भी करीब 2 फीसदी गिर गया था. एक अकेला आईटी और रियल्टी इंडेक्स हल्की बढ़त पर थे.
मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि आज की बिकवाली थोड़ी सरप्राइजिंग है. ग्लोबल मार्केट्स से संकेत अच्छे थे. दो दिनों से अमेरिकी बाजारों में नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. चीन को छोड़ सभी एशियाई बाजारों में तेजी दिखी थी. डाओ फ्यूचर्स भी मजबूती के साथ ट्रेड करते दिखे.
डॉलर के मुकाबले रुपये में रिकवरी आई है. आज रुपया डॉलर के मुकाबले 14 पैसे मजबूत 95.55/$ पर खुला. कच्चा तेल भी $95 के नीचे ही था. उसके बावजूद बाजार का गिरना थोड़ा सरप्राइजिंग है. लेकिन स्क्रीन देख कर लग रहा है FIIs की अच्छी बिकवाली है. एक फैक्टर ये है कि वीकेंड सेशन पर बाजार थोड़ा अलर्ट रहते हैं.
निफ्टी 23700, बैंक निफ्टी 54400 बेहद अहम लेवल है. निफ्टी 50 DMA 23684, बैंक निफ्टी 50 DMA 54493 पर है. दोनों इंडेक्स ने इन्हीं लेवल से ब्रेकआउट दिया था. ऐसे में निफ्टी 23700, बैंक निफ्टी 54500 के ऊपर बंद होना बेहद जरूरी था.
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- निफ्टी के लिए 23615-23725 मजबूत सपोर्ट
- बैंक निफ्टी के लिए 54100-54400 मजबूत सपोर्ट
- निफ्टी के लिए 23900-24000 ऊपरी रेंज
- बैंक निफ्टी के लिए 54850-55100 ऊपरी रेंज
शेयर बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और सीजफायर डील को लेकर बनी अनिश्चितता रही. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश सीजफायर बढ़ाने और Hormuz Strait से शिपिंग पर लगी पाबंदियां हटाने पर सहमत हुए हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है. वहीं ईरानी सरकारी मीडिया ने भी कहा कि समझौता अभी पूरी तरह फाइनल नहीं हुआ है.
इसी अनिश्चितता के चलते निवेशक सतर्क दिखे. हालांकि ब्रेंट क्रूड करीब $93 प्रति बैरल तक फिसला और एशियाई बाजारों में 2% तक तेजी देखने को मिली, लेकिन बाजार में अभी भी भू-राजनीतिक जोखिम बना हुआ है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक फिलहाल वेस्ट एशिया की स्थिति और उसके तेल बाजार पर असर को लेकर इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं.
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विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है. बुधवार को FIIs ने भारतीय शेयर बाजार में करीब ₹1,040 करोड़ की बिकवाली की. इस साल अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से करीब $24.3 अरब निकाल चुके हैं, जो पिछले साल के रिकॉर्ड आउटफ्लो से भी ज्यादा है. लगातार बिकवाली से बाजार की सेंटीमेंट कमजोर बनी हुई है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है. IMD ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के अनुमान को 92% से घटाकर 90% कर दिया है. यानी इस साल सामान्य से कम बारिश की आशंका बढ़ गई है. इसके अलावा मॉनसून की एंट्री में भी देरी हो रही है. आमतौर पर मॉनसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी है. कमजोर मॉनसून का असर खेती, ग्रामीण मांग और खाद्य महंगाई पर पड़ सकता है, जिससे बाजार का मूड दबाव में है.
ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग के संदीप जैन ने कहा कि बाजार में बिना किसी कारण के क्रैश आया. इसके पीछे MSCI का रीबैलेंसिंग एक बड़ा कारण था. 29 मई से इंडेक्स पर नए बदलाव लागू हो गए हैं. M&M, Bajaj Finance, Nestle, ONGC, TCS,जैसे शेयरों से बड़ा आउटफ्लो होने की खबर है जिसका असर बाजार पर पड़ा हो सकता है, क्योंकि निफ्टी में इनका बड़ा शेयर है.
फ्यूचर्स और क्रैश मार्केट में काफी फर्क नजर आया. प्रीमियम बहुत ज्यादा बढ़ गया. जुलाई वाला फ्यूचर्स 23,740 के आसपास था.
उन्होंने कहा कि निवेशकों को ऐसे में बहुत ज्यादा पैनिक नहीं करनी चाहिए. ये रीबैलेंसिंग और जियोपॉलिटिकल कारणों से बड़ी गिरावट आने की संभावना है. आगे बाजार में रिकवरी आ सकती है. रुपया जिस तरह मजबूत हुआ है, कच्चा तेल भी मजबूत है. ऐसे में संकेत तो अच्छे हैं.
- MSCI Standard Index में इंडिया का वेट 12.4% से घटकर 12.3%
- फ्लोट कैलकुलेशन का तरीका बदलने से कई शेयरों के वेटेज बदले
- 29 मई लागू MSCI इंडेक्स के बदलाव
MSCI Standard Index में शामिल: Federal Bank, MCX, NALCO, Indian Bank
MSCI Standard Index से बाहर: Hyundai, Jubilant Food, Kalyan Jewellers, RVNL
MSCI Smallcap Index में शामिल: Jubilant Food, Kalyan Jewellers, Escorts Kubota, IREDA, Anthem Bio, Pine Labs etc
MSCI Smallcap Index से बाहर: Fed Bank, MCX, SW Solar, Indigo paints, CAMS, Blue Jet
MSCI Smallcap Index से 29 शेयर बाहर और 14 शामिल हुए हैं. शेयरों की संख्या 474 से घटकर 459 हो गई है.