Silver Rate Today: चांदी तो कमाल है! लंदन में ऐसा क्या हो रहा है कि सरपट चढ़ रहा है सिल्वर का भाव?

Silver Rate Today: लंदन में ऐतिहासिक शॉर्ट स्क्वीज और ग्लोबल मार्केट में आर्थिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश असेट्स की मजबूत मांग के कारण चांदी की कीमत में तेजी दर्ज की गई. लंदन में हाजिर चांदी 0.4 प्रतिशत बढ़कर 52.58 डॉलर प्रति औंस हो गई.
Silver Rate Today: चांदी तो कमाल है! लंदन में ऐसा क्या हो रहा है कि सरपट चढ़ रहा है सिल्वर का भाव?

Silver Rate Today: चांदी की कीमतें मंगलवार को 52.50 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं. लंदन में ऐतिहासिक शॉर्ट स्क्वीज और ग्लोबल मार्केट में आर्थिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश असेट्स की मजबूत मांग के कारण चांदी की कीमत में तेजी दर्ज की गई. लंदन में हाजिर चांदी 0.4 प्रतिशत बढ़कर 52.58 डॉलर प्रति औंस हो गई, जिसने जनवरी 1980 में अरबपति हंट ब्रदर्स द्वारा बाजार पर कब्जा करने की कोशिश के पिछले रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया. बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के कारण सोने की कीमतें भी लगातार आठ हफ्तों की बढ़त के साथ एक नए रिकॉर्ड पर पहुंच गईं.

क्यों चढ़ रहे हैं चांदी के भाव?

चांदी में यह तेजी लंदन के बाजार में लिक्विडिटी को लेकर चिंताओं के बीच आई है, जिससे दुनिया भर में इस धातु को सुरक्षित करने की होड़ मच गई है. लंदन में कीमतें न्यूयॉर्क की तुलना में रेयर प्रीमियम पर कारोबार कर रही हैं, जिससे व्यापारी चढ़ी हुई कीमतों का लाभ उठाने के लिए अटलांटिक पार चांदी की छड़ें भेज रहे हैं, जो आमतौर पर सोने के लिए एक महंगा कदम होता है.

मंगलवार को प्रीमियम लगभग 1.55 डॉलर प्रति औंस रहा, जो पिछले सप्ताह 3 डॉलर से कम था. इस दबाव को बढ़ाते हुए, लंदन में चांदी की लीज दरें पिछले शुक्रवार को एक महीने के कॉन्ट्रैक्ट के लिए 30 प्रतिशत से ऊपर बढ़ गईं, जिससे व्यापारियों के लिए शॉर्ट पोजीशन बनाए रखना महंगा हो गया. हाल के हफ्तों में भारत से भारी मांग के कारण उपलब्ध सप्लाई में कमी आई, क्योंकि अमेरिकी टैरिफ की आशंकाओं के बीच न्यूयॉर्क को शिपमेंट पहले ही हो गए थे.

एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?

मार्केट एक्सपर्ट्स ने कहा कि सोने और चांदी दोनों में हालिया उछाल बाजार में बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाता है. भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों और केंद्रीय बैंकों व निवेशकों की जोरदार खरीदारी के कारण सोने की कीमतें इस वर्ष लगभग 60 प्रतिशत बढ़कर पहली बार 4,100 डॉलर के स्तर को पार कर गई हैं. मुद्रास्फीति और खुदरा बिक्री जैसे प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़े इस सप्ताह के अंत में आने वाले हैं, लेकिन एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगर गवर्नमेंट शटडाउन जारी रहा, तो इन रिपोर्टों के जारी होने में देरी हो सकती है, जिनमें रोज़गार के आंकड़े भी शामिल हैं.

चांदी की कीमत अगले साल तक 60 डॉलर प्रति औंस पहुंचने की उम्मीद

इसके इतर, चांदी की कीमत अगले एक साल में 60 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की उम्मीद है, जो मौजूदा स्तर से 20 प्रतिशत अधिक है. एमके वेल्थ मैनेजमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, कीमतों में यह उछाल आपूर्ति-मांग के बीच 20 प्रतिशत का अंतर और बढ़ती औद्योगिक मांग के कारण आएगा. कंपनी ने अनुमान लगाया है कि अमेरिका में अपेक्षित ब्याज दरों में कटौती से डॉलर में कुछ गिरावट आ सकती है, जिससे सोने की कीमतों में वृद्धि को और बढ़ावा मिलेगा.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने ने अब तक अन्य परिसंपत्तियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, 8 अक्टूबर तक 61.82 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जबकि भारतीय शेयरों (निफ्टी 500 टीआरआई) में 4.2 प्रतिशत और बॉन्ड (क्रिसिल शॉर्ट टर्म बॉन्ड इंडेक्स) में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

सेंट्रल बैंकों की ओर से खरीदारी ने मजबूत किया सेंटीमेंट

एमके वेल्थ मैनेजमेंट के उत्पाद प्रमुख आशीष रानावाडे ने कहा कि संस्थागत और केंद्रीय बैंकों द्वारा डॉलर की तुलना में सोने को दी जा रही बढ़ती प्राथमिकता कीमती धातुओं की मजबूती का एक प्रमुख कारण है. रानावाडे ने कहा, "मांग-आपूर्ति की गतिशीलता चांदी की कीमतों में तेजी लाने के लिए अनुकूल है और यह तकनीकी रूप से ऑल-टाइम हाई के ब्रेकआउट क्षेत्र के करीब है."

ब्रोकिंग फर्म ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार मौजूदा ग्रोथ की तुलना में महंगे बने हुए हैं, जहां निफ्टी 100 का पीई रेश्यो 21.8 गुना, निफ्टी मिडकैप 150 का पीई रेश्यो 33.6 गुना, निफ्टी स्मॉलकैप 250 का पीई रेश्यो 30.43 गुना और निफ्टी माइक्रोकैप 250 का पीई रेश्यो 28.88 गुना है. एमके वेल्थ मैनेजमेंट के शोध प्रमुख डॉ. जोसेफ थॉमस ने कहा, "संरचनात्मक रूप से, भारत के वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक अलग पहचान बनाने की उम्मीद है. बड़ी संख्या में आईपीओ ने भारत को सूचकांकों से कहीं अधिक व्यापक बाजार बना दिया है. भारतीय निवेशकों के लिए स्टॉक-विशिष्ट अवसर अभी भी मौजूद हैं. हमें उम्मीद है कि पीएमएस, एआईएफ और एक्टिव फंड मैनेजर अच्छा प्रदर्शन करेंगे."

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