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कई दिनों से लगातार बढ़त के बाद आज सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख रहा. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
पिछले कुछ दिनों से आसमान छू रही सोने (Gold) और चांदी की कीमतों में आज MCX पर भारी गिरावट देखने को मिली है. खास तौर से चांदी के बाजार में आज जबरदस्त हलचल रही, जहां शाम के समय इसमें ₹12,000 से भी ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, बाद में चांदी में मामूली रिकवरी जरूर हुई.
पीएम मोदी ने 10 मई को लोगों से अपील की थी कि वह कम से कम 1 साल तक सोना ना खरीदें. इसके बाद हाल ही में सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है. पीएम की अपील के तुरंत बाद तो सोने-चांदी में गिरावट नहीं दिखी, लेकिन अब दोनों ही धातुओं ने गिरावट का रुख कर लिया है. आइए 14 मई 2026 की रात 10 बजे तक के बाजार के ताजा आंकड़ों पर नजर डालते हैं.
सोने की कीमतों में आज दिन भर दबाव देखा गया. यह अपने पिछले बंद भाव ₹1,62,186 से गिरकर ₹1,61,027 तक जा पहुंची. हालांकि, बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी देखी गई और रात 10 बजे तक सोना ₹1,61,844 पर पहुंच गया.
मौजूदा भाव: ₹1,61,844
आज की गिरावट: ₹2,028
आज का उच्चतम स्तर: ₹1,63,055
आज का न्यूनतम स्तर: ₹1,61,027
कल का बंद भाव: ₹1,62,186

चांदी के लिए आज का दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. शाम 7:30 बजे के करीब इसमें ₹12,000 से भी अधिक की गिरावट आई थी, लेकिन रात 10 बजे तक इसमें कुछ रिकवरी आई और चांदी का भाव ₹2,91,001 पर पहुंच गया.
मौजूदा भाव: ₹2,91,001
आज की गिरावट: ₹12,195
आज का उच्चतम स्तर: ₹2,99,000
आज का न्यूनतम स्तर: ₹2,86,805
कल का बंद भाव: ₹3,00,238

केंद्र सरकार ने सोना (Gold) और चांदी (Silver) पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15% कर दी है. अब विदेशों से सोना-चांदी मंगाना काफी महंगा हो जाएगा, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार की कीमतों पर पड़ेगा. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने हाल ही में लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी. सरकार का मकसद विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना, व्यापार घाटा घटाना और रुपये को सहारा देना है.
सरकार ने आयात शुल्क की संरचना को बदलते हुए इसे 2 हिस्सों में लागू किया है-
इसके अलावा, प्लैटिनम और कीमती धातुओं से जुड़े अन्य उत्पादों, जैसे 'Spent Catalyst' और 'Ash' पर भी ड्यूटी बढ़ाकर 10% कर दी गई है. यह नया प्रावधान 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगा.
लगातार बढ़ती कीमतों के बाद आज की यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत भरी खबर हो सकती है जो खरीदारी की योजना बना रहे थे. हालांकि, इंट्राडे में आई ₹12,000 से ज्यादा की गिरावट यह दर्शाती है कि बाजार में इस समय काफी अस्थिरता है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के रुख को समझकर ही आगे का फैसला लें.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 सोने की कीमत क्यों बढ़ती है?
महंगाई, वैश्विक तनाव और डॉलर की कमजोरी से सोना महंगा होता है.
Q2 चांदी का इस्तेमाल कहां होता है?
ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और इंडस्ट्री में.
Q3 क्या सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है?
हां, बाजार गिरने के समय इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है.
Q4 सोना और चांदी में कौन ज्यादा volatile है?
चांदी में आमतौर पर ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है.
Q5 क्या डिजिटल गोल्ड सुरक्षित है?
विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से खरीदने पर अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है.
Q6 24 कैरेट और 22 कैरेट में क्या फर्क है?
24 कैरेट शुद्ध सोना होता है, जबकि 22 कैरेट में अन्य धातुएं मिली होती हैं.
Q7 क्या चांदी भी निवेश के लिए अच्छी है?
हां, खासकर लंबी अवधि और इंडस्ट्रियल डिमांड के कारण.
Q8 सोना खरीदते समय Hallmark क्यों जरूरी है?
यह सोने की शुद्धता की सरकारी प्रमाणिकता देता है.
Q9 क्या ब्याज दरें बढ़ने से सोना गिरता है?
अक्सर हां, क्योंकि निवेशक तब दूसरे विकल्पों की ओर जाते हैं.
Q10 क्या सोना महंगाई से बचाव देता है?
लंबी अवधि में इसे inflation hedge माना जाता है.