फुल-टाइम ट्रेडिंग का है इरादा तो दीपक वाधवा की ये बात जरूर सुन लें, दिया वॉरेन बफे का परफेक्ट एग्जांपल

क्या आप जॉब छोड़कर फुल-टाइम ट्रेडिंग करने की सोच रहे हैं? ज़ी बिज़नेस के पॉडकास्ट 'Bucks Talk' में एक्सपर्ट दीपक वाधवा ने ट्रेडिंग की कड़वी सच्चाई बताई है. वारेन बफे जैसे उदाहरणों के साथ जानें कि ट्रेडिंग में कितना रिटर्न मुमकिन है और इसके लिए कितनी पूंजी जरूरी है.
फुल-टाइम ट्रेडिंग का है इरादा तो दीपक वाधवा की ये बात जरूर सुन लें, दिया वॉरेन बफे का परफेक्ट एग्जांपल

ट्रेडिंग पैसा कमाने का सबसे आसान नहीं, बल्कि सबसे कठिन तरीका है (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt) 

आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट पर ट्रेडिंग से जल्दी पैसा कमाने की कई कहानियां देखने को मिलती हैं. इसी वजह से कई नौकरीपेशा लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या नौकरी छोड़कर Full-Time Trading को करियर बनाया जा सकता है? तो ज़ी बिज़नेस के खास पॉडकास्ट शो ‘Bucks Talk’ में फाइनेंस एक्सपर्ट दीपक वाधवा ने इसी सवाल पर अपनी राय रखी और ट्रेडिंग को लेकर कई अहम बातें बताईं.

हर चमकती चीज सोना नहीं होती

ज़ी बिज़नेस के खास पॉडकास्ट शो ‘Bucks Talk’ में फाइनेंस एक्सपर्ट दीपक वाधवा ने उन लोगों की धारणा को तोड़ दिया है जो ट्रेडिंग को 'आसान पैसा' समझते हैं. दीपक वाधवा का कहना है कि ट्रेडिंग के बारे में जो सबसे बड़ी गलतफहमी है, वो यह है कि लोग इसे बहुत आसान समझते हैं.

उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, ऑल दैट ग्लिटर्स इज नॉट गोल्ड (हर चमकती चीज सोना नहीं होती). स्टॉक मार्केट में पैसा कमाने का यह सबसे कठिन तरीका है.

असल में उनका मानना है कि अगर ट्रेडिंग आसान होती, तो बाजार में 93% से 95% लोग नुकसान में क्यों होते? ट्रेडिंग का सक्सेस रेशियो महज 5% से 7% है, जो खुद साबित करता है कि यह रास्ता कितना चुनौतीपूर्ण है.

मार्केट में आने से पहले पूछें ये 3 सवाल

दीपक वाधवा का सुझाव है कि फुल-टाइम ट्रेडर बनने का फैसला लेने से पहले आपको खुद से और गूगल से कुछ सवाल पूछने चाहिए-

मुकेश अंबानी की कमाई: यह सर्च करें कि मुकेश अंबानी अपनी लगाई हुई पूंजी पर साल भर में कितने प्रतिशत (Percentage) कमाते हैं?

वारेन बफे का रिटर्न: दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर वारेन बफे का पिछले 10 साल का CAGR (सालाना रिटर्न) क्या रहा है?

बड़े बैंकों का प्रदर्शन: भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI और सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC अपनी पूंजी पर साल भर में क्या रिटर्न कमाते हैं?

18 से 20% का 'मैजिक नंबर'

जी हां एक्सपर्ट के मुताबिक, जब आप ऊपर दिए गए सवालों के जवाब तलाशेंगे, तो आप पाएंगे कि ये दिग्गज भी साल का औसतन 18 से 20% ही रिटर्न कमा रहे हैं. दीपक वाधवा कहते हैं कि अगर इन दिग्गजों के लिए इससे ज्यादा कमाना मुमकिन होता, तो वे अपना बिजनेस छोड़कर सिर्फ स्टॉक मार्केट में ही पैसा लगाते. उनके पास सारा डेटा है, फिर भी वे इसी ब्रैकेट में कमाते हैं. ऐसे में एक आम ट्रेडर के लिए 20-30% से ज्यादा का रिटर्न सोचना हकीकत से दूर हो सकता है.

कितनी पूंजी (Capital) की है जरूरत?

फुल-टाइम ट्रेडिंग शुरू करने से पहले आपको अपनी कमाई का गणित समझना होगा. एक्सपर्ट ने इसे दो भागों में समझाया है-

हिसाब लगाएं: अगर आप महीने का 1 लाख रुपये कमाना चाहते हैं, तो 18 से 20% सालाना रिटर्न के हिसाब से कैलकुलेट करें कि आपको कितनी बड़ी पूंजी लगानी होगी.

पूंजी का महत्व: केवल पर्याप्त पैसा होना ही काफी नहीं होता है, बल्कि उस पूंजी के हिसाब से अपनी उम्मीदें तय करना जरूरी है.


पहले टारेट तय करें, फिर फैसला लें

दीपक वाधवा के अनुसार Full-Time Trading का फैसला लेने से पहले यह तय करना जरूरी है कि व्यक्ति हर महीने या साल में कितनी कमाई चाहता है.तो इसके बाद उसे ये समझना चाहिए कि उस टारगेट तक पहुंचने के लिए कितनी पूंजी की जरूरत होगी. केवल ट्रेडिंग सीख लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्याप्त पूंजी और जोखिम को समझना भी उतना ही जरूरी है.

ट्रेडिंग को आसान कमाई न समझें

दीपक वाधवा का साफ मैसेज देने की कोशिश की है कि नौकरी छोड़कर Full-Time Trader बनने का फैसला केवल दूसरों की सफलता की कहानियां देखकर नहीं लेना चाहिए. मार्केट में कदम रखने से पहले रिटर्न की वास्तविकता, पूंजी की जरूरत और जोखिम को अच्छी तरह समझना जरूरी है. सही जानकारी और यथार्थवादी उम्मीदों के साथ ही कोई व्यक्ति ट्रेडिंग की दुनिया में आगे बढ़ सकता है.

फुल-टाइम ट्रेडिंग vs रेगुलर जॉब: एक तुलना

पहलूफुल-टाइम ट्रेडिंगरेगुलर जॉब
सफलता की दरसिर्फ 5% से 7% लोग ही सफल होते हैंतुलनात्मक रूप से ज्यादा स्टेबल और सुरक्षित
कमाई की उम्मीददिग्गजों के अनुसार सालाना 18% से 20%फिक्स्ड सैलरी और सालाना बोनस/इंक्रीमेंट
जोखिम93% से 95% लोग घाटे (Loss) में रहते हैंमार्केट के उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं
मेहनत का स्तरपैसा कमाने का सबसे कठिन तरीका हैतय काम और निश्चित समय की जिम्मेदारी
पूंजी (Capital)बड़ी रकम की जरूरत (अगर 1 लाख/महीना चाहिए)खुद का पैसा निवेश करने की जरूरत नहीं

आपके काम की बात

जी हां आपको बता दें कि दीपक वाधवा के अनुसार, ट्रेडिंग को लेकर फैले भ्रम को तोड़ना जरूरी है. अगर आप जॉब छोड़ने का मन बना रहे हैं, तो पहले बड़े इन्वेस्टर्स के रिटर्न और अपनी पूंजी की क्षमता का सही आकलन करें.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 जॉब छोड़ने से पहले कितना बैकअप फंड होना चाहिए?

कम से कम 1-2 साल के घर के खर्च का पैसा अलग सेव रखें, ताकि ट्रेडिंग में मुनाफा न होने पर भी घर चलता रहे

Q2 क्या तेजी वाले बाजार (Bull Market) को देखकर इस्तीफा देना सही है?

जब तक आप गिरते हुए बाजार में खुद को संभालना न सीख लें, तब तक फुल-टाइम ट्रेडिंग का जोखिम न लें

Q3 जॉब छोड़ने के बाद इंश्योरेंस का क्या होगा?

जॉब के साथ मिलने वाले मेडिकल फायदे खत्म हो जाएंगे, इसलिए अपना और परिवार का पर्सनल हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस पहले ही करवा लें

Q4 ट्रेडिंग के लिए सबसे जरूरी 'टेक सेटअप' क्या है?

एक शांत जगह के साथ हाई-स्पीड इंटरनेट और पावर बैकअप सबसे जरूरी है, ताकि ट्रेड के बीच में कनेक्शन न टूटे

Q5 क्या ट्रेडिंग के मुनाफे से ही घर चलाना चाहिए?

शुरुआत में ट्रेडिंग से सिर्फ एक्स्ट्रा कमाई का सोचें, जब आपका मुनाफा आपकी सैलरी से ज्यादा और लगातार होने लगे, तभी इसे घर चलाने का जरिया बनाएं

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