&format=webp&quality=medium)
अब हर ट्रेड पर ज्यादा टैक्स देना होगा. (प्रतीकात्मक फोटो:AI)
STT hike from April 1: एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू होते ही शेयर बाजार में कई अहम नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका असर ट्रेडर्स से लेकर म्यूचुअल फंड निवेशकों तक हर किसी पर पड़ेगा. सबसे बड़ा बदलाव फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) सेगमेंट में देखने को मिलेगा, जहां टैक्स और मार्जिन दोनों सख्त किए गए हैं.
इसके अलावा म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) और शेयर बायबैक (Share Buyback) से जुड़े नियम भी बदले हैं. तो आइए समझते हैं- ये बदलाव क्यों किए गए और आपके निवेश पर इसका क्या असर होगा?
ये भी जरूर पढ़ें- New Rules From April 1: कल से टोल पर नहीं चलेगा कैश, महंगी होंगी गाड़ियां,रसोई गैस पर आएगा अपडेट,अप्रैल की पहली सुबह ये 10 चीजें बदलेंगी
फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटी ट्रांजक्शन टैक्स (STT) बढ़ने से ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ जाएगी.
मतलब- हर ट्रेड अब थोड़ा महंगा होगा.
| फ्यूचर्स | 0.02% | 0.05% |
| ऑप्शंस | 0.1% | 0.15% |
| ऑप्शंस | 0.125% | 0.15% |
| कैश मार्जिन नियम | - | 50% कैश जरूरी |
| बायबैक सरचार्ज | - | 12% |
इसका असर:
अन्य खर्च जैसे ब्रोकरेज, एसटीटी और स्टैम्प ड्यूटी को अलग से दिखाया जाएगा, जिससे निवेशकों को पता चलेगा कि उनका पैसा कहां खर्च हो रहा है.
ये भी जरूर पढ़ें- 1 अप्रैल 2026 की सुबह PAN Card को लेकर बदल जाएंगे 8 नियम! घर-कार खरीदना, होटल बिल सब पर होगा असर, जानना जरूरी
क्या रिटेल निवेशकों पर असर पड़ेगा?
नहीं.
FACT BOX
1 अप्रैल से लागू हो रहे ये बदलाव सिर्फ नियम नहीं हैं, बल्कि शेयर बाजार को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं. अब साफ है- तेज मुनाफा नहीं, स्मार्ट निवेश का दौर शुरू हो रहा है.
1. STT बढ़ने से क्या असर होगा?
ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी, खासकर F&O में.
2. 50% कैश मार्जिन क्यों लाया गया?
जोखिम कम करने और लीवरेज कंट्रोल के लिए.
3. म्यूचुअल फंड में नया क्या है?
BER लागू होगा, जिससे खर्च ज्यादा साफ दिखेंगे.
4. क्या रिटेल निवेशकों पर बायबैक टैक्स का असर है?
नहीं, यह सिर्फ प्रमोटर्स पर लागू है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)