&format=webp&quality=medium)
SEBI ने IRRA Platform को 7 मई 2026 से बंद करने का फैसला लिया है. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
SEBI ने Investor Risk Reduction Access Platform यानी IRRA Platform को बंद करने का फैसला लिया है. यह फैसला 7 मई 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. मार्केट रेगुलेटर का कहना है कि अब भारतीय शेयर बाजार का Trading Infrastructure पहले के मुकाबले काफी ज्यादा मजबूत और सुरक्षित हो चुका है, इसलिए इस प्लेटफॉर्म की जरूरत अब नहीं बची.
IRRA Platform को अक्टूबर 2023 में लॉन्च किया गया था. इसका मकसद यह था कि अगर किसी ब्रोकर के ट्रेडिंग सिस्टम में तकनीकी दिक्कत आ जाए तो निवेशकों को Alternate Trading Access मिल सके. लेकिन Exchanges ने SEBI को बताया कि इस प्लेटफॉर्म का ब्रोकर्स ने लगभग इस्तेमाल ही नहीं किया और यह अब मार्केट
का इंफ्रास्ट्रक्चर काफी मजबूत बन चुका है.
Investors को Emergency Access देने की योजना: IRRA Platform को ऐसे समय के लिए तैयार किया गया था जब किसी ब्रोकर की ट्रेडिंग सर्विस अचानक बंद हो जाएं. इस व्यवस्था के जरिए निवेशक अपने खुले पोजीशन को मैनेज कर सकते थे और जरूरी Transactions पूरे कर सकते थे. इसका उद्देश्य मार्केट रिस्क कम करना और Panic Situation से बचाव करना था.
Market Stability बनाए रखने पर फोकस: SEBI और Exchanges चाहते थे कि किसी भी Technical Failure का असर सीधे रिटेल निवेशक पर न पड़े. इसी वजह से IRRA Platform को एक Backup Access Mechanism के तौर पर पेश किया गया था ताकि Trading Activities किसी हद तक जारी रह सकें और Market Confidence बना रहे.
ट्रेडिंग सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत हुए: SEBI ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में Exchanges और ब्रोकर्स के Technology Infrastructure में बड़ा सुधार हुआ है. BCP-DR Framework, Cyber Security Guidelines और M-SoC जैसे कदमों से Systems ज्यादा Resilient और Reliable बने हैं. इससे बड़े Technical Disruptions की संभावना काफी कम हुई है.
Exchanges ने इस्तेमाल कम होने की बात कही: Stock Exchanges ने SEBI को बताया कि IRRA Platform का प्रैक्टिकल इस्तेमाल लगभग नहीं हुआ. Exchanges का मानना था कि मौजूदा Infrastructure इतना मजबूत हो चुका है कि अलग से इस तरह के बैकअप प्लेटफॉर्म की जरूरत नहीं है. इसी वजह से इसे ‘Structurally Redundant’ बताया गया.
Emergency व्यवस्था पूरी तरह खत्म नहीं होगी: हालांकि, IRRA Platform बंद किया जा रहा है, लेकिन SEBI ने साफ किया है कि Contingency Pool Trading Facility जारी रहेगी. इसका मतलब यह है कि Market में Emergency Backup व्यवस्था पूरी तरह खत्म नहीं होगी और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध रहेगी.
Framework को और मजबूत बनाया जाएगा: SEBI ने कहा कि आगे Contingency Framework को और बेहतर और मजबूत किया जाएगा ताकि किसी भी बड़ी तकनीकी समस्या के दौरान निवेशक और ब्रोकर्स दोनों को कम से कम दिक्कत हो. रेगलेटर अब ज्यादा Focus Preventive Infrastructure और Real-Time Monitoring पर कर रहा है.
SEBI का IRRA Platform बंद करने का फैसला यह दिखाता है कि भारतीय शेयर बाजार का Technology Infrastructure अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और सुरक्षित माना जा रहा है. Exchanges और Brokers के Systems में सुधार के बाद इस Platform की जरूरत कम हो गई थी. हालांकि Emergency Backup व्यवस्था पूरी तरह खत्म नहीं की गई है और Contingency Trading Facility आगे भी जारी रहेगी.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 IRRA Platform क्या था?
IRRA Platform एक Emergency Trading Access System था, जिसे Broker System Failure के दौरान Investors को Alternate Access देने के लिए बनाया गया था.
Q2 IRRA Platform कब शुरू हुआ था?
यह Platform अक्टूबर 2023 में लॉन्च किया गया था.
Q3 SEBI ने IRRA Platform क्यों बंद हुआ?
SEBI के मुताबिक अब Trading Systems और Cyber Security Infrastructure काफी मजबूत हो चुके हैं.
Q4 IRRA Platform कब से बंद हुआ?
SEBI Circular के अनुसार यह फैसला 7 मई 2026 से लागू हो गया है.
Q5 BCP-DR Framework क्या है?
यह एक Backup और Disaster Recovery व्यवस्था है जो Technical Failure के दौरान Trading Operations को जारी रखने में मदद करती है.