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फोटो- एआई जनरेटेड
क्या आपने कभी सोचा था कि आप किसी को जन्मदिन पर अमेज़न या मिंत्रा के वाउचर की तरह 'म्यूचुअल फंड' का वाउचर भी गिफ्ट कर पाएंगे? SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) अब इसे हकीकत बनाने की तैयारी में है.
यह कदम उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो अपने छोटे भाई-बहनों, बच्चों या दोस्तों को फिजूलखर्ची के बजाय 'निवेश की आदत' डालना चाहते हैं. आइए, इस म्यूचुअल फंड गिफ्ट कार्ड (Gift PPI) मॉडल की बारीकियां समझते हैं.
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गिफ्ट देना: आप एक Gift PPI (जैसे कार्ड या डिजिटल वाउचर) खरीदेंगे और उसे किसी को गिफ्ट करेंगे.
निवेश की आजादी: जिसे गिफ्ट मिला है, वह उस रकम से अपनी पसंद की म्यूचुअल फंड स्कीम चुन सकेगा.
सुझाव (Suggestion): गिफ्ट देने वाला व्यक्ति किसी खास स्कीम का सुझाव दे सकता है, लेकिन लेने वाले पर उसे मानना बाध्यकारी (Compulsory) नहीं होगा.
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SEBI ने इस सुविधा को सुरक्षित रखने के लिए कुछ कड़े नियम बनाए हैं:
सालाना लिमिट: ई-वॉलेट, कैश और Gift PPI को मिलाकर एक साल में अधिकतम ₹50,000 का ही निवेश किया जा सकेगा.
कार्ड की वैल्यू: एक बार में एक Gift PPI की अधिकतम वैल्यू ₹10,000 होगी.
वन-टाइम यूज: इसे दोबारा रीलोड नहीं किया जा सकेगा. साथ ही, पूरी रकम का उपयोग एक बार में ही निवेश के लिए करना होगा, आप इसमें से टुकड़ों में (Partial use) पैसे खर्च नहीं कर पाएंगे.
वैधता (Validity): गिफ्ट कार्ड की वैलिडिटी 1 साल की होगी. अगर 1 साल में इसका इस्तेमाल नहीं हुआ, तो पैसा कार्ड खरीदने वाले के खाते में वापस चला जाएगा.
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चूंकि यह पैसों के लेन-देन से जुड़ा मामला है, इसलिए SEBI ने मनी लॉन्ड्रिंग (धोखाधड़ी) रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं:
स्वयं के नाम पर निवेश: गिफ्ट कार्ड लेने वाला व्यक्ति केवल अपने नाम पर ही निवेश कर पाएगा.
KYC और ट्रैकिंग: निवेश करते समय ग्राहक की KYC प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए. साथ ही, फंड्स के सोर्स (पैसे कहां से आए) को ट्रैक किया जाएगा.
निगरानी: संदिग्ध ट्रांजैक्शन को रोकने के लिए विभाग की सख्त नजर रहेगी.
यह मॉडल भारत में 'फाइनेंशियल गिफ्टिंग' के कल्चर को बढ़ावा देगा. अक्सर लोग शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में इसलिए निवेश नहीं करते, क्योंकि उन्हें शुरुआत करना नहीं आता. एक 'गिफ्ट कार्ड' मिलने से उन्हें वह पहला धक्का (Nudge) मिलेगा, जो उन्हें एक लंबी निवेश यात्रा पर ले जा सकता है.
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SEBI का यह प्रस्ताव न केवल निवेश को रोमांचक बनाएगा, बल्कि परिवारों में वित्तीय सुरक्षा पर चर्चा को भी बढ़ावा देगा. अगर सब कुछ ठीक रहा और 14 अप्रैल के बाद इसे हरी झंडी मिल गई, तो अगली दिवाली या राखी पर आप 'मिठाई' के साथ 'म्यूचुअल फंड' का तोहफा भी दे सकेंगे.
1- क्या मैं गिफ्ट कार्ड से मिली रकम को बैंक में निकाल सकता हूं?
नहीं, इस कार्ड का इस्तेमाल केवल म्यूचुअल फंड यूनिट्स खरीदने के लिए ही किया जा सकेगा.
2- क्या मैं अपने बच्चे के नाम पर यह कार्ड खरीद सकता हूं?
हां, लेकिन निवेश बच्चे के फोलियो (Minor account) में ही होगा और इसके लिए गार्जियन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
3- अगर कार्ड खो जाए तो क्या होगा?
चूंकि यह डिजिटल या रजिस्टर्ड PPI होगा, इसलिए इसकी जानकारी खरीदार के पास होगी. एक्सपायरी के बाद पैसा वैसे भी खरीदार को ही वापस मिलेगा.
4- क्या इस पर टैक्स लगेगा?
गिफ्ट मिलने के नियम (Income Tax rules on gifts) इस पर भी लागू होंगे.
5- क्या मैं इससे शेयर (Stocks) खरीद सकता हूं?
फिलहाल यह प्रस्ताव केवल म्यूचुअल फंड निवेश के लिए ही लाया जा रहा है.
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