SEBI का फैसला, गेंहू, चना, सोयाबीन समेत इन 7 एग्री कॉमोडिटीज की ट्रेडिंग पर रोक, 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया बैन

मार्केट रेगुलेटरी सेबी ने एग्री कॉमोडिटी पर बड़ा फैसला लिया है. सेबी ने चुनिंदा प्रमुख एग्री प्रोडक्ट्स में ट्रेडिंग का सस्पेंशन 31 मार्च 2027 तक आगे बढ़ा दिया है.
SEBI का फैसला, गेंहू, चना, सोयाबीन समेत इन 7 एग्री कॉमोडिटीज की ट्रेडिंग पर रोक, 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया बैन

Agri Commodities

मार्केट रेगुलेटरी सिक्युरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने वायदा बाजर और एग्री सेक्टर से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है. सेबी ने जरूरी वस्तुओं के बाजार को स्थिर रखने के लिए एग्री कॉमोडिटी डेरिवेटिव्स पर ट्रेंडिंग पर रोक एक एक बार फिर से बढ़ा दिया है. इस नए फैसले के तहत अब कुछ चुनिंदा प्रमुख एग्री प्रोडक्ट्स में 31 मार्च 2027 तक ट्रेडिंग नहीं होगी. जिन कृषि उत्पादों पर बैन लगाया है, उनमें धान (गैर बासमति), गेहूं, चना, सरसो और इसके डेरिवेटिव्स, सोयाबीन और इसके डेरिवेटिव्स, क्रूड पाम ऑयल और मूंग शामिल हैं.

2021में पहली बार लगाय था बैन

एग्री कॉमोडिटी डेरिवेटिव्स पर पहली बार रोक नहीं लगाई गई है. इससे पहले 19 दिसंबर 2021 को इन सभी जरूरी एग्री कॉमोडिटीज पर 20 दिसंबर 2022 तक बैन लगाया गया था. इसके बाद परिस्थितियों की समीक्षा के बाद इसे बार-बार बढ़ाया जाता है.

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क्यों लगाया जाता है कॉमोडिटीज पर बैन

  • साल 2022 में लगातार इन कॉमेडिटी डेरिवेटिव्स के सस्पेंशन को विस्तार मिलता रहा है. अब इस यह रोक अगले साल 31 मार्च तक लागू रहेगी.
  • सेबी इन कॉमोडिटी डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग को सस्पेंड कर बाजार में जरूरी वस्तुओं की कीमत में होने वाले उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करती है.
  • सरकार इस सस्पेंशन के जरिए जरूरी और रोजमर्रा की कॉमोडिटी में होने वाली सट्टेबाजी पर लगाम लगाती है. इससे आम जनता के लिए इन वस्तुओं की सप्लाई और दाम स्थिर बने रहें.

कॉमोडिटी एक्सचेंज को दिए हैं निर्देश

सेबी ने कॉमोडिटी मार्केट को मैनेज करने वाले सभी एक्सचेंज को साफ तौर से निर्देश दिए हैं कि वह अपने कॉमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में इन सभी लिस्टेड एग्री कॉमोडिटी की ट्रेडिंग को पूरी तरह से बंद रखें.

कब-कब बढ़ाया गया बैन

  • सेबी के फैसले का असर बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स पर पड़ेगा.
  • सस्पेंशन की समय सीमा बढ़ने का कारण निवेशक फिलहाल इन लिस्टेड जरूरी एग्री कॉमोडिटी में किसी भी तरह की फ्यूचर ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे.
  • सेबी द्वारा सस्पेंशन को सबसे पहले दिसंबर 2023 तक और इसके बाद दिसंबर 2024 तक बढ़ाया गया था. इसके बाद इसे तीन बार 31 जनवरी 2025, 31 मार्च 2025 और फिर 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया गया था.

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NCDEX में होती है ट्रेडिंग

आपको बता दें कि नेशनल कॉमोडिटी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) मुख्य तौर से एग्री कमोडिटीज के वायदा कारोबार के लिए जाना जाता है. यहां पर जीरा, ग्वार सीड, धनिया और कैस्टर सीड जैसी कॉमोडिटी की ट्रेडिंग प्रमुखता से होती है. इसकी शुरुआत 15 दिसंबर 2003 को हुई थी. जिस तरह निफ्टी और सेंसेक्स एनसीई और बीएसई का हाल बताते हैं, वैसे ही NCDEX AGRIDEX, GUAREX और SOYDEX जैसे इंडेक्स NCDEX की स्थिति बताते हैं.