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Agri Commodities
मार्केट रेगुलेटरी सिक्युरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने वायदा बाजर और एग्री सेक्टर से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है. सेबी ने जरूरी वस्तुओं के बाजार को स्थिर रखने के लिए एग्री कॉमोडिटी डेरिवेटिव्स पर ट्रेंडिंग पर रोक एक एक बार फिर से बढ़ा दिया है. इस नए फैसले के तहत अब कुछ चुनिंदा प्रमुख एग्री प्रोडक्ट्स में 31 मार्च 2027 तक ट्रेडिंग नहीं होगी. जिन कृषि उत्पादों पर बैन लगाया है, उनमें धान (गैर बासमति), गेहूं, चना, सरसो और इसके डेरिवेटिव्स, सोयाबीन और इसके डेरिवेटिव्स, क्रूड पाम ऑयल और मूंग शामिल हैं.
एग्री कॉमोडिटी डेरिवेटिव्स पर पहली बार रोक नहीं लगाई गई है. इससे पहले 19 दिसंबर 2021 को इन सभी जरूरी एग्री कॉमोडिटीज पर 20 दिसंबर 2022 तक बैन लगाया गया था. इसके बाद परिस्थितियों की समीक्षा के बाद इसे बार-बार बढ़ाया जाता है.
सेबी ने कॉमोडिटी मार्केट को मैनेज करने वाले सभी एक्सचेंज को साफ तौर से निर्देश दिए हैं कि वह अपने कॉमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में इन सभी लिस्टेड एग्री कॉमोडिटी की ट्रेडिंग को पूरी तरह से बंद रखें.
कब-कब बढ़ाया गया बैन
आपको बता दें कि नेशनल कॉमोडिटी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) मुख्य तौर से एग्री कमोडिटीज के वायदा कारोबार के लिए जाना जाता है. यहां पर जीरा, ग्वार सीड, धनिया और कैस्टर सीड जैसी कॉमोडिटी की ट्रेडिंग प्रमुखता से होती है. इसकी शुरुआत 15 दिसंबर 2003 को हुई थी. जिस तरह निफ्टी और सेंसेक्स एनसीई और बीएसई का हाल बताते हैं, वैसे ही NCDEX AGRIDEX, GUAREX और SOYDEX जैसे इंडेक्स NCDEX की स्थिति बताते हैं.