SEBI ने शेयर बाजारों में तकनीकी गड़बड़ियों की सूचना के लिए नया पोर्टल बनाया

बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को कहा कि उसने तकनीकी गड़बड़ियों के बारे में शेयर बाजारों और अन्य बाजार अवसंरचना संस्थानों (एमआईआई) द्वारा प्रारंभिक एवं अंतिम मूल कारण विश्लेषण (आरसीए) रिपोर्ट पेश करने के लिए एक वेब-आधारित पोर्टल विकसित किया है.
SEBI ने शेयर बाजारों में तकनीकी गड़बड़ियों की सूचना के लिए नया पोर्टल बनाया

बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को कहा कि उसने तकनीकी गड़बड़ियों के बारे में शेयर बाजारों और अन्य बाजार अवसंरचना संस्थानों (एमआईआई) द्वारा प्रारंभिक एवं अंतिम मूल कारण विश्लेषण (आरसीए) रिपोर्ट पेश करने के लिए एक वेब-आधारित पोर्टल विकसित किया है. नए पोर्टल ‘तकनीकी गड़बड़ियों के लिए एकीकृत सेबी पोर्टल’ (आईस्पॉट) का उद्देश्य बाजार अवसंरचना संस्थानों में तकनीकी गड़बड़ियों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और तकनीकी गड़बड़ियों का एक केंद्रीकृत भंडार बनाना है.

वर्तमान में शेयर बाजार, समाशोधन निगम और डिपॉजिटरी जैसे बाजार अवसंरचना संस्थानों को तकनीकी गड़बड़ियों के बारे में जानकारी देने और एक समर्पित ईमेल आईडी पर सेबी को मूल कारण विश्लेषण रिपोर्ट जमा करनी होती है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परिपत्र में कहा, ‘‘तकनीकी गड़बड़ी की प्रारंभिक और आरसीए रिपोर्ट को एमआईआई द्वारा सेबी के समर्पित वेब-आधारित पोर्टल आईस्पॉट के माध्यम से नियामक के साथ साझा किया जाएगा.’’

नियामक ने कहा कि इस पोर्टल की शुरुआत से तकनीकी गड़बड़ियों से संबंधित आंकड़ों की गुणवत्ता सुधारने और सेबी एवं एमआईआई के स्तर पर तकनीकी गड़बड़ियों से संबंधित ऐतिहासिक ब्योरा पता लगाने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा विभिन्न अनुपालन जरूरतों की निगरानी के लिए प्रणाली-जनित रिपोर्ट तैयार करने और प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की सेबी द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर आरसीए रिपोर्ट दाखिल करने की स्वचालित सूचना देने में मदद मिलेगी.

Add Zee Business as a Preferred Source

बाजार अवसंरचना संस्थानों तक पहुंच को आसान बनाने के लिए आईस्पॉट को सेबी के इंटरमीडियरी (एसआई) पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है. एसआई पोर्टल के मौजूदा लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर इसे एमआईआई एक्सेस कर सकते हैं. सेबी का नया परिपत्र तीन फरवरी से लागू हो जाएगा.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6