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SEBI Ban Capproin Financial Advisory Services (CFAS): कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने Capproin Financial Advisory Services (CFAS) और इसके पार्टनर्स पर एक्शन लेते हुए 3 साल का बैन लगा दिया है. सेबी (SEBI) ने कंपनी की ओर से अनधिकृत इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी सर्विस देने के आरोप में कंपनी पर 3 साल का बैन लगा दिया है. अब ये कंपनी अगले 3 साल तक निवेशकों को शेयर बाजार (Share Market) में पैसा लगाने की सलाह नहीं दे सकती है. बता दें कि सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने अपने आदेश में बताया कि ये कंपनी बिना मार्केट रेगुलेटर की परमिशन या सर्टिफिकेट के बिना निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश की सलाह दे रही थी.
सेबी ने Capproin Financial Advisory Services (CFAS) और इसके पार्टनर सौरभ राय और जसमीत कौर बग्गा पर भी 3 साल का बैन लगाया है. बता दें कि सेबी को मार्केट वॉचडॉग SCORES (SEBI Complaints Redress System portal) प्लेटफॉर्म से CFAS और इसके पार्टनर्स के खिलाफ शिकायत मिली थी.
शिकायत मिलने के बाद रेगुलेटर ने इसकी जांच बैठाई और पता लगाया कि क्या इस दौरान इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स (IA) नियमों का उल्लंघन हुआ तो नहीं. इसके बाद सेबी ने मार्च 2020 में कंपनी और इसके पार्टनर्स को कारण बताओ नोटिस भेज दिया.
कारण बताओ नोटिस भेजने के बाद सेबी ने इस मामले में जांच शुरू की और जांच में पाया कि CFAS और इसके पार्टनर सौरभ राय कभी भी सेबी के तहत रजिस्टर्ड नहीं थे. हालांकि जसमीत कौर बग्गा रिसर्च इंफोटेक के प्रॉपराइडट के तौर पर सेबी के तहत रजिस्टर्ड थे.
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सेबी के आदेश के मुताबिक, सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया से बिना किसी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी का सर्टिफिकेट लिए बिना ये कंपनी और इसके पार्टनर्स निवेशकों को निवेश की सलाह दे रहे थे. बिना किसी सर्टिफिकेट या अथॉरिटी के सलाह देने की वजह से सेबी ने पाया कि इन लोगों ने इन्वेस्टमेंट एडवाइजर के नियमों का उल्लंघन किया है.
सेबी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, कंपनी और इसके पार्टनर्स ने जनवरी 2014 से लेकर सितंबर 2015 के बीच निवेशकों को सलाह देकर कुल 75.19 लाख रुपए कमाए. अब सेबी ने इन लोगों को पैसा वापस करने का आदेश दिया है. अगले 3 महीने में इन लोगों को निवेशकों का पैसा वापस करना है.