&format=webp&quality=medium)
MSE की नई चेयरपर्सन बनीं उपमा दादा चौधरी.
भारतीय शेयर बाजार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. SEBI ने Metropolitan Stock Exchange (MSE) के गवर्निंग बोर्ड की चेयरपर्सन के तौर पर उपमा दादा चौधरी की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. खास बात यह है कि इस नियुक्ति के बाद वह देश की सभी मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थाओं (MIIs) में अकेली महिला चेयरपर्सन बन गई हैं. MSE ने इसे एक्सचेंज के लिए एक अहम कदम बताया है.
उपमा दादा चौधरी 1983 बैच की IAS अधिकारी रही हैं और हिमाचल प्रदेश कैडर से जुड़ी रही हैं. उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक करियर में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वित्त, शिक्षा, ग्रामीण विकास, उद्योग, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण जैसे कई क्षेत्रों में उन्होंने काम किया है.
उपमा दादा चौधरी के पास 35 साल से ज्यादा का प्रशासनिक अनुभव है. उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. उन्हें नीतियां बनाने और बड़े संस्थानों को संभालने का लंबा अनुभव है.
साल 2016 में वह लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी की पहली महिला डायरेक्टर बनी थीं. यह देश की सबसे प्रमुख प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थाओं में से एक मानी जाती है.
उपमा दादा चौधरी ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) समेत कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है. इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़े कई कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 2018 से 2021 के बीच वह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेषज्ञ समिति की सदस्य भी रहीं.
ये भी पढ़ें: SEBI का बड़ा एक्शन, सोशल मीडिया पर Stock Tips देकर करोड़ों कमाने वाले 7 लोगों पर शिकंजा
MSE की मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO लतिका एस. कुंडू ने कहा कि उपमा दादा चौधरी का एक्सचेंज में स्वागत करते हुए उन्हें खुशी है. उन्होंने कहा कि उनका अनुभव और नेतृत्व MSE को आगे बढ़ाने में मदद करेगा. साथ ही एक्सचेंज के मजबूत, पारदर्शी और आधुनिक बाजार ढांचा बनाने के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी.
Metropolitan Stock Exchange (MSE) देश का सबसे युवा स्टॉक एक्सचेंज है. इसे SEBI से इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और डेट सेगमेंट में कारोबार चलाने की मंजूरी मिली हुई है. एक्सचेंज का फोकस नए प्रोडक्ट्स और ज्यादा से ज्यादा लोगों को बाजार से जोड़ने पर है.