SEBI-NSDL ने शुरू किया 'मीटर तो चेक किया' अभियान, ऑटो रिक्शा बने जरिया, भुगतान से पहले करना होगा 'SEBI Check'!

SEBI और NSDL ने निवेशकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक अनोखा 'ऑटो रिक्शा अभियान' शुरू किया है. इस अभियान का उद्देश्य डिजिटल भुगतान करने से पहले निवेशकों को 'SEBI Check' करने के लिए प्रोत्साहित करना है. 'मीटर तो चेक किया' जैसे दिलचस्प नारों के माध्यम से, यह अभियान लोगों को यूपीआई आईडी, बैंक खातों और बिचौलियों की प्रमाणिकता की जांच करने की सलाह देता है ताकि वे ऑनलाइन ठगी का शिकार न हों.
SEBI-NSDL ने शुरू किया 'मीटर तो चेक किया' अभियान, ऑटो रिक्शा बने जरिया, भुगतान से पहले करना होगा 'SEBI Check'!

सेबी और एनएसडीएल ने शुरू किया 'सेबी चेक' अभियान. ऑटो रिक्शा के जरिए निवेशकों को किया जा रहा जागरूक.

शेयर बाजार में बढ़ते निवेश और डिजिटल पेमेंट के दौर में धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए, बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने एनएसडीएल (NSDL) के साथ मिलकर एक जमीनी जागरूकता अभियान शुरू किया है. इस अभियान की खास बात यह है कि इसके लिए शहरों की धड़कन कहे जाने वाले 'ऑटो रिक्शा' को माध्यम बनाया गया है. यह अभियान निवेशकों को यह याद दिलाता है कि जैसे हम ऑटो में बैठने से पहले उसका मीटर चेक करते हैं, वैसे ही शेयर बाजार में पैसे भेजने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच भी जरूरी है.

यह अभियान विशेष रूप से उन निवेशकों के लिए है जो यूपीआई (UPI) या नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान करते हैं. सेबी का मानना है कि डिजिटल माध्यमों से होने वाली ठगी को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका 'सावधानी' है. मुंबई, दिल्ली, वाराणसी और पटना जैसे 10 से अधिक बड़े शहरों में 1000 से ज्यादा ऑटो रिक्शा इस संदेश को घर-घर और गली-गली पहुंचा रहे हैं.

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'मीटर तो चेक किया'- एक घरेलू अंदाज में सुरक्षा का संदेश

सेबी ने इस अभियान के लिए एक बहुत ही सरल और प्रभावशाली पंचलाइन चुनी है- "मीटर तो चेक किया". इस नारे के जरिए निवेशकों को यह समझाया जा रहा है कि स्टॉक मार्केट के किसी भी बिचौलिए (Intermediary) को पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी पूरी जांच करना जरूरी है.

वेरिफिकेशन (Verification): निवेशकों को सलाह दी गई है कि वह यूपीआई आईडी और बैंक अकाउंट डिटेल्स को क्रॉस-चेक करें.

रजिस्टर्ड बिचौलिए: निवेश केवल उन्हीं संस्थाओं के साथ करें जो सेबी के पास रजिस्टर्ड (Registered) हैं.

QR कोड और डिजिटल टूल से मिलेगी जानकारी

हर ऑटो रिक्शा पर खास QR कोड लगाए गए हैं. जैसे ही कोई निवेशक अपने स्मार्टफोन से इस कोड को स्कैन करेगा, वह सीधे सेबी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाएगा. इन प्लेटफॉर्म्स में शामिल हैं:

SEBI Check पोर्टल: यहां आप किसी भी संस्था की प्रमाणिकता की जांच कर सकते हैं.

SEBI Saathi ऐप: यह ऐप निवेशकों को शिक्षा और सुरक्षा संबंधी जानकारी देता है.

SEBI निवेशक वेबसाइट: यहां रजिस्टर्ड इंटरमीडियरीज की पूरी सूची उपलब्ध है.

यह तकनीक-आधारित तरीका यह सुनिश्चित करता है कि निवेशक को सही जानकारी सीधे रेगुलेटर से मिले, न कि किसी अनधिकृत व्यक्ति से.

इन शहरों में शुरू हुआ अभियान

सेबी ने अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए देश के उन शहरों को चुना है जहां निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इनमें शामिल हैं:

महानगर: मुंबई, दिल्ली, पुणे.

उत्तर प्रदेश: वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ.

अन्य प्रमुख शहर: सूरत, कोयंबटूर, इंदौर और पटना.

यह अभियान भीड़-भाड़ वाले इलाकों में लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनकर यह सुरक्षा संदेश लोगों के दिमाग में बैठ सके.

Conclusion

सेबी और एनएसडीएल का यह 'ऑटो रिक्शा अभियान' इस बात का प्रमाण है कि जटिल वित्तीय सुरक्षा नियमों को भी सरल भाषा और परिचित माध्यमों से समझाया जा सकता है. डिजिटल इंडिया के दौर में, जहां एक गलत क्लिक से आपकी मेहनत की कमाई डूब सकती है, 'SEBI Check' जैसा छोटा कदम बड़े नुकसान को टालने में मददगार साबित होगा. यह पहल बाजार में पारदर्शिता लाने और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय कदम है.

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