Freak Trade: यनमिक ट्रेड एक्सीक्यूशन रेंज बनाते समय फॉर्मूले में कीमतों में उतार चढ़ाव, भाव और लिक्विडिटी जैसे पहले अहम रहेंगे. दरअसल इस पूरे मामले पर नए सिरे से चिंता की वजह 2 जून को निफ्टी ऑप्शंस में हुआ एक गलत सौदा था.
ट्रेड एक्सिक्यूशन रेंज (New trade execution range) की व्यवस्था NSE ने 2014 में शुरु की थी.