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(Representational)
SBI stock buy: शेयर बाजार में निवेश के लिए किसी दमदार फंडामेंटल वाले लॉर्ज कैप की तलाश में हैं, तो SBI के शेयरों पर नजर रख सकते हैं. कोविड19 की चुनौतियों के बाद भी बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा है. जून तिमाही के नतीजों से भी यह संकेत मिले हैं कि बैंक लॉकडाउन से अब उबर गया है. बैंक ने इस दौरान भी अपनी एसेट क्वालिटी को सही से मैनेज किया है. ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल बैंक के शेयर को लेकर बुलिश है. ब्रोकरेज हाउस ने 600 रुपये के लक्ष्य के साथ शेयर में निवेश की सलाह दी है. ब्रोकरेज का कहना है कि देश में इकोनॉमी में आगे रिकवरी तेज होगी, जिसमें SBI क्लीयर कट विनर साबित होगा.
SBI के शेयरों में इस साल अबतक 54 फीसदी रिटर्न मिल चुका है. इस दौरान शेयर का भाव 279 रुपये से बढ़कर 431 रुपये पहुंच गया है. वहीं बीते 1 साल में शेयर का रिटर्न 107 फीसदी रहा है. यानी बीते 1 साल में शेयर ने निवेशकों का पैसा डबल कर दिया है.
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ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने शेयर में 600 रुपये के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है. ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि चुनौतियों के बाद भी बैंक का प्रदर्शन बेहतर रहा है. बैंक में अच्छी रिकवरी है और रिकवरी आगे भी जारी रहेगी. बैंक की एसेट क्वालिटी में आगे और सुधार के संकेत मिले हैं. लोन बुक में अच्छी ग्रोथ आई है. आगे इस शेयर में अच्छे रिटर्न की गुंजाइश है. इस तरह, मौजूदा भाव से देखें तो टारगेट प्राइस पर निवेशकों को 40 फीसदी का रिटर्न मिल सकता है.
इकोनॉमी में रिकरी के साथ सभी सरकारी बैंकों में SBI की परफॉर्मेंस सबसे बेहतर है. बैंक के कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सुधार हुआ है. लॉकडाउन के चलते बिजनेस ट्रेंड पर असर हुआ है. बावजूद इसके लोन ग्रोथ FY22-23E में धीरे-धीरे रिकवरी होगी. बीते दो साल में बैंक की सब्सिडियरीज (SBI MF, SBILIFE, SBICARD, SBI Cap) की परफॉर्मेंस शानदार रही है.
ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, एसबीआई का फोकस बैलेंस सीट को मजबूत करने पर रहा है. वित्त वर्ष 2021 में बैंक का ग्रॉस एनपीए (GNPA) घटकर 1.3 लाख करोड़ रुपये पर आ गया, जोकि वित्त वर्ष 2018 में 2.2 लाख करोड़ था. बीते साल में बैंक के GNPAs में तकरीबन 43 फीसदी की गिरावट आई है.