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VPF पर ब्याज दर कर्मचारी चाहे तो PF कॉन्ट्रीब्यूशन बढ़ा सकते हैं. (pixabay)
Retirement: किसी भी इंसान को अपने रिटायरमेंट (Retirement) की प्लानिंग पहले से कर लेनी चाहिए. इसके कई फायदे होते हैं. इससे आप 60 साल की उम्र के बाद चिंतामुक्त होते हैं और आप अपना मेडिकल खर्च भी उठाने में सक्षम हो जाते हैं. साथ ही समय के साथ बढ़ती महंगाई को भी आप मात देते हैं. अगर आपके सामने अचानक कोई खर्च आ जाए तो उससे भी बिना परेशान हुए निपट लेते हैं. इसके अलावा आप रिटायरमेंट लक्ष्य को भी हासिल कर लेते हैं. आइए इस महत्वपूर्ण मुद्द पर चीफ फाइनेंशियल प्लानर जितेन्द्र सोलंकी से विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं कि इसके लिए पैसे कहां निवेश करें और क्या स्ट्रैटेजी रखें.
रिटायरमेंट प्लान
EPF
NPS
SWP
EPF-क्या है?
EPF यानि कर्मचारी भविष्य निधि खाता
नौकरीपेशा लोगों के लिए है PF खाता
बेसिक सैलरी का 12% जाता है PF में
इतना ही योगदान कंपनी की तरफ से भी
व्यक्ति का पूरा शेयर EPF में जमा होता है
कंपनी का शेयर दो हिस्सों में बांटा जाता है
कंपनी के शेयर का 3.67% EPF में होता है
8.33% योगदान EPS में होता है
EPS- कर्मचारी पेंशन योजना
कुल PF कॉन्ट्रीब्यूशन पर ब्याज मिलता है
EPF पर 80C के तहत टैक्स छूट
EPF पर ब्याज दर 8.65%
समय से पहले रकम निकालें?
EPF रिटायरमेंट की सुरक्षा का जरिया
रकम को रिटायरमेंट के लिए रखना सही
भविष्य निधि खाता को बचत के तौर पर देखें
बहुत जरूरत न हो तो रकम न निकालें
नौकरी बदलने पर PF अकाउंट ट्रांसफर कराएं
कुछ खास परिस्थिति में आंशिक रकम नकासी संभव
निकासी के नियम
कारण- शादी
लिमिट - कर्मचारी के कॉन्ट्रिब्यूशन के 50% तक
सेवा के साल - 7
अन्य शर्तें : अपनी, बेटे/बेटी, भाई/बहन की शादी के लिए
आंशिक निकासी के नियम
कारण - शिक्षा
लिमिट - कर्मचारी के कॉन्ट्रिब्यूशन का 50% तक
सेवा के साल - 7
अन्य शर्तें - अपने या 10वीं के बाद बच्चे की शिक्षा के लिए
कारण - घर/जमीन खरीदने के लिए
जमीन के लिए - मासिक वेतन के 24 गुना+महंगाई भत्ता
घर के लिए - मासिक वेतन के 36 गुना+प्लस महंगाई भत्ता
सेवा के साल : 5
अन्य शर्तें - संपत्ति, भूमि या घर, कर्मचारी/उसके जीवनसाथी/दोनों के नाम हो
कारण - होम लोन का रिपेमेंट
लिमिट - कर्मचारी और कंपनी के कॉन्ट्रिब्यूशन का अधिकतम 90% तक
सेवा के साल - 10
अन्य शर्तें:
1. प्रॉपर्टी कर्मचारी/उसके जीवनसाथी या दोनों के नाम हो
2. हाउसिंग लोन के जुड़े जरूरी दस्तावेज दिखाना अनिवार्य
3. मेंबर के पीएफ खाते में ब्याज सहित जमा `20,000 से ज्यादा हो
कारण - घर की मरम्मत
लिमिट - मासिक वेतन के 12 गुना तक
सेवा के साल - 5
अन्य शर्तें: प्रॉपर्टी कर्मचारी/उसके जीवनसाथी या दोनों के नाम हो
कारण - मेडिकल इमर्जेंसी
लिमिट - 6 महीने का बेसिक वेतन+डीए/ब्याज के साथ कर्मचारी का हिस्सा
सेवा के साल - लागू नहीं
अन्य शर्तें - अपने या अपने परिवार के सदस्य के उपचार के लिए
कारण - नौकरी जाना
लिमिट - एक महीने से बेरोजगार रहने पर कुल कॉर्पस का 75%
2 महीने तक बेरोजगार रहने पूरी रकम निकासी संभव
सेवा के साल - लागू नहीं
कारण - रिटायरमेंट से कुछ पहले
लिमिट - कुल कॉर्पस का 90% तक
सेवा के साल : 57 साल की उम्र पर
VPF
VPF- स्वैच्छिक भविष्य निधि
कर्मचारी चाहे तो PF कॉन्ट्रीब्यूशन बढ़ा सकते हैं
इसे VPF यानि वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड कहते हैं
बढ़े योगदान पर भी आपको ब्याज मिलता है
VPF पर ब्याज दर कर्मचारी चाहे तो PF कॉन्ट्रीब्यूशन बढ़ा सकते हैं
VPF पर ब्याज दर EPF के समान
वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड में PPF से ज्यादा ब्याज दर
VPF पर ब्याज दर 8.65%
PPF पर ब्याज दर 7.9%
रिटायरमेंट प्लान
NPS
NPS यानि नेशनल पेंशन सिस्टम
NPS पेंशन और निवेश स्कीम
रिटायरमेंट के लिए बेहतर है स्कीम
वित्तीय वर्ष में कभी भी निवेश करने की सुविधा
जितनी रकम चाहे, उतनी ही रकम निवेश करें
निवेश और पेंशन फंड चुनने की आजादी
अकाउंट को कहीं से भी कर सकते हैं ऑपरेट
फायदे
टैक्स नियम में बदलाव के चलते आकर्षण बढ़ा
रिटायरमेंट पर निकाली जाने वाली 60% रकम टैक्स फ्री
कम से कम 40% एन्युटी में लगाना अनिवार्य
40% पर लगता है टैक्स
NPS में निवेश 80C के तहत आता है
80CCD(1B) में ₹50 हजार की अतिरिक्त छूट
10% तक स्कीम में 80CCD(2) के तहत जमा रकम टैक्स फ्री
पिछले 5 साल में 9.33% रिटर्न
इक्विटी में अधिकतम 75% निवेश संभव
50 साल की उम्र तक 75% निवेश कर सकते हैं
रकम निकासी
NPS में निकासी के कई विकल्प मौजूद हैं
3 साल बाद आंशिक निकासी
10 साल बाद निवेश बंद करने का विकल्प
60 साल की उम्र में निकासी
आंशिक निकासी नियम
कम से कम 3 साल के लिए NPS में हो निवेश
सब्सक्राइबर के कुल योगदान से 25% निकासी
सब्सक्रिप्शन अवधि में कुल 3 बार निकासी संभव
आंशिक निकासी कुछ अहम वजहों से संभव है
आंशिक निकासी नियम
1-बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए
2-बच्चों की शादी के लिए
3-घर खरीदने और मरम्मत के लिए
4-क्रिटिकल इलनेस के इलाज के लिए
कंप्लीट एग्जिट
सब्सक्राइबर की उम्र 60 साल से कम
ऐसे में कॉर्पस का 20% निकासी संभव
बाकी रकम का एन्युटी में निवेश होगा
कॉर्पस अगर ₹1 लाख से कम
ऐसे में पूरा कॉर्पस कर सकते हैं विद्ड्रॉ
अकाउंट बंद हुआ तो फिर से नहीं खोल सकेंगे
रिटायरमेंट
रिटायरमेंट पर कॉर्पस का 60% हिस्सा निकालना संभव
60% निकासी टैक्स फ्री, बाकी एन्युटी में निवेश
कॉर्पस ₹2 लाख या उससे कम तो पूरी निकासी एकमुश्त संभव
रिटायरमेंट प्लान
SWP
SWP क्या है?
SWP यानि सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल प्लान
अपना पैसा सिस्टमैटिक तरीके से निकाल सकते हैं
कैश फ्लो बनाए रखना है तो SWP बेहतर
SWP से हर महीने तय रकम निकाल सकते हैं
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रिटायरमेंट के बाद क्या बेहतर?
रिटायरमेंट के बाद डेट फंड्स का पोर्टफोलियो बेहतर
मासिक खर्चों के लिए अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड में निवेश करें
SWP सुविधा के जरिये मासिक रकम ले सकते हैं
सीनियर सिटीजन के लिए रेगुलर आय का जरिया
SWP- फायदे
मौजूदा निवेश से आप रेगुलर इनकम ले सकते हैं
अवधि और रकम, आप पहले ही तय कर लेते हैं
तय समय पर ऑटोमैटिक पैसे अकाउंट में आ जाते हैं
SWP के जरिए नियमित अंतराल पर पैसे निकाल सकते हैं
NAV के आधार पर हर महीने पैसे निकालने का विकल्प.