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सालभर में गिरा रिटेल इन्वेस्टर का निवेश (फाइल फोटो)
भारतीय शेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की भागीदारी भले ही बनी हुई है, लेकिन निवेश की राशि में इस वित्त वर्ष के दौरान तेज गिरावट देखने को मिली है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में अबतक (28 फरवरी 2026) रिटेल निवेशकों का कुल निवेश काफी कम रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले बड़ा अंतर दिखाता है.
रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में अब तक कुल रिटेल निवेश करीब 33,537 करोड़ रुपए रहा है, जिसमें प्राइमरी मार्केट में किए गए निवेश भी शामिल हैं. वहीं FY25 में यह आंकड़ा 1.59 लाख करोड़ रुपये था. इस तरह देखा जाए तो मौजूदा वित्त वर्ष में निवेश में भारी गिरावट दर्ज की गई है.
रिपोर्ट बताती है कि निवेश में आई यह गिरावट इस बात का संकेत है कि रिटेल निवेशक पूरी तरह बाजार से बाहर नहीं हुए हैं, बल्कि उनका रवैया अब पहले की तुलना में ज्यादा सतर्क हो गया है.
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निवेशक अब वैल्युएशन, कंपनियों की कमाई की स्पष्टता (earnings visibility), लिक्विडिटी की स्थिति और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल घटनाओं जैसे फैक्टर्स को ध्यान में रखकर निवेश कर रहे हैं. यही वजह है कि निवेश की गति धीमी पड़ी है.
मंथली आधार पर देखा जाए तो कैश मार्केट (Cash Market) सेगमेंट में रिटेल निवेशकों की भागीदारी में लगातार गिरावट दर्ज की गई है.
यह लगातार दूसरे महीने की गिरावट है, जो यह दिखाती है कि छोटे निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं.
दिलचस्प बात यह है कि जहां कैश मार्केट में भागीदारी घटी है, वहीं इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में निवेशकों की संख्या बढ़ी है.
फरवरी 2026 में यह आंकड़ा पिछले 14 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है. इससे संकेत मिलता है कि निवेशक शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग या हेजिंग के लिए डेरिवेटिव्स का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं.
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FY26 (28 फरवरी तक) के आंकड़ों के मुताबिक:
हालांकि हालिया गिरावट के बावजूद, कुल भागीदारी अभी भी मजबूत बनी हुई है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले एक दशक में रिटेल निवेशकों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है.
यह ग्रोथ इस बात का संकेत है कि भारत में निवेश की संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है.
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रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के पीछे कई कारण हैं:
हालांकि मौजूदा समय में निवेश की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन लंबी अवधि का ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही बाजार की अनिश्चितताएं कम होंगी और वैल्युएशन आकर्षक स्तर पर आएंगे, रिटेल निवेशक फिर से जोरदार वापसी कर सकते हैं.
1. FY26 में रिटेल निवेश में कितनी गिरावट आई है?
FY26 में अब तक रिटेल निवेश 33,537 करोड़ रुपए रहा है, जो FY25 के 1.59 लाख करोड़ रुपए से काफी कम है.
2. क्या रिटेल निवेशक बाजार से बाहर हो रहे हैं?
नहीं, निवेशक बाजार में बने हुए हैं, लेकिन उनका रवैया अब ज्यादा सतर्क हो गया है.
3. कैश मार्केट में भागीदारी क्यों घट रही है?
उच्च वैल्युएशन, ग्लोबल अनिश्चितता और लिक्विडिटी जैसी चिंताओं के चलते निवेशक फिलहाल जोखिम कम ले रहे हैं.
4. डेरिवेटिव्स सेगमेंट में बढ़ोतरी क्यों हो रही है?
निवेशक शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग और हेजिंग के लिए डेरिवेटिव्स का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं, जिससे इस सेगमेंट में भागीदारी बढ़ी है.
5. लंबे समय में रिटेल निवेश का ट्रेंड कैसा है?
पिछले 10 साल में रिटेल निवेशकों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो बाजार में बढ़ती भागीदारी और जागरूकता को दर्शाता है.
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