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RBI Policy में ब्याज दरें स्थिर, लेकिन इकोनॉमी के लेकर चिंताएं जारी. (फोटो: Zee Business)
RBI Policy: केंद्रीय रिजर्व बैंक ने (Reserve Bank of India) ने अप्रैल की पॉलिसी में ब्याज दरों को स्थिर रखा है. लेकिन ताजा मौद्रिक नीति पर बाजार में बड़ा सवाल है—क्या यह पॉलिसी बाजार के लिए अच्छी है या चिंता की बात? Zee Business के खास पैनल में दिग्गज एक्सपर्ट्स ने इस पर विस्तार से चर्चा की और कुल मजमून यह रहा कि पॉलिसी में कोई बड़ा सरप्राइज नहीं, लेकिन आगे का रास्ता थोड़ा सतर्क रुख के साथ ही तय किया जाएगा.
इकोनॉमिस्ट्स और ग्लोबल मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के मुताबिक, यह पॉलिसी पूरी तरह अनुमान के अनुरूप रही. बाजार को चौंकाने वाला कुछ नहीं था, जो अपने आप में एक पॉजिटिव संकेत है. हालांकि उन्होंने महंगाई के जोखिम को लेकर चेतावनी दी- खासकर ईंधन कीमतों और मौसम (El Nino) के असर को लेकर.
Complete Wealth Circle के गुरमीत चड्ढा ने पॉलिसी को “Neutral to Positive” बताया. उनके मुताबिक, सिस्टम में ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा लिक्विडिटी है. बैंक क्रेडिट ग्रोथ 14%+ पर मजबूत बनी हुई है. NPA नियमों में राहत से बैंकिंग सेक्टर को बड़ा सपोर्ट मिला. यही वजह है कि बैंक निफ्टी में मजबूती देखने को मिल रही है.
Oyster Capital के CEO अतुल जोशी ने बताया कि RBI ने GDP अनुमान में कटौती और महंगाई अनुमान में बढ़ोतरी की, जिसकी पहले से उम्मीद थी. लेकिन उन्होंने एक अहम पॉइंट उठाया कि गवर्नर का बयान और डेटा में थोड़ा विरोधाभास दिखा. एक तरफ मांग मजबूत बताई जा रही है, दूसरी तरफ कृषि और मौसम का जोखिम भी गिनाया जा रहा है.
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अतुल जोशी के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में रुपये में थोड़ी मजबूती आ सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह 95 के स्तर की ओर जा सकता है. साथ ही MSME सेक्टर को NPA नियमों में राहत इस पॉलिसी का बड़ा पॉजिटिव पहलू है, जिससे छोटे कारोबारों को फंडिंग मिलती रहेगी.
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Canara Robeco Mutual Fund के Head Fixed Income अवनीश जैन ने साफ कहा कि RBI ने बहुत संतुलित और सतर्क रुख अपनाया है. उनके मुताबिक, ग्रोथ आउटलुक में “downward bias” है. महंगाई में “upward bias” दिख रहा है. यानी आने वाले समय में जोखिम ज्यादा हैं, और बाजार को हर कदम सोच-समझकर उठाना होगा.
एक अहम संकेत यह भी है कि बाजार पहले से ही 25-50 बेसिस पॉइंट्स की संभावित दर बढ़ोतरी को डिस्काउंट कर रहा है. अगर अगले 6-8 महीनों में दरें बढ़ती हैं, तो बाजार में बड़ी तेजी आना मुश्किल हो सकता है.
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कुल मिलाकर, बाजार के लिए यह पॉलिसी “Neutral to Slightly Positive” है, लेकिन आगे की राह पूरी तरह ग्लोबल फैक्टर्स और महंगाई के ट्रेंड पर निर्भर करेगी.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या RBI की पॉलिसी में कोई बड़ा सरप्राइज था?
अजय बग्गा के मुताबिक, पॉलिसी पूरी तरह उम्मीद के मुताबिक रही, कोई बड़ा सरप्राइज नहीं था.
Q2 इस पॉलिसी का सबसे पॉजिटिव पहलू क्या रहा?
गुरमीत चड्ढा के अनुसार, सिस्टम में मजबूत लिक्विडिटी और बैंकिंग सेक्टर को NPA राहत सबसे बड़ा पॉजिटिव है.
Q3 GDP और महंगाई को लेकर क्या चिंता है?
अतुल जोशी ने बताया कि GDP अनुमान घटा है और महंगाई बढ़ने का जोखिम बना हुआ है, खासकर तेल और मौसम के कारण.
Q4 रुपये और बाजार की दिशा क्या हो सकती है?
शॉर्ट टर्म में रुपया संभल सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में 95 के स्तर तक कमजोरी की आशंका जताई गई है.
Q5 निवेशकों के लिए सबसे बड़ा संकेत क्या है?
अवनीश जैन के मुताबिक, अभी “Wait & Watch” का समय है—ग्रोथ पर दबाव और महंगाई का जोखिम आगे बाजार की दिशा तय करेगा.