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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सेक्टर को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. RBI ने 5 अरब डॉलर का USD/INR Buy/Sell Swap Auction करने की घोषणा की है, जिसके जरिए सिस्टम में लॉन्ग टर्म की रुपये की लिक्विडिटी डाली जाएगी. यह कदम ऐसे समय में आ रहा है जब बाजार में फंडिंग कंडीशंस कड़े बने हुए हैं और बैंकों के लिए नकदी उपलब्धता चुनौती बनी हुई है.
रिज़र्व बैंक द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, यह स्वैप 16 दिसंबर 2025 को आयोजित होगा और बोली लगाने का समय सिर्फ 1 घंटा रहेगा- सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक. इस नीलामी में केवल Authorised Dealer Category-I Banks ही हिस्सा ले सकेंगे. यानी, यह ऑक्शन सिर्फ चुने हुए बैंकों तक सीमित रहेगा.
सरल भाषा में समझें तो बैंक RBI को डॉलर बेचेंगे और उसके बदले में उन्हें रुपये मिलेंगे. बाद में तय समय के बाद वही डॉलर उन्हें वापस खरीदने होंगे.
इस प्रक्रिया से RBI बाजार में रुपये भेजता है, जिससे बैंकों के पास कर्ज देने और फंडिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए कैश बढ़ जाता है.
यह Buy/Sell Swap कुल 36 महीनों के लिए मान्य होगा. यानी यह तरलता (liquidity) सिर्फ कुछ दिनों की नहीं बल्कि 3 साल की स्थिर सपोर्ट प्रदान करेगी.
RBI ने पहले ही दिसंबर में ₹1 लाख करोड़ के सरकारी बॉन्ड खरीद ऑपरेशन की घोषणा की है, जो 11 और 18 दिसंबर को होगा. ऐसे में यह स्वैप कदम उनके बड़े लिक्विडिटी सपोर्ट पैकेज का हिस्सा माना जा रहा है.
इस स्वैप से तुरंत डॉलर बाहर नहीं जाएंगे, बल्कि RBI के पास पार्क हो जाएंगे और बैंक के पास रुपये बढ़ जाएंगे. इससे, Market Liquidity बढ़ेगी, Short-term borrowing cost आसान हो सकती है, Banks की lending capacity बेहतर होगी और Money market में rate pressure कम होने की उम्मीद रहेगी. RBI ने यह भी साफ किया कि जरूरत पड़ने पर वह घोषित राशि से थोड़ा कम या ज्यादा भी स्वीकार कर सकता है.
पिछले कुछ महीनों से सिस्टम लिक्विडिटी तंग बनी हुई है. बड़े टैक्स आउटफ्लो, सरकारी उधारी और मुद्रा प्रवाह में उतार-चढ़ाव के कारण बैंकों को शॉर्ट-टर्म फंडिंग महंगी पड़ रही है. RBI का यह कदम बाजार में स्थिरता और भरोसा बढ़ाने की कोशिश है.
Q1. यह Swap Auction कब होगा?
16 दिसंबर 2025 को सुबह 10:30-11:30 बजे.
Q2. इसमें कौन भाग ले सकता है?
सिर्फ AD Category-I बैंक.
Q3. Swap की अवधि कितनी है?
कुल 36 महीने (2025 से 2028 तक).
Q4. RBI इसका उद्देश्य क्या है?
सिस्टम में लॉन्ग टर्म की रुपये लिक्विडिटी डालना.
Q5. कुल Auction Size कितना है?
5 अरब डॉलर (USD 5 Billion).