Stock Market Crash: बीते कुछ समय से भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार चढ़ाव दिखाई दे रहा है. 7 अप्रैल 2025 को मार्केट बुरी तरह गिरावट के साथ दिखा और निवेशकों को करीब ₹16 लाख करोड़ का नुकसान तक हुआ. वैसे मार्केट ने पहले भी कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन कुछ ऐसे मार्केट क्रैश भी हैं जो इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिए गए हैं,इन क्रैश ने बाजार की नींव को हिला कर रख दिया था. इस स्टोरी में हम बात कर रहे हैं भारत के टॉप 5 सबसे बड़े स्टॉक मार्केट क्रैश की.
1/67 अप्रैल 2025 को भारतीय शेयर बाजार में ऐसी गिरावट दिखी , जिसकी फिलहाल किसी को उम्मीद नहीं थी. सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख इंडेक्स में भारी गिरावट दिखाई थी.इस गिरावट के चलते अमेरिका में मंदी की आशंका तक जताई जा रही है. मार्केट गिरने के पीछे का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियां का बदलाव माना जा रहा है.इस गिरावट के कारण करीब ₹16 लाख करोड़ का नुकसान हुआ. वैसे यह भारत के स्टॉक मार्केट के इतिहास में पहले भी मार्केट अपना ऐसा बुरा रूप दिखा चुका है. तो जानेंगे शेयर मार्केट क्रैश होने के 5 पुराने मामले....
2/61992 में हर्षद मेहता घोटाले ने भारतीय स्टॉक मार्केट की नींव को ही हिला डाला था.इसमें करीब ₹4,000 करोड़ के स्कैम का खुलासा हुआ था. इसके सामने आने के बाद सेंसेक्स में भारी गिरावट आई थी.तब 28 अप्रैल 1992 को सेंसेक्स करीब 570 अंक (12.7%) गिरा था. इस चौंकाने वाले घोटाले के बाद SEBI को मजबूत करने सहित कई वित्तीय सुधार किए गए थे.
3/62001 में केतन पारेख नाम के ब्रोकर ने मार्केट में भूचाल मचाने वाली जबरदस्त हेराफेरी की थी.इस स्कैम के खुलासे और डॉट-कॉम बबल के फटने के चलते शेयर मार्केट में फिर से एक बार अफरा-तफरी मच गई थी.2 मार्च 2001 को तब सेंसेक्स करीब 176 अंक (4.13%) गिर गया.
4/62004 की एक घटना ने भी मार्केट को हिलाकर रख दिया था. 2004 में आम चुनाव में जब यूपीए ने एनडीए को हराया, तो शेयर मार्केट में डर फैल गया था कि कहीं आर्थिक सुधारों पर ब्रेक न लग जाए.उस समय 17 मई 2004 को सेंसेक्स करीब 11.1% गिरा था.मानते हैं कि उस समय इतनी बिकवाली हुई कि मार्केट को दो बार रोकना पड़ा था.
5/62008 को भी शेयर मार्केट के बुरा वक्त के रूप में जानते हैं.जी हां 2008 में में Lehman Brothers के दिवालिया होने से दुनिया भर का शेयर मार्केट धराशायी होता दिखाई दे गया था.जी हां 21 जनवरी 2008 को सेंसेक्स करीब 1,408 अंक (7.4%) गिर गया था.मार्केट के लिए ये अब तक के सबसे खराब दौरों में गिना जाता है.
6/62020 में कोविड की पहली लहर और लॉकडाउन की घोषणा ने शेयर मार्केट को पूरा हिलाकर ही रख दिया था. उस समय मार्केट में सबसे बड़ी एक-दिन की गिरावट दर्ज की गई थी. 23 मार्च 2020 को सेंसेक्स करीब 3,935 अंक (13.2%) तक टूटा गया था. ऐसा नजारा देखकर भरोसा नहीं हुआ कि मार्केट फिर कभी उठ पाएगा या नहीं.