Q1 Results FAQ: शेयर बाजार में नतीजों का सीजन शुरू हो गया है. वित्तवर्ष-2026 की पहली तिमाही के लिए अब शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियां अप्रैल से जून, तीन महीनों का प्रदर्शन दिखाएंगी. अगर आप एक निवेशक हैं तो आपको पता होगा कि तिमाही नतीजे बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर होते हैं. इससे कंपनियों के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स का पता चलता है, आगे का गाइडेंस तय होता है और शेयरों पर सीधे असर पड़ता है. ऐसे में रिजल्ट सीजन से जुड़ी कुछ बातें ऐसी हैं, जो मार्केट ट्रैक करने वाले हर निवेशक को पता होना चाहिए. इससे न वो नतीजों को सही वक्त पर समझ पाएंगे, बल्कि खुद से रिसर्च करना भी सीखेंगे. उन्हें ये बेसिक बातें पता हों तो एनालिसिस समझने के लिए किसी और का मुंह नहीं देखना पड़ेगा. हम यहां ऐसे 14 सवालों का जवाब दे रहे हैं, जो आपके लिए नतीजों के सीजन को आसान बना देंगी.
1/13हर तिमाही के अंत में नतीजे आते हैं. तिमाही के खत्म होने के 45 दिनों के भीतर कंपनियों को नतीजे जारी करना जरूरी है. चौथी तिमाही के नतीजे 60 दिनों तक जारी किए जा सकते हैं. चौथी तिमाही में सालाना नतीजे होने की वजह से 15 दिन का समय ज्यादा मिलता है. बोर्ड मीटिंग खत्म होते ही आधे घंटे में नतीजे जारी करना जरूरी है. VIDEO- Trump Tariffs News: 7 और देशों लगा टैक्स! वीडियो में जानें ट्रंप की 8 बड़ी बातें
2/13कंपनियों की ओर से नतीजे सबसे पहले स्टॉक एक्सचेंज को भेजे जाते हैं. उसके बाद कंपनी की वेबसाइट और प्रेस रिलीज के जरिए भी नतीजों की घोषणा है.
3/13मुनाफा, कामकाजी आय, अन्य आय, खर्च के बारे में जानकारी मिलती है. टैक्स और एकमुश्त आय/ मुनाफा/ नुकसान पता चलता है
4/13साल दर साल (YoY) और तिमाही दर तिमाही (QoQ) के बेसिस पर नतीजों की तुलना होती है. मुख्य तौर पर कारोबार को मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस में बांटा जा सकता है. IT, टेलीकॉम, एयरलाइंस, बैंक (GNPA, NNPA) में QoQ यानी तिमाही-दर-तिमाही नतीजे देखे जाते हैं. दूसरे सभी सेक्टर्स के लिए YoY नतीजे देखे जाते हैं. मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में आय और मुनाफे के अलावा EBITDA अहम होता है. सर्विस सेक्टर में आय और मुनाफे के अलावा EBIT अहम होता है. VIDEO-Trump Tariff News: नई तारीख से लागू होगा टैक्स, इन 14 देशों को अमेरिका ने भेजी चिट्ठी!
5/13Other Income वो आय होती है जो मुख्य कारोबार का हिस्सा नहीं होती है. वहीं, Exceptional Income किसी खास वजह से होने वाली एकमुश्त आय को कहते हैं.
6/13EBITDA का फुल फॉर्म Earning Before Interest Tax Depreciation & Amortisation है. EBITDA मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए कामकाजी मुनाफा होता है. सर्विस सेक्टर में सिर्फ कारोबार से होने वाले मुनाफे को कामकाजी मुनाफा कहते हैं. मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में वो आय जो ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन/ Amortisation को घटाने के पहले हो. मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए डेप्रिसिएशन/ Amortisation, लोन का ब्याज,टैक्स, कोई अतिरिक्त आय या खर्च, नॉन रेकरिंग आय या खर्च कामकाजी मुनाफे में नहीं आते हैं.
7/13कामकाजी आय (Revenue from Operations) - कुल खर्च (Total Expenses) + डेप्रिसिएशन और Amortisation (Depreciation and amortization) + ब्याज खर्च (Finance Cost) = कामकाजी मुनाफा (EBITDA) VIDEO-सिर्फ 15 दिन में कमाएं रिटर्न! Axis Securities के टॉप 4 शेयर
8/13EBIT का फुल फॉर्म है Earning Before Interest and Tax. सर्विस इंडस्ट्री के लिए EBIT कामकाजी मुनाफा है. वो आय जो ब्याज और टैक्स घटाने के पहले हो. सर्विस इंडस्ट्री में उत्पादन नहीं होता, मैन्युफैक्चरिंग प्लांट नहीं होते इसलिए बड़ा डेप्रिसिएशन नहीं होता.
9/13कामकाजी आय (Revenue from Operations) - कुल खर्च (Total Expenses) + ब्याज खर्च (Finance Cost) = कामकाजी मुनाफा (EBIT)
10/131. NII- Net Interest Income 2. NIM- Net Interest Margin 3. GNPA- Gross Non Performing Asset 4. NNPA- Net Non Performing Asset
Net Interest Income बैंकों का पैसों के लेन-देन का कारोबार पैसे देने पर बैंक को ब्याज मिलता है और पैसे लेने पर बैंक ब्याज देता है NII= ब्याज कमाया- ब्याज दिया (YoY)
NIM- Net Interest Margin (YoY & QoQ) NIM यानि औसत निवेश पर कितना नेट ब्याज कमाया
GNPA और NNPA GNPA- Gross Non Performing Asset NNPA- Net Non Performing Asset बैंकों को लेनदारों से तय समय पर कर्ज वापस ना मिलना बैंक ऐसे कर्जदारों का प्रोविजन बनाती है NNPA= GNPA- प्रोविजन (QoQ)
11/13FMCG Fast Moving Consumer Goods
FMCG के रिजल्ट में अहम आंकड़े 1. वॉल्यूम ग्रोथ 2. नतीजों की तुलना साल दर साल (YoY)
सीमेंट/स्टील के रिजल्ट में अहम आंकड़े 1. Realization 2. EBITDA/Ton
Realization यानि किस भाव पर सीमेंट और स्टील बिकी EBITDA/Ton यानि प्रति टन कितना कामकाजी मुनाफा कमाया
12/13IT के रिजल्ट में अहम आंकड़े 1. $आय 2. एट्रिशन रेट 3. डील पाइपलाइन
IT कंपनियों की मुख्य आय विदेश से $/Rs में उतार-चढ़ाव के चलते $आय देखी जाती है एट्रिशन रेट यानि कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने का आंकड़ा
13/13जब कंपनी का रिजल्ट आए तो आंकड़ों के साथ-साथ मैनेजमेंट की कमेंट्री और हाव-भाव पर भी नजर रखें कि मैनेजमेंट नंबरों और आउटलुक को लेकर कितना कॉन्फिडेंस दिख रहा है. इसके अलावा, आगे के लिए गाइडेंस कैसा है, ये सबसे ज्यादा अहम हो जाता है, जिससे शेयरों की चाल पर भी असर पड़ता है. कंपनी का ऑर्डरबुक भी देखना चाहिए. इसका आउटलुक भी देखना जरूरी होता है. साथ ही कंपनी के वैल्युएशंस भी देखने चाहिए. ब्रोकरेज इसे काफी महत्व देते हैं.