Stock Market Return History: कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों को मारे जाने के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच अप्रत्याशित तनाव बना हुआ है. युद्ध की आशंकाएं बनी हुई हैं. इस बीच शेयर बाजार लंबे करेक्शन के बाद फिर से रिकवर होने की कोशिश कर रहा है, उसपर ये जिज्ञासा उठ रही है कि युद्ध की स्थिति में पहले बाजार की स्थिति कैसी रही है. इसके लिए हम एक बार इतिहास में झांक रहे हैं
2/9युद्ध के दौरान सेंसेक्स में 37% की तेज़ी रही. सेंसेक्स 3378 से 4687 तक उछला था. इस दौरान अमेरिकी S&P 500 में केवल 2% बढ़त दर्ज हुई.
3/9निफ्टी Next 50: +25%, निफ्टी 500: +34% चढ़ा था. वहीं, गोल्ड फ्यूचर्स ($): -11% गिरा था.
4/9आमतौर पर वॉर के समय गोल्ड सुरक्षित निवेश माना जाता है. लेकिन करगिल युद्ध में गोल्ड 11% गिरा और शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन दिया.
5/9लार्जकैप शेयरों में मजबूत तेजी रही. ऑटो, इंजीनियरिंग और बैंकिंग सेक्टर ने आउटपरफॉर्म किया. मिड-स्मॉलकैप में भी जोश दिखा
7/920 से 28 मई 1999 के बीच सेंसेक्स में 12.5% की गिरावट आई थी. युद्ध के बीच हल्की-मोटी गिरावटें सामान्य रहीं. लेकिन अंतर तक पूरी रिकवरी और मजबूती आई.
8/9युद्ध खत्म होने के 1 हफ्ते बाद: -2.4%, 1 महीने बाद: +4.43% और 3 महीने बाद: +5.32% की तेजी आई.
9/9तो ट्रेडर्स को ये याद रखना चाहिए कि युद्ध के दौरान बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना होती है. ट्रेडर्स को हल्की पोजीशन रखनी चाहिए. तब निवेशकों के लिए गिरावट खरीद का मौका बनी थी. फिपर लंबी अवधि में बाजार ने मजबूती दिखाई. युद्ध खत्म होते ही बाजारों में पॉजिटिव रुख दिखा. ऐतिहासिक डेटा से साफ है कि डर की बजाय बाजार में अवसर बने हैं.