Gold Outlook: सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं, जिससे आने वाले समय में मांग पर थोड़ा असर पड़ सकता है. लेकिन बाजार का सेंटीमेंट अब भी पॉजिटिव बना हुआ है, खासकर अक्षय तृतीया और शादी के सीजन को लेकर उम्मीदें तेज हैं. मंगलवार को मुंबई बुलियन मार्केट में 24 कैरेट (999 फाइननेस) सोना ₹1,01,350 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हो रहा था, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत ₹92,900 प्रति 10 ग्राम रही.
1/7ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े का कहना है कि अचानक हुई इस बढ़ोतरी का असर मांग पर जरूर पड़ेगा, लेकिन जब ये झटका धीरे-धीरे बाजार में समा जाएगा, तब मांग फिर से स्थिर हो जाएगी. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अक्षय तृतीया और शादियों के चलते उपभोक्ता मांग में सुधार की उम्मीद है.
2/7उन्होंने 2023 और 2024 के आयात आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2023 में भारत ने 741 टन सोना आयात किया, जबकि 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 802 टन हो गया. यह दिखाता है कि कीमतें भले ही 25-30% ज्यादा थीं, फिर भी लोगों की खरीदारी में दिलचस्पी घटी नहीं है.
3/7पीएन गडगिल ज्वैलर्स के चेयरमैन सौरभ गडगिल ने बताया कि बाजार में काफी उत्साह है और लोग मान रहे हैं कि सोने की कीमतें आगे और बढ़ेंगी. उन्होंने माना कि दामों में लगातार इजाफे की वजह से खरीदी की मात्रा पर दबाव है, लेकिन उपभोक्ताओं की सोच अब भी सकारात्मक बनी हुई है, जो ज्वैलरी इंडस्ट्री के लिए अच्छा संकेत है.
4/7काउंसिल के वाइस चेयरमैन अविनाश गुप्ता ने कहा कि जब GST जोड़ दिया जाता है, तब सोने की कीमत ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम से ऊपर जा चुकी है, जिससे वॉल्यूम यानी खरीदारी की मात्रा पर 10-15% तक असर पड़ सकता है. हालांकि उन्होंने भी माना कि अक्षय तृतीया और जून तक चलने वाले शादी के सीजन से बाजार में मांग बनी रहेगी.
5/7कामा ज्वैलरी के एमडी कॉलिन शाह ने बताया कि सोने की कीमतों का नया रिकॉर्ड मुख्य रूप से अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बीच ब्याज दर को लेकर बढ़ते तनाव की वजह से आया है. इसके अलावा डॉलर की कमजोरी और अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर से जुड़ी अनिश्चितता ने भी सोने को ऊपर चढ़ा दिया.
6/7उन्होंने कहा कि निवेशक इस कीमत के फायदे को समझते हुए अपने पोर्टफोलियो को महंगाई से बचाने के लिए सोने में निवेश कर सकते हैं, जबकि आम उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ेगा. हालांकि, घरेलू खरीदार धीरे-धीरे इन ऊंची कीमतों को स्वीकार कर लेंगे.
7/7तो फिलहाल सोने की कीमतों में आई इस तेजी से थोड़े समय के लिए मांग पर असर पड़ सकता है, लेकिन शादी-ब्याह और त्योहारों की वजह से उपभोक्ता भावना मजबूत बनी हुई है. विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी अवधि में लोग फिर से इस महंगे सोने को भी अपनाने लगेंगे.