सोने के भाव में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. लॉकडाउन के बीच सर्राफा बाजार बंद होने के कारण डिमांड में काफी सुस्ती है. लेकिन, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने का भाव तेजी से ऊपर आया है. एक्सपर्ट्स की मानें तो कोरोना वायरस की वजह से काफी बड़े स्तर पर निवेशकों का रुख शेयर मार्केट के बजाए सोने में निवेश पर रहा है. यही वजह है कि लगातार सोना महंगा हो रहा है. सोना कब सस्ता होगा और कब इसे खरीदेंगे का मौका मिलेगा, इसका इंतजार शायद ज्यादातर लोगों को है. लेकिन, निवेश के लिहाज से सोना कभी भी खरीदा जा सकता है. क्योंकि, अब सोना सिर्फ एक रुपए में खरीद सकते हैं. कैसे.. आइये जानते हैं.
1/9सोना की खरीदारी अब सिर्फ फिजिकल रूप से ही नहीं रह गई है. इसे खरीदने के लिए अब डिजिटली भी निवेश होने लगा है. यही वजह है कई कंपनियां अब डिजिटल गोल्ड में निवेश कराती हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि हर कोई इसे खरीद सकता है और छोटी-छोटी रकम जमा करके सोना खरीद सकता है.
2/9भारत में पेटीएम, गूगल-पे, फोन-पे जैसी पेमेंट वॉलेट कंपनियां डिजिटल गोल्ड अकाउंट की सुविधा देती हैं. पिछले कुछ समय में इस तरह का निवेश बढ़ा है. सबसे खास बात यह है कि डिजिटल गोल्ड खरीने में आपको किसी तरह का कोई नुकसान नहीं है. क्योंकि, फिजिकल गोल्ड खरीदने पर उसे लॉकर में रखना भी महंगा पड़ता है. दूसरा फायदा यह है कि फिजिकल गोल्ड में लगे दूसरे पत्थर की कीमत भी आंकी जाती है. लेकिन, डिजिटल गोल्ड में सिर्फ 24 कैरेट के सोने की कीमत में निवेश होता है.
3/9डिजिटल गोल्ड के लिए आपको कोई बाजार से खरीदारी नहीं करनी है. 24 कैरेट सोने को ऑनलाइन खरीदा जा सकता है. इसमें जितना निवेश करेंगे, उतना ही सोना सुरक्षित रखा जाएगा. इस तरह से सोना खरीदने पर कोई अन्य चार्जेज भी आपको नहीं चुकाने पड़ते हैं. डिजिटल गोल्ड में निवेश कराने वाली कंपनियां इस पर दो साल तक कोई शुल्क नहीं लेती हैं. हालांकि, 2 साल बाद सिर्फ मामूली चार्ज वसूला जाता है. वॉलेट में डिजिटल गोल्ड जमा रखने की अधिकतम सीमा 5 साल है.
4/9डिजिटल गोल्ड की शुरुआत साल 2012 में हुई थी. करीब 8 साल पहले इस तरह के निवेश से लोग बचते थे. लेकिन, धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई. मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, अब वॉलेट कंपनियों के पास डिजिटल गोल्ड के करीब आठ करोड़ खाते हैं. पेटीएम, गूगलपे, फोनपे जैसे वॉलेट के अलावा अब कई कंपनियां डिजिटल गोल्ड को बिना किसी शुल्क के आभूषण बनवाने की सुविधा भी दे रही हैं.
5/9सस्ता है सोना: डिजिटल गोल्ड में निवेश काफी सस्ता होता है. डिजिटल गोल्ड में सिर्फ 1 रुपए से निवेश किया जा सकता है. हालांकि, अलग-अलग कंपनियों की शर्तें अलग हो सकती हैं.
6/9डिजिटल गोल्ड का दूसरा बड़ा फायदा है कि इसमें किसी तरह का मेकिंग चार्ज नहीं लगता. जबकि, दुकान से सोने के आभूषण की खरीद में मेकिंग चार्ज भी जुड़ता है और ज्वैलर्स पांच से 13 फीसदी तक चार्ज वसूलते हैं.
7/9डिजिटल गोल्ड में 24 कैरेट की शुद्धता वाले सोने की गारंटी भी मिलती है. बाजार में मौजूदा भाव पर आप खरीद-बिक्री कर सकते हैं.
8/9डिजिटल गोल्ड आपके खाते में जमा रकम की तरह होता है. इसे फिजिकल गोल्ड की तरह लॉकर में रखने की दिक्कत नहीं होती.
9/9डिजिटल गोल्ड अकाउंट से सोने की खरीद या बिक्री में समय नहीं लगता. इसे कहीं से और किसी भी वॉलेट कंपनी से खरीदा जा सकता है.