Buy Stocks: DSP Mutual Fund ने हाल ही में एक ताजा रिपोर्ट पेश की है. इस रिपोर्ट को कंपनी ने Navigator नाम से पेश किया है. कंपनी ने रिपोर्ट के जरिए Buy Stocks की राय दी है. साथ में 9 कारण दिए हैं कि क्यों अभी मार्केट में पैसा लगाना चाहिए. The Navigator एक तिमाही (Quarterly) रिपोर्ट है, जो बाजार के रुझानों को समझाती है और DSP की सुझाई गई एसेट एलोकेशन स्ट्रैटेजी को पेश करती है. इसी रिपोर्ट में निवेशकों के लिए बड़े काम की बात बताई गई है.
1/9रिपोर्ट में बताया गया है कि अब वैल्यूएशन संतुलित स्तर पर है. खासतौर पर बड़े शेयर (लार्ज कैप) में, जब Nifty 50 करीब 22,500 के स्तर पर है, वैल्यूएशन अब लॉन्ग टर्म एवरेज के पास आ गए हैं. बैंकिंग, IT, हेल्थकेयर, इंश्योरेंस, हाउसिंग फाइनेंस और कुछ FMCG कंपनियां (जो मिलकर मार्केट कैप का आधे से ज्यादा हिस्सा बनाती हैं) अभी लॉन्ग टर्म वैल्यूएशन पर या उससे नीचे ट्रेड कर रही हैं.
2/9कई बड़ी कंपनियों में 15-16% का ROE है और उनका वैल्यूएशन 17x से कम है. भले ही अभी उनकी कमाई (earnings) 10-12% की दर से बढ़ रही हो, फिर भी इनमें निवेश करना समझदारी हो सकती है. जब कमाई में तेजी आएगी तो ये बॉन्ड्स से बेहतर रिटर्न दे सकते हैं. ऐसे कई स्टॉक्स अभी उपलब्ध हैं.
3/9स्मॉल और मिडकैप शेयरों में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है या फिर SIP के जरिए ऐसे फंड्स/मैनेजर्स में निवेश करें, जो वैल्यूएशन और क्वालिटी पर फोकस करते हों.
4/9अभी बॉन्ड यील्ड और अर्निंग यील्ड का फर्क सिर्फ 1% रह गया है. यह ऐसा स्तर है, जहां शेयरों में निवेश करना सही माना जाता है. इतना अनुकूल माहौल आमतौर पर सिर्फ बड़े क्रैश (जैसे कोविड या 2008 संकट) के समय ही मिलता है.
5/9India VIX 25 के ऊपर चला गया था और अब धीरे-धीरे कम हो रहा है. यह दिखाता है कि बाजार में एक हद तक घबराहट (panic) मौजूद है.
6/9ज्यादातर इंडेक्स और बड़े शेयर ओवरसोल्ड स्थिति में हैं. Nifty 500 के सिर्फ 15% शेयर 200 DMA से ऊपर हैं और 11% शेयर 50 DMA से ऊपर हैं. यह संकेत देता है कि बाजार काफी नीचे आ चुका है, हालांकि अभी पूरी तरह एक्सट्रीम पर नहीं है.
7/9REER के हिसाब से भारतीय रुपया ओवरसोल्ड स्थिति में है, यानी यह कमजोर स्तर पर है.
8/9Indian G-Sec यील्ड, रेपो रेट से 160 बेसिस पॉइंट ज्यादा है. इससे संकेत मिलता है कि ब्याज दरों में ज्यादा बढ़त की गुंजाइश सीमित है.
9/9जब स्मॉल और मिडकैप में भी वैल्यूएशन आकर्षक होने लगेंगे, तब और ज्यादा निवेश का मौका बनेगा. फिलहाल, इक्विटी में निवेश को थोड़ा बढ़ाने का समय है.