Paras Defence ला रही है कमाई का मौका, 21 सितंबर को खुलेगा IPO, 175 रु का है शेयर

पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी लिमिटेड का IPO 21 सितंबर से 23 सितंबर के बीच खुला रहेगा. इस IPO में फ्रेंया इक्विटी शेयर भी जारी होंगे, इसके अलावा ऑफर फॉर सेल भी होगा.
Paras Defence ला रही है कमाई का मौका, 21 सितंबर को खुलेगा IPO, 175 रु का है शेयर

पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने IPO के लिए प्राइस बैंड 165-175 रुपए प्रति शेयर तय कर दिया है. (image: pixabay)

Paras Defence IPO: प्राइमरी मार्केट में अबतक कमाई से चूक गए तो टेंशन ना लें. IPO पार्टी अभी आगे भी चलती रहेगी. पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी लिमिटेड (Paras Defence and Space Technologies Ltd) का इश्यू 21 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है. इस इश्यू में 23 सितंबर तक पैसा लगाया जा सकता है. Paras Defence ने IPO के लिए प्राइस बैंड 165-175 रुपए प्रति शेयर तय कर दिया है. इसमें फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाने के अलावा ऑफर फॉर सेल (OFS) भी होगा. अगर आप इसमें पैसे गाने की सोच रहे हैं तो पहले डिटेल जान लें.

17.24 लाख शेयरों का OFS

Paras Defence के IPO में 140.60 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे. वहीं इसमें 17.24 लाख इक्विटी शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे जाएंगे, जिनकी कुल वैल्यू 30.17 करोड़ रुपये होंगे. OFS के जरिए प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे. OFS में करीब 12.5 लाख शेयर शरद विर्जी शाह, करीब 50 हजार शेयर मुंजल शरद शाह, 3 लाख तक शेयर अमी मुंजल शाह, 62245 शेयर शिल्पा महाजन और 62245 शेयर अमित नवीन महाजन द्वारा बेचे जाएंगे. यह शेयर 1 अक्टूबर को बाजार में लिस्ट होगा.

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कम से कम कितना निवेश

Paras Defence ने IPO के लिए प्राइस बैंड 165-175 रुपए प्रति शेयर तय किया है. इस इश्यू में 85 शेयरों का एक लॉट तय किया है. निवेशकों के लिए कम से कम एक लॉट खरीदना जरूरी होगा. यानी अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इसमें कम से कम 14875 रुपये लगाने होंगे.

कंपनी का कारोबार

Paras Defence and Space Technologies डिफेंस और स्पेस ऑप्टिक्स, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स प्रोटेक्शन सॉल्यूशन और हैवी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कारोबार करती है. IPO से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल कंपनी मशीनरी और उपकरणों की खरीदारी के अलावा वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में करेगी. इसके अलावा फंड के एक हिस्से का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने और जनरल कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी. कंपनी बेल्जियम और साउथ कोरिया जैसे देशों को भी अपनी सेवाएं देती है.