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भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. शेयर बाजार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यूनिक रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 12 करोड़ (120 मिलियन) के आंकड़े को पार कर गई है. यह मील का पत्थर 23 सितंबर, 2025 को हासिल किया गया. यह आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते विश्वास और पूंजी बाजार में आम लोगों की बढ़ती भागीदारी का एक मजबूत प्रमाण है.
यह सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि यह कहानी है भारत के बदलते आर्थिक परिदृश्य की, जहां अब छोटे शहरों और युवाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है. दिलचस्प बात यह है कि जनवरी 2025 में 11 करोड़ निवेशक का आंकड़ा पार करने के बाद, एनएसई ने महज आठ महीनों में एक करोड़ नए निवेशकों को जोड़ा है.
एनएसई पर निवेशकों की संख्या बढ़ने की रफ्तार पिछले कुछ सालों में काफी तेज हुई है. आंकड़ों पर नजर डालें तो इसकी तस्वीर और साफ होती है:
सबसे खास बात यह है कि शेयर बाजार में अब सिर्फ बड़े शहरों के अनुभवी निवेशक ही नहीं, बल्कि युवा और महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं.
शेयर बाजार अब सिर्फ मुंबई, दिल्ली जैसे महानगरों तक सीमित नहीं रहा. एनएसई का निवेशक आधार आज भारत के 99.85% पिन कोड तक फैल चुका है.
31 अगस्त, 2025 तक, तीन राज्यों में यूनिक रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा थी. महाराष्ट्र 1.9 करोड़ (19 मिलियन) निवेशकों के साथ सबसे आगे है. इसके बाद उत्तर प्रदेश 1.4 करोड़ (14 मिलियन) निवेशकों के साथ दूसरे स्थान पर है. गुजरात इस सूची में नया नाम है, जहां 1.03 करोड़ (10.3 मिलियन) निवेशक हैं.
डायरेक्ट इक्विटी के अलावा, म्यूचुअल फंड के जरिए अप्रत्यक्ष निवेश भी लगातार बढ़ रहा है. अप्रैल 2025 से अगस्त 2025 के बीच लगभग 2.9 करोड़ (29 मिलियन) नए एसआईपी खाते खोले गए. इस अवधि के दौरान, औसत मासिक एसआईपी प्रवाह 27,464 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में 21,883 करोड़ रुपए था. यह दिखाता है कि लोग व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से निवेश करने को प्राथमिकता दे रहे हैं.
निवेशकों का यह भरोसा अकारण नहीं है. भारतीय बाजार ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है.
निवेशकों की बढ़ती संख्या के साथ, वित्तीय जागरूकता और उनकी सुरक्षा भी एक प्राथमिकता बन गई है. एनएसई इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है.
A. 23 सितंबर, 2025 तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कुल 12 करोड़ (120 मिलियन) यूनिक रजिस्टर्ड निवेशक हैं.
A. NSE पर लगभग 40% निवेशक 30 साल से कम उम्र के हैं, और निवेशकों की औसत आयु घटकर 33 वर्ष हो गई है.
A. आज हर चार निवेशकों में से एक महिला निवेशक है.
A. महाराष्ट्र 1.9 करोड़ निवेशकों के साथ सबसे आगे है, इसके बाद उत्तर प्रदेश (1.4 करोड़) और गुजरात (1.03 करोड़) का स्थान है.
A. डिजिटलीकरण, आसान KYC प्रक्रिया, फिनटेक की पहुंच, बढ़ती वित्तीय साक्षरता और बाजार से मिले अच्छे रिटर्न जैसे कारकों ने निवेशकों की संख्या बढ़ाने में मदद की है.
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