NSE-BSE पर आ गई सबसे बड़ी खबर, बदल गया एक्सपायरी वाला दिन- शेयर बाजार के हर ट्रेडर पर पड़ेगा असर

NSE, BSE Expiry: NSE ने अपनी एक्सपायरी को बदलने के लिए जो सिफारिश डाली थी, उसे मार्केट एक्सचेंज रेगुलेटर SEBI ने मान लिया है. 
NSE-BSE पर आ गई सबसे बड़ी खबर, बदल गया एक्सपायरी वाला दिन- शेयर बाजार के हर ट्रेडर पर पड़ेगा असर

NSE, BSE Expiry: शेयर बाजार पर बड़ी खबर आई है. वीकली एक्सपायरी पर आखिरकार स्थिति स्पष्ट हो गई है. BSE पर अभी एक्सपायरी गुरुवार को होगी. वहीं, NSE पर वीकली एक्सपायरी अब मंगलवार को होगी. ये नियम कब से लागू होगा, इसकी तारीख नहीं आई है. लेकिन NSE ने अपनी एक्सपायरी को बदलने के लिए जो सिफारिश डाली थी, उसे मार्केट एक्सचेंज रेगुलेटर SEBI ने मान लिया है.

बाकी सभी डेरिवेटिव की गुरुवार को एक्सपायरी होगी, लेकिन इनकी बस मंथली एक्सपायरी होगी. यानी कि इनकी एक्सपायरी बस महीने आखिरी गुरुवार को होगी.

BSE ने रिलीज में दी जानकारी

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NSE पर लिस्टेड BSE ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि SEBI ने 26 मई 2025 को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें BSE द्वारा प्रस्तावित सुझावों पर विचार करने के बाद डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी डेट को लेकर कुछ अहम बदलाव किए गए हैं.

1. एक्सपायरी डे अब गुरुवार होगा

SEBI ने BSE के इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है कि डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी अब हर गुरुवार को होगी. अभी तक यह मंगलवार को होती थी.

2. पहले से मौजूद कॉन्ट्रैक्ट्स पर क्या असर होगा?

जो डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स पहले ही लॉन्च हो चुके हैं, उनकी एक्सपायरी डेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.

हालांकि, जो लॉन्ग-डेटेड इंडेक्स ऑप्शन होते हैं (यानि लंबे समय के लिए बनाए गए), उनके एक्सपायरी डे को पहले की तरह रिअलाइन (बदलाव) किया जाएगा.

3. नए कॉन्ट्रैक्ट्स पर क्या नियम होंगे?

31 अगस्त 2025 तक जिन डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी है, उनकी डेट जैसी है वैसी ही रहेगी.

1 सितंबर 2025 से जिन नए डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी होगी, वे अब गुरुवार को एक्सपायर होंगे.

वहीं, मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स (मासिक) की एक्सपायरी हर महीने के आखिरी गुरुवार को होगी.

इसके अलावा, 1 जुलाई 2025 से कोई भी नया साप्ताहिक इंडेक्स फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट (Weekly Index Futures Contract) लॉन्च नहीं किया जाएगा.

मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि वीकली एक्सपायरी एक-एक ही है. पहले हर रोज किसी न किसी इंडेक्स की वीकली एक्सपायरी होती थी, तो उस हिसाब से ज्यादा वॉल्यूम होता था. लेकिन अगर हफ्ते में एक-एक दिन हो वीकली एक्सपायरी के लिए तो दोनों को अपना-अपना बिजनेस करने का स्पेस मिलेगा. लेकिन ऐसा क्यों हुआ, ये देखें तो NSE ने पहले सेबी के पास अपने सारे इंडेक्स की एक्सपायरी सोमवार को दी. फिर BSE ने गुरुवार को अप्लाई किया. अब NSE ने मंगलवार के लिए अर्जी दी, जिसे सेबी ने मान लिया और अब BSE की वीकली एक्सपायरी गुरुवार को हो गई है.

उन्होंने कहा कि इससे कुछ खास फर्क नहीं पड़ेगा. थोड़ा सा इसे NSE के फेवर में देखा जा सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए.

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