विदेशी निवेशकों की बिकवाली से टूटा बाजार का मूड, लगातार दूसरे हफ्ते आई गिरावट

Stock Market: इमर्जिंग और कुछ डेवलप्ड मार्केट लो वैल्यूएशन के साथ आकर्षित बन रहे हैं. एफआईआई भारत में बिकवाली के साथ अपने निवेश को सस्ते मार्केट में बढ़ा रहे हैं.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से टूटा बाजार का मूड, लगातार दूसरे हफ्ते आई गिरावट

Stock Market: भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार बिकवाली के बीच लगातार दूसरे हफ्ते भी गिरावट में रहे. सेंसेक्स और निफ्टी आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुए. सेसेंक्स 94.73 अंक या 0.11% की गिरावट के बाद 83,216.28 स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 17.40 अंक या 0.07% की गिरावट के बाद 25,492.30 पर बंद हुआ. सेंसेक्स इस हफ्ते 1,394.55 अंक या 1.65% की गिरावट में रहा. वहीं, निफ्टी 183.25 अंक या 0.71% के नुकसान में रहा.

मिक्स्ड ग्लोबल संकेतों के बीच फेड के अगले रेट कट को लेकर खत्म होती उम्मीदों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया. साथ ही, आईटी और मेटल सेक्टर के नुकसान ने भी इस गिरावट को बढ़ाया.

Q2 रिजल्ट्स ने कुछ सेक्टर्स को बढ़ावा दिया

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, दूसरी तिमाही के नतीजों (Q2FY26) ने भी कुछ सेक्टर्स को बढ़ावा दिया. वहीं, मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, बेहतर होती एसेट क्वालिटी और संभावित एफडीआई कैप बढ़त और सेक्टर कंसोलिडेशन की वजह से पीएसयू बैंक (PSU Bank) फोकस में रहा.

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FIIs क्यों कर रहे बिकवाली?

  • हाई वैल्यूएशन- एनालिस्ट का कहना है कि अर्निंग ग्रोथ में वित्त वर्ष 25 में 5% की तेज गिरावट ने वैल्यूएशन को बढ़ा दिया, जिसके साथ भारतीय बाजार दुनिया के सबसे महंगे बाजारों में एक बन गया.
  • सस्ते बाजार- इमर्जिंग और कुछ डेवलप्ड मार्केट लो वैल्यूएशन के साथ आकर्षित बन रहे हैं. एफआईआई भारत में बिकवाली के साथ अपने निवेश को सस्ते मार्केट में बढ़ा रहे हैं.
  • वर्तमान P/E- निफ्टी वर्तमान में वित्त वर्ष 27 की अनुमानित अर्निंग के 20 गुना से ऊपर ट्रेड कर रहा है. जो कि लास्ट 10 ईयर एवरेज PE रेशो को कुछ ऊपर है.

एनालिस्ट ने कहा कि भारत के सुपर लॉन्ग-टर्म ग्रोथ क्षमता के साथ वर्तमान वैल्यूशन को उचित ठहराया जा सकता है.

इस बीच, भारत में मजबूत आर्थिक विकास और अर्निंग रिकवरी के संकेत मिलते हैं. जब लीडिंग इंडीकेटर इस ट्रेंड पर फोकस करेंगे तो एफआईआई (FII) भी अपनी बिकवाली को घटाने पर विचार करेंगे और अंत में खरीदार बनकर उभरेंगे.

बाय-ऑन-डिप्स की सलाह

एनालिस्ट ने कहा कि बाय-ऑन-डिप्स रणनीति बेहतर साबित हुई क्योंकि अधिकतर निफ्टी 50 कंपनियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहा और निरंतर पॉलिसी सपोर्ट से मौजूदा प्रीमियम वैल्यूएशन को बढ़ावा मिलने और आय में सुधार की उम्मीद है.

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अगले हफ्ते के लिए बाजार की दिशा

अगले हफ्ते मार्केट की दिशा आगामी घरेलू मुद्रास्फीति डेटा, एफआईआई निवेश, अमेरिकी शटडाउन को लेकर डेवलपमेंट जैसे कारक तय करेंगे. इसके अलावा, अमेरिका, चीन और भारत को लेकर व्यापार वार्ताओं पर भी नजर रहेगी.

FAQs

Q1. भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार गिरावट क्यों आई?
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार गिरावट का मुख्य कारण FII द्वारा लगातार बिकवाली रही.

Q2. FIIs बिकवाली क्यों कर रहे हैं?
FIIs की बिकवाली का मुख्य कारण भारत के उच्च वैल्यूएशन है.

Q3. विश्लेषकों की बाजार के लिए क्या सलाह है?
विश्लेषकों ने 'बाय-ऑन-डिप्स' (Buy-on-Dips) रणनीति को बेहतर बताया है.

Q4. Q2FY26 नतीजों का बाजार पर क्या असर रहा?
Q2FY26 के नतीजों ने कुछ सेक्टर्स को बढ़ावा दिया.

Q5. FIIs अपनी बिकवाली कब रोक सकते हैं?
विश्लेषकों का मानना है कि जब भारत में मजबूत आर्थिक विकास और अर्निंग रिकवरी के स्पष्ट संकेत मिलेंगे, तब FIIs अपनी बिकवाली कम करने पर विचार करेंगे.

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