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शेयर बाजार के रेगुलेटर सेबी (SEBI) से एक बड़ी खबर आ रही है. भारत सरकार ने बोर्ड में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए अनुभवी अधिकारी कोम्पैला वेंकटा रमणा मूर्ति को नई जिम्मेदारी सौंपी है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बाजार की निगरानी और नियामक ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है. आइए, इस नियुक्ति के मुख्य पहलुओं को समझते हैं.
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने 11 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक आदेश के जरिए कोम्पैला वेंकटा रमणा मूर्ति की नियुक्ति को मंजूरी दी. अब वह SEBI के पूर्णकालिक सदस्य (Whole-Time Member) बन गए हैं. वह पदभार संभालने की तारीख से 3 साल की अवधि के लिए या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) इस पद पर बने रहेंगे.
मूर्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा के अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं:
बैच: वह IDAS (Indian Defence Accounts Service) के 1991 बैच के अधिकारी हैं.
पिछला अनुभव: रिटायरमेंट से पहले वह रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त रक्षा लेखा महानियंत्रक (Additional Controller General of Defence Accounts) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे.
विशेषज्ञता: रक्षा मंत्रालय में वित्तीय लेखा-जोखा और प्रबंधन का उनका लंबा अनुभव अब सेबी के विनियामक कामों में काम आएगा.
आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, इस नियुक्ति की प्रक्रिया और संचार के लिए कई विभाग शामिल रहे:
DOPT (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग): आदेश संख्या 31/1/2025-EO(SM-II) के तहत अधिसूचना जारी की गई.
आर्थिक कार्य विभाग (DEA): सचिव अनुराधा ठाकुर को इस नियुक्ति की प्रतिलिपि भेजी गई है.
PMO और कैबिनेट सचिवालय: प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय को भी इस सूचना से अवगत करा दिया गया है.
सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में के.वी.आर. मूर्ति का चयन उनकी प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय प्रबंधन में गहरी पकड़ को दर्शाता है. तीन साल का यह कार्यकाल सेबी के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि बाजार नियामक के रूप में संस्था के पास निवेशकों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौतियां हैं.
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