नेचुरल गैस 25% हो सकती है सस्ती, घट सकती हैं रसोई गैस, यूरिया और CNG की कीमतें

Natural gas: नेचुरल गैस के दाम हर छह महीने पर 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को तय किये जाते हैं. प्राकृतिक गैस का उपयोग उर्वरक और बिजली उत्पादन में किया जाता है. 
नेचुरल गैस 25% हो सकती है सस्ती, घट सकती हैं रसोई गैस, यूरिया और CNG की कीमतें

प्राकृतिक गैस की कीमत में 1 अक्टूबर को 12.5 प्रतिशत की कटौती की गई थी. (रॉयटर्स)

Natural gas: वैश्विक स्तर पर दाम में नरमी के साथ देश में नेचुरल गैस (Natural Gas) की कीमतों में अप्रैल से 25 प्रतिशत की कटौती हो सकती है. सूत्रों ने यह जानकारी दी. सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी (ONGC) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (IOCL) 1 अप्रैल से छह महीने की अवधि के लिये गैस के दाम में कटौती कर करीब 2.5 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट कर सकती हैं. पीटीआई की खबर के मुताबिक, फिलहाल यह 3.23 डॉलर प्रति यूनट है. देश में उत्पादित गैस में इन दोनों कंपनियों की अच्छी-खासी हिस्सेदारी है.

सूत्रों के अनुसार कठिन फील्डों से उत्पादित गैस के दाम भी मौजूदा 8.43 डॉलर प्रति यूनिट से कम कर 5.50 डॉलर प्रति यूनिट की जा सकती है. नेचुरल गैस के दाम हर छह महीने पर 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को तय किये जाते हैं. प्राकृतिक गैस का उपयोग उर्वरक और बिजली उत्पादन में किया जाता है.

साथ ही उसका उपयोग वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग के लिये सीएनजी और घरों में खाना पकाने की गैस में होता है. गैस की दर से जहां यूरिया, बिजली और सीएनजी की कीमतें तय होती हैं, वहीं इससे ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) जैसी गैस उत्पादकों की आय भी निर्धारित होती है.

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इससे पहले, प्राकृतिक गैस (नेचुरल गैस) की कीमत में 1 अक्टूबर को 12.5 प्रतिशत की कटौती की गई थी. इसके तहत दर 3.69 डॉलर प्रति यूनिट से कम कर 3.23 डॉलर प्रति यूनिट किया गया. वहीं कठिन क्षेत्रों से उत्पादित गैस के लिये कीमत उच्चतम स्तर 9.32 डॉलर प्रति यूनिट से घटाकर 8.43 डॉलर प्रति यूनिट किया गया.

सूत्रों ने कहा कि दाम में कटौती से देश की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी ओएनजीसी की आय पर असर पड़ेगा. गैस की कीमतों में कटौती से ओएनजीसी जैसी कंपनियों की आय कम होगी लेकिन इससे सीएनजी (CNG) के दाम भी कम होंगे जिसका उपयोग कच्चे माल के रूप में प्राकृतिक गैस में किया जाता है. साथ ही घरों में पाइप के जरिये पहुंचने वाली रसोई गैस और उर्वरक तथा पेट्रोरसायन की लागतें भी कम होंगी. सूत्रों के अनुसार ओएनजीसी का गैस करोबार से आय और कमाई करीब 3,000 कम होगी.

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गैस के दाम में एक डॉलर प्रति यूनिट के बदालाव से यूरिया की उत्पादन लागत करीब 1,600 से 1,800 रुपये प्रति टन का बदलाव आता है. कीमत में कटौती से सरकार की सब्सिडी में 2020-21 की पहली छमाही में 800 करोड़ रुपये की कमी आएगी.