क्या गोल्ड पर सच में खराब हो गया सेंटीमेंट? MCX पर सुस्त पड़ा सोना, चांदी सीधे ₹3,800 हुई सस्ती; अब आगे क्या?

Gold Price Today: बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील की हो रही है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से हालात सामान्य होने तक सोना खरीदने से बचने की सलाह दी है. इसके बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या सच में Gold Sentiment कमजोर पड़ने लगा है?
क्या गोल्ड पर सच में खराब हो गया सेंटीमेंट? MCX पर सुस्त पड़ा सोना, चांदी सीधे ₹3,800 हुई सस्ती; अब आगे क्या?

सोने-चांदी के दामों में लौटी गिरावट. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Canva)

Gold Price Today: सोने और चांदी में पिछले कुछ दिनों की जोरदार तेजी के बाद फिलहाल सुस्ती देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार दोपहर सोना लगभग फ्लैट कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी शुरुआती तेजी के बाद फिसल गई.

बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील की हो रही है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से हालात सामान्य होने तक सोना खरीदने से बचने की सलाह दी है. इसके बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या सच में Gold Sentiment कमजोर पड़ने लगा है?

क्या है सोने-चांदी का भाव? (MCX Gold-Silver Price)

MCX पर Gold का जून कॉन्ट्रैक्ट दोपहर में ₹1,53,000 से ₹1,54,240 के रेंज में ट्रेड करता दिखा, जबकि पिछला बंद भाव ₹1,53,663 था. वहीं चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला. घरेलू बाजार में चांदी पहले ₹2.82 लाख के ऊपर पहुंची, लेकिन बाद में फिसल गई. इसमें 3,800 रुपये के करीब गिरावट दर्ज हो रही थी. MCX Silver का भाव दोपहर में करीब ₹2,74,510 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि पिछला क्लोज ₹2,78,311 था.

PM मोदी की अपील से बदला बाजार का मूड?

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कहा था कि सोने के आयात पर देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है और जब तक हालात सामान्य न हों, तब तक सोने की खरीद टालनी चाहिए. इस बयान के बाद बाजार में चर्चा तेज हो गई कि अगर गोल्ड डिमांड कमजोर पड़ती है, तो इसका असर ग्लोबल प्राइस पर भी दिख सकता है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत दुनिया की कुल गोल्ड डिमांड का करीब 15-20% हिस्सा खरीदता है. ऐसे में अगर घरेलू मांग कमजोर पड़ती है, तो अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर दबाव बन सकता है.

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फिर चांदी में इतनी तेजी क्यों?

दिलचस्प बात यह है कि जहां सोने को लेकर सेंटीमेंट थोड़ा कमजोर हुआ है, वहीं चांदी में अब भी बुलिश ट्रेंड बना हुआ है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी की तेजी सिर्फ निवेश की मांग की वजह से नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल डिमांड की वजह से भी है.

Metals Focus के हर्षल बरोट के मुताबिक, चांदी लगातार पांचवें साल डेफिसिट में चल रही है. AI Infrastructure, Data Centers और Semiconductor सेक्टर में सिल्वर की मांग तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि लंबी अवधि में चांदी का आउटलुक मजबूत बना हुआ है.

हालांकि फिजिकल मार्केट में तस्वीर थोड़ी अलग है. Silver Emporium के राहुल मेहता का कहना है कि ज्वेलरी और निवेश की मांग फिलहाल बहुत मजबूत नहीं है. लोग जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहे हैं, खासकर शादी-ब्याह जैसी जरूरतों के लिए.

क्या चांदी ₹3 लाख तक जा सकती है?

कुछ एक्सपर्ट्स अब भी चांदी पर काफी बुलिश हैं. Kotak Securities के सुनील कटके का मानना है कि घरेलू बाजार में चांदी एक हफ्ते के भीतर ₹3 लाख तक पहुंच सकती है. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी $90-$92 तक जा सकती है.

हर्षल बरोट का कहना है कि लंबी अवधि में चांदी $100 तक भी पहुंच सकती है, अगर इंडस्ट्रियल डिमांड इसी तरह मजबूत बनी रही.

कच्चा तेल और रुपये ने भी बढ़ाई चिंता

कमोडिटी मार्केट पर सिर्फ Gold-Silver ही नहीं, बल्कि कच्चे तेल और रुपये का भी बड़ा असर दिख रहा है. Brent Crude फिर से $107 के आसपास पहुंच गया है, जबकि WTI Crude $101 के करीब कारोबार कर रहा है.

वहीं भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले ₹95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. एक्सपर्ट्स का कहना है कि कच्चे तेल के बाद गोल्ड इंपोर्ट ही डॉलर की मांग बढ़ाने वाला दूसरा सबसे बड़ा फैक्टर है. ऐसे में अगर गोल्ड का आयात घटता है, तो रुपये पर दबाव कुछ कम हो सकता है.

कॉपर भी रिकॉर्ड हाई पर

Copper में भी शानदार तेजी बनी हुई है. चीन द्वारा Sulphuric Acid Export पर रोक और Chile के कमजोर उत्पादन की वजह से सप्लाई पर असर पड़ा है. यही वजह है कि Copper ऑल टाइम हाई के आसपास बना हुआ है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि Copper का अगला बड़ा लक्ष्य ₹1,420 हो सकता है.

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