काम की बात: बहुत फायदे का सौदा है Mutual Fund, लेकिन इसमें निवेश से पहले ये सावधानियां बरतना बहुत जरूरी

ज्‍यादातर विशेषज्ञ Mutual Fund को निवेश के लिए सबसे अच्छा विकल्प मान रहे हैं. लेकिन इसमें कुछ जोखिम भी होते हैं, इसलिए म्‍यूचुअल फंड में निवेश से पहले आपको जरूर जान लेनी चाहिए ये 4 बातें.
काम की बात: बहुत फायदे का सौदा है Mutual Fund, लेकिन इसमें निवेश से पहले ये सावधानियां बरतना बहुत जरूरी

आज के समय में हर कोई निवेश के वो विकल्‍प ढूंढता है, जिसमें उसे कम समय में बेहतर रिटर्न मिल सके. ऐसे में म्‍यूचुअल फंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. बीते कुछ समय में लोगों को इससे काफी अच्‍छा रिटर्न मिला है, यही वजह है किआज ज्‍यादातर विशेषज्ञ Mutual Fund को निवेश के लिए सबसे अच्छा विकल्प मान रहे हैं. आप SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए म्‍यूचुअल फंड में निवेश करके लम्बे समय में काफी अच्छा रिटर्न पा सकते हैं. अच्‍छी बात ये है कि म्‍यूचुअल फंड को आप 500 से 1000 रुपए से भी शुरू कर सकते हैं. अगर आप भी म्‍यूचुअल फंड में निवेश करने का मन बना चुके हैं तो इसमें इनवेस्‍ट करने से पहले कुछ बातों को जरूर जान लें, ताकि बाद में किसी तरह का पछतावा न हो.

जोखिमभरा है म्‍यूचुअल फंड

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इस मामले में फाइनेंशियल एक्‍सपर्ट शिखा चतुर्वेदी कहती हैं कि Mutual Funds को जोखिमभरा माना जाता है क्‍योंकि इसका रिटर्न शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता है. हालांकि रिटर्न का जोखिम इस पर निर्भर करता है कि आपने किस तरह के शेयरों का चुनाव किया है. अगर आप लार्जकैप या ब्लूचिप फंड्स में पैसा लगा रहें हैं तो आपके लिए जोखिम कम होगा. वहीं स्मॉलकैप फंड्स में पैसा लगाने पर बढ़त में रिटर्न ज्यादा मिलेगा, लेकिन गिरावट में नुकसान की आशंका भी ज्यादा होगी. इस मामले में Fund Manager के अनुभव मददगार साबित होते हैं. वे इसके जोखिम को कम करने और निवेशकों को बेहतर रिटर्न के मौके बनाते हैं.


सही म्‍यूचुअल फंड का करें चुनाव

निवेश के लिए सही म्‍यूचुअल फंड का चुनाव बहुत जरूरी है. सही यानी वो म्‍यूचुअल फंड जो आपकी जरूरतों को पूरा कर सके. हर व्‍यक्ति को निवेश करने से पहले अपना आर्थिक लक्ष्‍य तय कर लेना चाहिए और इसके बाद ये तय करना चाहिए कि कौन सा म्‍यूचुअल फंड उपर्युक्‍त सा‍बित होगा. उपर्युक्‍त म्‍यूचुअल फंड चुनने के लिए सबसे पहले बेस्‍ट म्‍यूचुअल फंड की दावेदारी करने वाले शीर्ष दावेदारों की लिस्‍ट बनाएं. उनकी तुलना करें और देखें कि आपकी जरूरतों को काैन पूरा कर रहा है. आप चाहें तो आर्थिक सलाहकार की भी मदद ले सकते हैं.


एक्‍सपेंस रेश्‍यो जरूर देखें

म्‍यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले एक्‍सपेंस रेश्‍यो जरूर देख लें. आमतौर पर आपको लगता होगा कि अगर किसी फंड का रिटर्न 15 फीसदी या 18 फीसदी है तो आपको भी निवेश करने पर उतना ही फायदा होगा. लेकिन ऐसा नहीं होता क्‍योंकि इसके बीच एक्सपेंस रेश्यो आ जाता है. आपके म्‍यूचुअल फंड को मैनेजमेंट का जो भी खर्च आता है उसे एक्‍सपेंस रेश्‍यो कहा जाता है. किसी भी फंड का एक्सपेंस रेश्यो ही ये तय करता है कि आपको कोई फंड कितना सस्ता मिलेगा. एक्‍सपेंस रेश्‍यो कम या ज्‍यादा होने का असर आपके रिटर्न पर भी पड़ता है.

महंगाई का जोखिम

म्‍यूचुअल फंड पर महंगाई का जोखिम भी होता है क्‍योंकि इसमें लंबे समय के लिए निवेश किया जाता है. हालांकि आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि यहीं पर आपके फंड मैनेजर का अनुभव भी काम करता है. फंड मैनेजर फंड्स के रिटर्न को ऐसे स्तर तक बनाए रखने की कोशिश करते हैं जिससे महंगाई के असर के बाद भी मुनाफा बेहतर हो.


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