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Jane Street मामले में इनकम टैक्स का एक्शन
शेयर बाजार में गड़बड़ी से जुड़े हाई-प्रोफाइल जेन स्ट्रीट (Jane Street) मामले में एक बड़ा डेवलपमेंट हुआ है. जांच का दायरा बढ़ाते हुए इनकम टैक्स विभाग ने गुरुवार, 31 जुलाई को देश की दिग्गज ब्रोकरेज फर्म नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट (पहले एडलवाइस ब्रोकिंग) के मुंबई स्थित रजिस्टर्ड ऑफिस पर सर्वे किया है. यह कार्रवाई इनकम टैक्स एक्ट की धारा 133A के तहत की गई.
नुवामा ने एक्सचेंज को क्या बताया?
इनकम टैक्स विभाग की इस कार्रवाई के बाद नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट ने तुरंत स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी. BSE को दी गई फाइलिंग में कंपनी ने बताया, "इनकम टैक्स विभाग कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 133A के तहत एक सर्वे कर रहा है. हम संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं."
यह पूरा मामला अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ग्रुप से जुड़ा है, जिस पर भारतीय शेयर बाजार में कैश और वायदा सौदों (F&O) के जरिए हेरफेर करके गलत तरीके से मोटा मुनाफा कमाने का आरोप है. आरोप है कि जेन स्ट्रीट ग्रुप ने गलत तरीके से 4,843 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है.
बाजार नियामक सेबी ने इस मामले में जेन स्ट्रीट ग्रुप की 4,843 करोड़ रुपये की रकम जब्त करने का आदेश दिया था. इस रकम को एक एस्क्रो अकाउंट में रखने को कहा गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, जेन स्ट्रीट के 21 संदेहास्पद ट्रेड का जिक्र है, जिनमें से 18 बार पोजीशन बैंक निफ्टी में बनाई गई थी, जो बाजार में बड़ी उथल-पुथल करने की क्षमता रखती है.
कौन है जेन स्ट्रीट?
जेन स्ट्रीट एक अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म है जो अपने आक्रामक डायरेक्शनल ट्रेड (किसी एक दिशा में बड़ा दांव) के लिए जानी जाती है. भारत में इसकी यूनिट का नाम JSI Investments है. कंपनी की हॉन्ग-कॉन्ग, लंदन और सिंगापुर स्थित शाखाएं भारत में बतौर फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर (FPI) रजिस्टर्ड हैं और यहीं से भारतीय बाजारों में ट्रेड करती हैं. इनकम टैक्स विभाग अब इसी मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए नुवामा जैसी ब्रोकिंग फर्मों पर सर्वे कर रहा है.