Vikram Solar IPO: सौर ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी Vikram Solar का आईपीओ शेयर बाजार में लिस्ट हो गया है. इस आईपीओ का जबरदस्त बज़ बना हुआ था. इसे 54 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था. इसकी लिस्टिंग उसके मुकाबले सुस्त ही हुई है. कंपनी के आईपीओ का कुल इश्यू साइज ₹2,079 करोड़ का था, जिसमें ₹1,500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹579 करोड़ का OFS शामिल था. प्राइस बैंड ₹315-₹332 का था, इसके बदले शेयर 340 रुपये पर लिस्ट हुआ है, जोकि 2 पर्सेंट से थोड़े ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हुआ है.
IPO से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹620 करोड़ जुटाए. इस दौरान 1.86 करोड़ शेयर ₹332 प्रति शेयर के भाव पर आवंटित किए गए. एंकर इन्वेस्टर्स में Goldman Sachs Funds, Kotak Mahindra Funds, Franklin Templeton Fund और Nippon Life Funds शामिल हैं.
Vikram Solar IPO की खास डीटेल्स
Add Zee Business as a Preferred Source
ओपनिंग डेट: 19 अगस्त 2025
क्लोजिंग डेट: 21 अगस्त 2025
प्राइस बैंड: ₹315-₹332
इश्यू साइज: ₹2,079 करोड़
फ्रेश इश्यू: ₹1,500 करोड़
OFS: ₹579 करोड़
Vikram Solar Share Price में आगे क्या करें निवेशक?
मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने इस आईपीओ में ठीक-ठाक लिस्टिंग गेन और मीडियम टर्म के लिए पैसे लगाने की सलाह दी थी. फिलहाल इन्वेस्टर्स को स्टॉपलॉस मेंटेन करके चलने की सलाह है. निवेशक शॉर्ट टर्म लिस्टिंग गेन और मीडियम टर्म होल्डिंग के लिए रख सकते हैं.
कंपनी की पॉजिटिव चीजें क्या हैं?
- कंपनी के प्रमोटर्स का अनुभव और पिछले वर्षों का मजबूत ग्रोथ ट्रैक रिकॉर्ड इसे एक भरोसेमंद कंपनी बनाता है.
- कंपनी अगले तीन वर्षों में अपनी क्षमता लगभग चार गुना बढ़ाने की योजना बना रही है. इससे भविष्य में ग्रोथ के अवसर और बढ़ेंगे.
- पहले कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा एक्सपोर्ट से आता था, लेकिन अब लगभग पूरा रेवेन्यू घरेलू मार्केट से है. यह स्थिरता का संकेत है.
- कंपनी के पास विभिन्न ग्राहकों से बड़ी और विविध ऑर्डर बुक है, जो आने वाले वर्षों में बिज़नेस ग्रोथ सुनिश्चित करती है.
- विक्रम सोलर का ब्रांड सोलर एनर्जी सेक्टर में जाना-पहचाना है और इसके क्लाइंट्स भी प्रतिष्ठित कंपनियां हैं.
- कंपनी लाभदायक है और उसके कैश फ्लो भी पॉजिटिव हैं, जो वित्तीय रूप से इसे मजबूत बनाते हैं.
- कंपनी ने पिछले समय में अपने कर्ज़ में काफी कमी की है, जिससे बैलेंस शीट और मजबूत हुई है.
क्या हैं निगेटिव्स?
- कंपनी का बड़ा हिस्सा चीन और अन्य एशियाई देशों से कच्चे माल पर निर्भर है, जो जोखिम बढ़ाता है.
- कंपनी की 77% कमाई केवल पांच ग्राहकों से आती है. यह क्लाइंट डिपेंडेंसी लंबे समय में रिस्क साबित हो सकती है.
- सोलर इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है और Vikram Solar की हिस्सेदारी अभी सिर्फ 4% है.
- कंपनी पर ₹148 करोड़ का सेफगार्ड ड्यूटी रिसीवेबल्स कानूनी विवाद में अटका हुआ है, जो रिस्क फैक्टर है.
- समान कंपनियों की तुलना में Vikram Solar का वैल्यूएशन थोड़ा महंगा माना जा रहा है.