&format=webp&quality=medium)
साल 2026 भारतीय निवेशकों के लिए 'महाकुंभ' जैसा होने वाला है.
भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला साल यानी 2025 जबरदस्त रहा. करीब 100 से ज्यादा मुख्य बोर्ड के IPO बाजार में आए और निवेशकों ने जमकर पैसा बनाया. लेकिन अगर आपको लगता है कि असली रफ्तार थम गई है, तो आप गलत हैं. साल 2026 में 'बड़े खिलाड़ियों' की एंट्री होने जा रही है. इस साल की पाइपलाइन इतनी मजबूत है कि दलाल स्ट्रीट पर अभी से हलचल शुरू हो गई है.
रिलायंस जियो से लेकर फ्लिपकार्ट और फोनपे तक, कई ऐसी कंपनियां हैं जिनका इंतजार निवेशक बरसों से कर रहे थे. चलिए समझते हैं कि इस साल कौन-कौन सी कंपनियां अपनी किस्मत आजमाने आ रही हैं और फिलहाल वे किस स्टेज पर खड़ी हैं.
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी टेलीकॉम यूनिट 'जियो प्लेटफॉर्म्स' को बाजार में उतारने की पूरी तैयारी कर चुकी है. यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है. फिलहाल कंपनी अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पर काम कर रही है.
यहां पेच सिर्फ इतना है कि कंपनी सरकार की उन अधिसूचनाओं का इंतजार कर रही है, जो सेबी की सिफारिशों पर आधारित हैं. दरअसल, सेबी ने बहुत बड़ी कंपनियों के लिए IPO नियमों में ढील दी है. नए नियमों के मुताबिक, जिन कंपनियों का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है, उन्हें 5 फीसदी के बजाय सिर्फ 2.75 फीसदी हिस्सेदारी बेचनी होगी. वहीं, 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वाली कंपनियों के लिए यह सीमा सिर्फ 2.5 फीसदी होगी.
वॉलमार्ट के मालिकाना हक वाली ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट ने भी अपनी कमर कस ली है. कंपनी ने हाल ही में सिंगापुर से अपना ठिकाना बदलकर भारत करने के लिए NCLT की मंजूरी हासिल कर ली है. यह इस बात का सीधा संकेत है कि कंपनी भारतीय बाजार में लिस्ट होने के लिए बेताब है.
अपनी गवर्नेंस और बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए कंपनी ने दो बड़े दिग्गजों को भी जोड़ा है. जेसन चैपल को वाइस प्रेसिडेंट और ग्रुप कंट्रोलर बनाया गया है, जबकि आमिर हुसैन को फ्लिपकार्ट मिनट्स और ग्रोसरी के सप्लाई चेन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 2026 में फ्लिपकार्ट का पब्लिक ऑफर बाजार में दस्तक दे सकता है.
फिनटेक की दुनिया का बड़ा नाम फोनपे रेस में काफी आगे निकल चुका है. कंपनी को सेबी (SEBI) से फंड जुटाने की मंजूरी मिल गई है. जल्द ही कंपनी अपना अपडेटेड DRHP फाइल कर सकती है. खास बात यह है कि यह IPO पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) हो सकता है, यानी मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे.
फोनपे के आंकड़े भी काफी आकर्षक हैं. वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू 40 फीसदी बढ़कर 7,115 करोड़ रुपये रहा. सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी का फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव हो गया है और एडजस्टेड नेट प्रॉफिट भी तीन गुना बढ़कर 630 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.
क्विक कॉमर्स की रेस में दौड़ रही जेप्टो (Zepto) ने अपना कॉन्फिडेंशियल DRHP फाइल कर दिया है. वहीं, ओयो (OYO) भी इसी रास्ते पर चलते हुए अपनी लिस्टिंग की तैयारी में है. ऑडियो और वियरेबल ब्रांड बोट (boAt) को भी सेबी की मंजूरी मिल चुकी है, जिसका मतलब है कि वे कभी भी बाजार में उतर सकते हैं.
इसके अलावा, SBI म्यूचुअल फंड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. इन कंपनियों ने अभी तक DRHP फाइल नहीं किया है, लेकिन 2026 के कैलेंडर में इनके नाम प्रमुखता से दर्ज हैं.
साल 2026 भारतीय निवेशकों के लिए 'महाकुंभ' जैसा होने वाला है. जहां एक तरफ रिलायंस जियो और फ्लिपकार्ट जैसे नामी ब्रांड्स अपनी वैल्यू अनलॉक करेंगे, वहीं फोनपे और जेप्टो जैसे नए जमाने के स्टार्टअप्स अपनी ताकत दिखाएंगे.
बाजार के जानकारों का मानना है कि इन IPO के आने से मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी और नए निवेशकों को पोर्टफोलियो मजबूत करने का मौका मिलेगा. हालांकि, किसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले उनके ड्राफ्ट पेपर और वित्तीय सेहत को बारीकी से देखना जरूरी है.