Swiggy IPO में अभी नहीं तो कब लगाएं पैसा? जानें मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने क्यों कहा- AVOID

Swiggy IPO Day 2: मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि इस आईपीओ में निवेशकों को पैसा न लगाने की सलाह है. उन्होंने कहा कि स्विगी का IPO केवल उन निवेशकों के लिए है जो बहुत अधिक जोखिम लेने को तैयार हैं.
Swiggy IPO में अभी नहीं तो कब लगाएं पैसा? जानें मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने क्यों कहा- AVOID

Swiggy IPO Day 2: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म और क्विक कॉमर्स कंपनी Swiggy Ltd का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुला हुआ है. 371 से 390 प्राइस बैंड वाला इशू 8 नवंबर को बंद हो रहा है. गुरुवार को दोपहर 03:30 बजे के आसपास तक पब्लिक ऑफर को 32% के आसपास सब्सक्रिप्शन मिला था. यानी कि दूसरे दिन में अभी तक इशू पूरा भी नहीं भरा था. पहले दिन इसे 12 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था. देखना होगा कि ऑफर आखिरी दिन तक पूरा भर पाता है या नहीं.

कंपनी का लक्ष्य आईपीओ से 11,327 करोड़ रुपये जुटाना है, जिसमें 4,499 करोड़ रुपये के शेयरों का नया इशू और 6,828 करोड़ रुपये का बिक्री पेशकश(ओएफएस) शामिल है. स्विगी ने एंकर निवेशकों से 5,085 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं.

Swiggy IPO Subscription Status

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Swiggy IPO को गुरुवार को शाम 4 बजे तक कुल 34% सब्सक्रिप्शन मिला था. हालांकि, रिटेल कैटेगरी में इसे 82% सब्सक्रिप्शन मिल चुका था. वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने इसमें 12% तो क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने इसमें 28% सब्सक्राइब किया था.

Swiggy IPO में अप्लाई करें?

मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि इस आईपीओ में निवेशकों को पैसा न लगाने की सलाह है. उन्होंने कहा कि स्विगी का IPO केवल उन निवेशकों के लिए है जो बहुत अधिक जोखिम लेने को तैयार हैं. इसके पीछे बड़ा कारण यह है कि कंपनी अभी पूरी तरह से लाभ में नहीं आई है और इसका बिजनेस मॉडल पूरी तरह से स्थिर भी नहीं है. इसके अलावा, Zomato के मुकाबले स्विगी का बाजार हिस्सा लगातार घट रहा है और इसके लिए Zomato को पछाड़ना बेहद कठिन हो सकता है. ऐसे में, निवेशकों के लिए सलाह है कि वे पोस्ट-लिस्टिंग के बाद ही स्विगी के शेयर खरीदने का सोचें, जब यह बेहतर वैल्युएशन पर मिले.

स्विगी IPO की पॉजिटिव बातें

कंपनी के पास मजबूत ब्रांड और प्रमोटर्स हैं. फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स में कंपनी के पास ग्रोथ की संभावनाएं बहुत अधिक हैं. इसमें स्विगी का बाजार बढ़ रहा है. डुओपॉली मार्केट में दूसरी बड़ी कंपनी: भारत में स्विगी और Zomato दो मुख्य फूड डिलीवरी कंपनियां हैं, और स्विगी इस क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. डुओपॉली बाजार होने से इसमें ग्रोथ की संभावना बनी रहती है. फूड बिजनेस प्रॉफिटेबल हुआ है. कंपनी ने हाल ही में अपने फूड बिजनेस को प्रॉफिटेबल बना लिया है. Valuation ठीक-ठाक है.

स्विगी IPO के नकारात्मक पहलू

कंपनी अभी तक प्रॉफिटेबल नहीं है. स्विगी का पूरा बिजनेस मॉडल अभी तक प्रॉफिटेबल नहीं है. यह स्थिति निवेशकों के लिए जोखिम भरी है, खासकर शॉर्ट टर्म गेन चाहने वाले निवेशकों के लिए. कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में कमी भी है. स्विगी की बाजार हिस्सेदारी लगातार घट रही है. Zomato का बाजार हिस्सा स्विगी से अधिक है. फूड डिलीवरी एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बिजनेस है, जिसमें Zomato और अन्य कई कंपनियों से स्विगी को टक्कर मिल रही है.

स्विगी की तीन चल रही ESOP योजनाएं कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकती हैं. इसके कारण कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी कम हो सकती है और शेयरधारकों को भी इसका असर देखने को मिल सकता है. इसके उलट Zomato का बिजनेस मॉडल ज्यादा मजबूत और प्रॉफिटेबल है.

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