Seshaasai Technologies IPO: 68 गुना सब्सक्राइब होने के बावजूद सुस्त लिस्टिंग और फिर फिसला शेयर, चेक करें स्टॉक प्राइस

Seshaasai Technologies Share Price: सब्सक्रिप्शन तो इस आईपीओ में बंपर था, लेकिन इशू की लिस्टिंग उतनी मजेदार नहीं रही. इस आईपीओ को कुल 68.1x सब्सक्राइब किया गया था. रिटेल में  9.2x, NII ने 49.9x और QIB ने 189.6x सब्सक्राइब किया था.
Seshaasai Technologies IPO: 68 गुना सब्सक्राइब होने के बावजूद सुस्त लिस्टिंग और फिर फिसला शेयर, चेक करें स्टॉक प्राइस

Seshaasai Technologies Share Price: क्रेडिट, डेबिट कार्ड्स बनाने वाली कंपनी शेषासाई टेक्नोलॉजीज का आईपीओ मंगलवार (30 सितंबर) को शेयर बाजार में लिस्ट हो गया. शेषासाई टेक्नोलॉजीज आईपीओ का प्राइस बैंड ₹402.00 से ₹423.00 प्रति शेयर तय था. इसके मुकाबले शेयर 3.07% के प्रीमियम पर 436 रुपये पर लिस्ट हुआ है. शेयर BSE पर 436 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था. हालांकि, इसके बाद इसमें गिरावट नजर आई है और ये 422 रुपये के भाव पर ट्रेड करता दिखा.

सब्सक्रिप्शन तो इस आईपीओ में बंपर था, लेकिन इशू की लिस्टिंग उतनी मजेदार नहीं रही. इस आईपीओ को कुल 68.1x सब्सक्राइब किया गया था. रिटेल में 9.2x, NII ने 49.9x और QIB ने 189.6x सब्सक्राइब किया था.

कंपनी का आईपीओ ₹813.07 करोड़ का बुक बिल्ड इश्यू है. यह इश्यू 1.13 करोड़ शेयरों के नए इश्यू (Fresh Issue) का संयोजन है, जिसकी कीमत ₹480.00 करोड़ है, और 0.79 करोड़ शेयरों की बिक्री की पेशकश (Offer for Sale) है, जिसकी कीमत ₹333.07 करोड़ है. आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड इस इश्यू का बुक रनिंग लीड मैनेजर है और एमयूएफजी इंटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इसका रजिस्ट्रार है.

क्या करती है कंपनी?

शेषासाई टेक्नोलॉजीज एक ऐसी कंपनी है जो आपके क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और अन्य कार्ड बनाती है. आपकी जेब में मौजूद कई कार्ड्स का निर्माण यही कंपनी करती है.

आईपीओ पर अनिल सिंघवी ने क्या कहा?

IPO खुलने के बाद अनिल सिंघवी ने कहा था कि इस आईपीओ के वैल्यूएशन न तो बहुत ज़्यादा सस्ते हैं और न ही बहुत ज़्यादा महंगे, बल्कि रीज़नेबल हैं. इसलिए, लिस्टिंग पर छोटा-मोटा पैसा बनाने के लिए इसमें पैसा लगाया जा सकता है.

क्या हैं कंपनी के पॉजिटिव फैक्टर्स

कंपनी के प्रमोटर्स काफी अनुभवी हैं और उन्हें इस बिजनेस की अच्छी नॉलेज है. कंपनी कार्ड निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी है, लगभग 32% कार्ड्स का निर्माण यही करती है. बैंक्स और अन्य कार्ड जारी करने वाली संस्थाओं के साथ कंपनी के लंबे समय से मजबूत संबंध हैं. कंपनी लगातार इनोवेटिव समाधान (जैसे प्लास्टिक से मेटल कार्ड्स और चिप्स का अपग्रेडेशन) प्रदान करती है. देशभर में 24 से अधिक जगहों पर कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जिससे प्रोडक्ट्स को आसानी से बेचा जा सकता है.

क्या हैं निगेटिव पहलू?

आजकल डिजिटल भुगतान (UPI, ऑनलाइन) बढ़ने के कारण भौतिक कार्ड्स की मांग धीरे-धीरे कम हो रही है. हालांकि, कंपनी का मानना है कि एक बार अकाउंट खुलने पर कार्ड तो जारी होगा ही. सेमीकंडक्टर और चिप मॉड्यूल्स जैसे रॉ मटेरियल की उपलब्धता में जोखिम है, और आजकल इनकी शॉर्टेज भी है. कंपनी के प्लांट्स का कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (क्षमता उपयोग) थोड़ा कम है, लेकिन व्यवसाय का मॉडल ऐसा ही है जहाँ टेक्नोलॉजी में लगातार अपग्रेडेशन की ज़रूरत होती है.

वित्त वर्ष 2025 में वित्त वर्ष 2024 की तुलना में राजस्व (रेवेन्यू) में कमी आई है, जो धीमी वृद्धि का संकेत है. पिछले तीन सालों में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी, रिटर्न ऑन इक्विटी और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड दोनों में गिरावट देखी गई है, जो वित्तीय रूप से थोड़ी कमज़ोरी दिखाती है.

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