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Sedemac IPO की बाजार में हुई लिस्टिंग.
SEDEMAC Mechatronics IPO Lisitng: शेयर बाजार में बुधवार को SEDEMAC Mechatronics की एंट्री प्रीमियम के साथ हुई है. कंपनी का शेयर BSE पर करीब 1510 रुपये के स्तर पर लिस्ट हुआ, जो इसके 1352 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 11.69% ज्यादा है. लिस्टिंग के साथ ही इस IPO पर निवेशकों की नजर इसलिए भी बनी हुई है क्योंकि कंपनी ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े खास सेगमेंट में काम करती है.
SEDEMAC Mechatronics का 1087 करोड़ रुपये का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था. यानी इस इश्यू के जरिए कंपनी को नई पूंजी नहीं मिली, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी बेची. IPO को निवेशकों से कुल 2.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला.
सबसे ज्यादा दिलचस्पी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की ओर से देखने को मिली, जहां यह हिस्सा करीब 8.46 गुना भरा. रिटेल निवेशकों की श्रेणी करीब 20% भरी, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की श्रेणी में लगभग 77% सब्सक्रिप्शन मिला.
SEDEMAC Mechatronics की शुरुआत साल 2007 में हुई थी. कंपनी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट्स यानी ECUs सप्लाई करती है.
कंपनी का कारोबार भारत के अलावा अमेरिका और यूरोप तक फैला हुआ है. इसके ग्राहक प्रमुख ऑटो OEM कंपनियां हैं.
SEDEMAC खास तौर पर 2-व्हीलर, 3-व्हीलर और इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाहनों के लिए सेंसर-लेस कम्यूटेशन बेस्ड इंटीग्रेटेड स्टार्टर जनरेटर (ISG) ECUs बनाती है.
मार्केट गुरु अनिल सिंघवी के मुताबिक SEDEMAC Mechatronics एक मजबूत बिजनेस मॉडल वाली कंपनी है.
उनके अनुसार कंपनी के प्रमोटर युवा और प्रोफेशनल हैं, जो इसे आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं. इसके अलावा कंपनी में प्री-IPO निवेशकों की सूची में भी कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं.
कंपनी में Infosys के प्रमोटर्स नंदन निलेकणी, नारायण मूर्ति और क्रिस गोपालकृष्णन जैसे बड़े निवेशकों की भागीदारी भी निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत मानी जा रही है.
हालांकि कंपनी के बिजनेस में कुछ जोखिम भी मौजूद हैं, जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए.
सबसे बड़ा जोखिम यह है कि कंपनी का कारोबार अभी भी मुख्य रूप से ICE टेक्नोलॉजी पर केंद्रित है. इलेक्ट्रिक व्हीकल से जुड़ी आय का हिस्सा फिलहाल काफी कम है.
इसके अलावा कंपनी की करीब 75% कमाई एक ही ग्राहक TVS Motor से आती है, जिससे ग्राहक पर निर्भरता का जोखिम बना रहता है.
आईपीओ खुलने के बाद अनिल सिंघवी ने कहा था कि SEDEMAC Mechatronics का बिजनेस मजबूत है, लेकिन निवेश करते समय जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखना जरूरी है. उनकी सलाह थी कि जो निवेशक जोखिम लेने के लिए तैयार हैं, वे एक से तीन साल के नजरिए से इसमें निवेश पर विचार कर सकते हैं. वहीं कम जोखिम लेने वाले निवेशक लिस्टिंग के बाद भी इसमें एंट्री ले सकते हैं या फिर सख्त स्टॉपलॉस के साथ निवेश कर सकते हैं.