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सितंबर 2026 तक आएगा SBI म्यूचुअल फंड का IPO!
अगर आप शेयर बाजार में दिलचस्पी रखते हैं या म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, SBI, अपनी सबसे कमाऊ यूनिट यानी SBI म्यूचुअल फंड को बाजार में लिस्ट करने की तैयारी कर रहा है.
बैंक के चेयरमैन ने संकेत दिए हैं कि सितंबर 2026 तक या उससे भी पहले इस एसेट मैनेजमेंट कंपनी का IPO आ सकता है. यह सिर्फ एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं है, बल्कि भारतीय निवेशकों के बदलते मिजाज की गवाही है. बैंक को इस बार SBI MF से ₹2200 करोड़ का भारी-भरकम डिविडेंड मिला है, जो इसकी ताकत को बयां करता है.
SBI के चेयरमैन Challa Sreenivasulu Setty ने एक बहुत ही गहरी बात कही है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें बैंकों की बैलेंस शीट को एक नए नजरिए से देखना होगा. क्योंकि, लोगों ने अब अपना पैसा बैंक के सेविंग अकाउंट या एफडी में 'पार्क' करना कम कर दिया है. अब आम आदमी का पैसा सीधे पेंशन फंड, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में जा रहा है. यही कारण है कि आज देश का हर बैंक डिपॉजिट जुटाने के लिए संघर्ष कर रहा है. लोग अब सिर्फ 'बचत' नहीं, बल्कि 'वेल्थ क्रिएशन' (संपत्ति बनाना) चाहते हैं.
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इस बदलाव का असर सिर्फ डिपॉजिट पर ही नहीं, बल्कि लोन लेने के तरीकों पर भी पड़ा है. चेयरमैन ने बताया कि अब लोग 'एक्सप्रेस क्रेडिट' (बिना गारंटी वाला पर्सनल लोन) लेने के बजाय गोल्ड लोन को तवज्जो दे रहे हैं.
सोने की आसमान छूती कीमतों ने इसे एक बेहतर विकल्प बना दिया है. कम ब्याज और अपनी संपत्ति की सही वैल्यू मिलने के कारण गोल्ड लोन अब पहली पसंद बन गया है. इसी को देखते हुए SBI ने अपनी क्रेडिट ग्रोथ गाइडेंस को 12-15% तक सीमित किया है और अगले साल बॉन्ड मार्केट से फंड जुटाने की योजना बनाई है.
SBI म्यूचुअल फंड आज देश की अग्रणी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है. जब बैंक को इससे ₹2200 करोड़ का लाभांश (Dividend) मिलता है, तो इसकी प्रॉफिटेबिलिटी का अंदाजा लगाया जा सकता है. सितंबर 2026 की समयसीमा तय करना यह बताता है कि बैंक अब अपनी इस यूनिट की वैल्यू को अनलॉक करने के लिए पूरी तरह तैयार है.