Oswal Pumps IPO: पंप मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Oswal Pumps का शेयर स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने को तैयार है. इसके लिए इसका आईपीओ खुल गया है. 13 जून से ओपन हुआ Oswal Pumps का मेनबोर्ड IPO, और यह 17 जून तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा. कंपनी ने ₹584 से ₹614 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. Oswal Pumps के शेयर 20 जून को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे.
1/8IPO का सब्सक्रिप्शन पहले दिन देखें तो कुल रिजर्व्ड शेयर 1,62,12,980 के मुकाबले दोपहर दो बजे के पहले तक बिड किए गए शेयरों की संख्या 43,40,880 थी. सब्सक्रिप्शन 0.27 गुना हुआ था. रिटेल कैटेगरी में ये 0.31 गुना भरा था.
2/8IPO लॉन्च से पहले, 416.2 करोड़ रुपये की रकम एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाई गई. इसमें ICICI Prudential MF, Aditya Birla Sun Life MF, Kotak MF, Quant MF, Edelweiss Life Insurance, Societe Generale, BNP Paribas, Capital Group और Amundi जैसे बड़े नाम शामिल हैं.
3/8Oswal Pumps Ltd एक दो दशक पुरानी कंपनी है, जो solar-powered और grid-connected submersible/monoblock pumps, electric motors, solar modules का निर्माण करती है. यह सभी प्रोडक्ट्स 'Oswal' ब्रांड नाम से बेचे जाते हैं. खासतौर पर इसका फोकस renewable pumps की ग्रोथ पर है.
4/8इस आईपीओ का कुल पब्लिक इश्यू साइज ₹1,387.34 करोड़ है. इसमें से ₹890 करोड़ का फ्रेश इश्यू है. वहीं, 81 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) जिसकी वैल्यू ₹497.34 करोड़ है. रिटेल निवेशक 24 शेयरों का एक लॉट ले सकते हैं, जिसके लिए न्यूनतम निवेश ₹14,736 (कटऑफ प्राइस पर) होगा.
5/8मार्केट गुरु अनिल सिंघवी की राय है कि निवेशक इस IPO से दूर रहें. इसके लिए उन्होंने कुछ पॉजिटिव और कुछ निगेटिव पॉइंट्स दिए हैं. पॉजिटिव ये हैं कि कंपनी के पास अनुभवी प्रमोटर्स हैं और इनके लिए Renewable Pumps के बिजनेस में मजबूत ग्रोथ की संभावनाएं हैं.
6/8लेकिन ऐसे कई नेगेटिव्स हैं, जो चिंता का कारण हैं, जैसे कि कंपनी दो दशक से ज्यादा पुरानी है लेकिन पिछले सालों में अचानक रेवेन्यू और प्रॉफिट का उछाल चिंता पैदा करता है. FY22 में मार्जिन 5% था, जो FY25 में अचानक 20% तक पहुंच गया. शॉर्ट टर्म उधारी में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई है, ये FY22 में ₹73 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹334 करोड़ हो गया है.
7/8कैश फ्लो निगेटिव हो गया है. FY25 में ₹197 करोड़ की कमी दर्ज हुई. ट्रेड रिसीवेबल्स (बकाया भुगतान) में बड़ी बढ़ोतरी हुई है, इससे फंड मैनेजमेंट पर सवाल उठता है. साथ ही कंपनी की सरकारी ऑर्डर्स और पॉलिसी पर ज्यादा निर्भरता है, ऐसे में ये एक कॉशस रहने की बात है.
8/8हालांकि कंपनी की इंडस्ट्री और प्रोडक्ट लाइन में ग्रोथ की संभावना है, लेकिन फाइनेंशियल्स में अचानक सुधार, कर्ज की स्थिति, निगेटिव कैश फ्लो और सरकारी ऑर्डर्स पर निर्भरता गंभीर जोखिम पैदा करते हैं. अनिल सिंहवी की सलाह के अनुसार इस IPO से दूरी बनाना ही बेहतर है. अगर बाजार स्थिर होता है और कंपनी भविष्य में मजबूत परफॉर्म करती है, तो बाद में अवसर मिल सकते हैं. फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है.