एक और बड़े IPO के लिए हो जाएं तैयार, Paytm के बाद इसपर रहेगी खास नजर; Walmart-Microsoft जैसे प्रमोटर्स बेच रहे हैं हिस्सेदारी

PhonePe IPO: PhonePe का IPO एक बड़ा OFS इश्यू है, जिसमें प्रमोटर्स और शुरुआती निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, जबकि कंपनी खुद कोई नया फंड नहीं जुटाएगी.
एक और बड़े IPO के लिए हो जाएं तैयार, Paytm के बाद इसपर रहेगी खास नजर; Walmart-Microsoft जैसे प्रमोटर्स बेच रहे हैं हिस्सेदारी

PhonePe IPO: देश की एक और फिनटेक कंपनी इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की तैयारी कर रही है. पेमेंट सॉल्यूशन कंपनी PhonePe ने सेबी के पास अपडेटेड DRHP फाइल किया है. सूत्रों के मुताबिक, इसे मंजूरी मिल गई है. यह एक बुक बिल्ड इशू है, जो कि पूरी तरह ऑफर फॉर सेल रहेगा, यानी कि इसमें से प्रमोटर्स और शुरुआती निवेशक अपनी हिस्सेदारी घटा रहे है.

कौन बेच रहा है हिस्सेदारी?

DRHP के मुताबिक, कंपनी के प्रमोटर WM Digital Commerce Holdings और Walmart International Holdings हैं. यह IPO पूरी तरह Offer For Sale (OFS) होगा, यानी इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं होगा और कंपनी को सीधे पैसा नहीं मिलेगा.

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इस इश्यू में कुल मिलाकर करीब 5.06 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे, जिनका फेस वैल्यू ₹1 होगा. सबसे ज्यादा हिस्सेदारी WM Digital Commerce Holdings बेचेगा, जो करीब 4.59 करोड़ शेयर ऑफर करेगा. इसके अलावा Tiger Global करीब 10.39 लाख शेयर और Microsoft Global Finance करीब 36.78 लाख शेयर बेचेंगे. सभी शेयरों का वेटेड एवरेज कॉस्ट करीब ₹1,996.80 प्रति शेयर बताया गया है.

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क्या हैं इशू की दूसरी डीटेल्स?

PhonePe का IPO SEBI के ICDR नियमों के तहत एक खास कैटेगरी में लाया गया है, क्योंकि कंपनी सामान्य प्रॉफिटेबिलिटी क्राइटेरिया को अभी पूरा नहीं करती. PhonePe की फाइलिंग के मुताबिक 30 सितंबर को खत्म हुई छमाही में कंपनी का घाटा बढ़कर ₹1,444 करोड़ हो गया, जो पहले ₹1,203 करोड़ था. वहीं इसी अवधि में कंपनी की आमदनी करीब 22% बढ़कर ₹3,918 करोड़ पहुंच गई. यानी रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ दिखी है, लेकिन खर्च बढ़ने के चलते घाटा भी और ज्यादा हो गया है.

इश्यू में QIB, NII और रिटेल निवेशकों के लिए अलग-अलग रिजर्वेशन रहेगा. इस इश्यू का रजिस्ट्रार KFin Technologies होगा, जो आवेदन और अलॉटमेंट प्रोसेस संभालेगा. Kotak Mahindra Capital, Goldman Sachs, ​JPMorgan, Citi, Morgan Stanley और Jefferies इसके बुक लीड मैनेजर्स में शामिल हैं.

फिलहाल फोनपे आईपीओ में प्राइस बैंड क्या होगा, लॉट साइज वगैरह क्या होगा, इसकी डीटेल्स सामने नहीं आई हैं.

जानकारी है कि PhonePe 2026 के मध्य तक शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है. 2023 में प्राइवेट फंडिंग के दौरान PhonePe की वैल्यूएशन करीब $12 बिलियन थी. बता दें कि 2015 में शुरू हुई PhonePe आज भारत की सबसे बड़ी UPI पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुकी है. दिसंबर 2025 तक वॉल्यूम के आधार पर कंपनी की UPI में 45% से ज्यादा हिस्सेदारी है.

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